एंटेराइटिस (Enteritis) एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जिसमें छोटी आंत (Small Intestine) की भीतरी परत में सूजन (Inflammation) हो जाती है। यह बीमारी अक्सर संक्रमण (Infection), दूषित भोजन (Contaminated Food) या पानी (Water) के सेवन के कारण होती है। इससे पेट में दर्द, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएँ देखने को मिलती हैं। अगर समय पर उपचार न किया जाए तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है।
एंटेराइटिस क्या होता है? (What is Enteritis?)
एंटेराइटिस एक सूजन संबंधी रोग है जो मुख्य रूप से आंतों को प्रभावित करता है। इसमें आंत की परत में जलन और सूजन हो जाती है, जिससे भोजन का पाचन और पोषण का अवशोषण प्रभावित होता है। यह स्थिति किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा अधिक रहता है।
एंटेराइटिस के कारण (Causes of Enteritis)
- बैक्टीरियल संक्रमण (Bacterial Infection) – E.coli, Salmonella, Shigella
- वायरल संक्रमण (Viral Infection) – Rotavirus, Norovirus
- परजीवी (Parasites) – Giardia, Entamoeba histolytica
- दूषित भोजन और पानी (Contaminated Food and Water)
- अत्यधिक शराब सेवन (Excessive Alcohol Consumption)
- दवाइयों का साइड इफेक्ट (Side Effects of Medicines)
- रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)
एंटेराइटिस के लक्षण (Symptoms of Enteritis)
- पेट दर्द (Abdominal Pain)
- दस्त (Diarrhea)
- उल्टी (Vomiting)
- बुखार (Fever)
- थकान (Fatigue)
- डिहाइड्रेशन (Dehydration)
- पेट में ऐंठन (Cramps)
- भूख न लगना (Loss of Appetite)
एंटेराइटिस का इलाज (Treatment of Enteritis)
- दवाइयाँ (Medications) – एंटीबायोटिक्स (Antibiotics), एंटीवायरल (Antivirals), एंटिपैरासाइटिक (Antiparasitic)
- ओआरएस और तरल पदार्थ (ORS and Fluids) – डिहाइड्रेशन रोकने के लिए
- प्रोबायोटिक्स (Probiotics) – आंत की बैक्टीरियल बैलेंस सुधारने के लिए
- आराम (Rest) – शरीर को ठीक होने के लिए
- हल्का भोजन (Light Diet) – सुपाच्य और पोषक भोजन का सेवन
एंटेराइटिस को कैसे रोके? (Prevention of Enteritis)
- साफ और ताजा भोजन करें
- दूषित पानी का सेवन न करें
- भोजन बनाने से पहले हाथ धोएँ
- बाहर का अस्वच्छ भोजन और स्ट्रीट फूड कम खाएँ
- बच्चों को साफ-सफाई का ध्यान रखना सिखाएँ
एंटेराइटिस के घरेलू उपाय (Home Remedies for Enteritis)
- ORS घोल – शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी पूरी करने के लिए
- अदरक का सेवन (Ginger Tea) – पाचन सुधारने और उल्टी कम करने के लिए
- धनिया पानी (Coriander Water) – पेट की सूजन कम करने में सहायक
- दही (Curd) – प्रोबायोटिक्स के रूप में फायदेमंद
- केला और चावल (Banana and Rice) – सुपाच्य और ऊर्जा देने वाला आहार
एंटेराइटिस में सावधानियाँ (Precautions in Enteritis)
- दूषित भोजन और पानी से बचें
- बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से पहले और बाद में हाथ धोएँ
- लक्षण गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें
- डिहाइड्रेशन के संकेत दिखने पर देरी न करें
- बच्चों और बुजुर्गों को विशेष देखभाल दें
एंटेराइटिस की पहचान कैसे करें? (How to Identify Enteritis)
- लगातार दस्त और उल्टी होना
- पेट दर्द और ऐंठन रहना
- डिहाइड्रेशन के लक्षण जैसे प्यास लगना, पेशाब कम होना
- डॉक्टर ब्लड टेस्ट, स्टूल टेस्ट या एंडोस्कोपी द्वारा भी एंटेराइटिस की पुष्टि करते हैं
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: क्या एंटेराइटिस संक्रामक है?
उत्तर: हाँ, यह बैक्टीरिया, वायरस या परजीवी के कारण होने पर संक्रामक हो सकता है।
प्रश्न 2: क्या एंटेराइटिस से वजन कम हो सकता है?
उत्तर: हाँ, लगातार दस्त और उल्टी के कारण शरीर कमजोर हो सकता है और वजन घट सकता है।
प्रश्न 3: क्या बच्चों में एंटेराइटिस ज्यादा होता है?
उत्तर: हाँ, बच्चों में यह अधिक सामान्य है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
एंटेराइटिस (Enteritis) एक आम लेकिन गंभीर समस्या है जो आंतों को प्रभावित करती है। समय पर इलाज, सही खानपान और स्वच्छता का पालन करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें या डिहाइड्रेशन गंभीर हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
