Khushveer Choudhary

Eosinophilic Esophagitis: कारण, लक्षण, इलाज, घरेलू उपाय और रोकथाम"

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस (Eosinophilic Esophagitis) एक दीर्घकालिक (chronic) रोग है जिसमें भोजन नली (esophagus) में ईोसिनोफिल नामक श्वेत रक्त कोशिकाओं (white blood cells) की अत्यधिक मात्रा जमा हो जाती है। यह स्थिति एलर्जी या प्रतिरक्षा तंत्र (immune system) की असामान्य प्रतिक्रिया के कारण होती है। यह रोग बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित कर सकता है और इसका मुख्य असर निगलने में कठिनाई, भोजन अटकना और छाती में दर्द के रूप में दिखाई देता है।









ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस क्या होता है ? (What is Eosinophilic Esophagitis)

जब प्रतिरक्षा तंत्र (immune system) किसी विशेष भोजन, धूल, परागकण (pollen) या अन्य एलर्जेन (allergen) पर असामान्य प्रतिक्रिया करता है, तो ईोसिनोफिल नामक कोशिकाएं भोजन नली की परत में इकट्ठी हो जाती हैं। इससे सूजन (inflammation), जलन, और ऊतक को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर भोजन नली संकुचित (narrow) हो सकती है।

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस कारण (Causes of Eosinophilic Esophagitis)

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. भोजन से एलर्जी (Food Allergy) – दूध, गेहूं, अंडा, सोया, नट्स, मछली आदि।
  2. पर्यावरणीय एलर्जी (Environmental Allergy) – परागकण (pollen), धूल (dust mites), फंगस (fungus)।
  3. आनुवंशिक कारण (Genetic Factors) – परिवार में एलर्जी या अस्थमा (asthma) का इतिहास।
  4. प्रतिरक्षा तंत्र की समस्या (Immune Dysfunction) – शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया का असंतुलन।
  5. अन्य एलर्जिक बीमारियाँ (Other Allergic Conditions) – अस्थमा, एक्जिमा, allergic rhinitis।

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस लक्षण (Symptoms of Eosinophilic Esophagitis)

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस के लक्षण बच्चों और वयस्कों में अलग-अलग हो सकते हैं।

बच्चों में:

  • खाने से मना करना
  • बार-बार उल्टी होना
  • वजन न बढ़ना
  • पेट दर्द

वयस्कों में:

  • निगलने में कठिनाई (Difficulty in swallowing)
  • भोजन का गले में अटकना
  • छाती में दर्द
  • सीने में जलन (heartburn)
  • बार-बार उल्टी होना
  • लंबे समय तक खाने में समय लगना

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस कैसे पहचाने (Diagnosis of Eosinophilic Esophagitis)

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस की पहचान निम्नलिखित परीक्षणों से की जाती है:

  1. एंडोस्कोपी (Endoscopy) – कैमरे से भोजन नली की जांच।
  2. बायोप्सी (Biopsy) – ऊतक का सैंपल लेकर प्रयोगशाला में जांच।
  3. एलर्जी टेस्ट (Allergy Tests) – खाद्य पदार्थों और पर्यावरणीय एलर्जी की जांच।
  4. रक्त परीक्षण (Blood Test) – ईोसिनोफिल की मात्रा का पता लगाने के लिए।

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस इलाज (Treatment of Eosinophilic Esophagitis)

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस का उपचार लक्षणों को कम करने और सूजन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

  1. आहार प्रबंधन (Diet Management):

    1. एलर्जी वाले भोजन को हटाना (Elimination diet)।
    1. दूध, गेहूं, सोया, नट्स आदि को टेस्ट के आधार पर हटाना।
  2. दवाइयाँ (Medications):

    1. स्टेरॉइड (Steroids): Swallowed topical steroids (जैसे fluticasone, budesonide)।
    1. एंटासिड (Antacids): पेट की एसिडिटी कम करने के लिए।
    1. एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाइयाँ सूजन कम करने के लिए।
  3. डायलेटेशन (Dilation):

    1. यदि भोजन नली संकुचित हो जाए तो एंडोस्कोपिक प्रक्रिया से चौड़ा किया जा सकता है।

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस कैसे रोके (Prevention of Eosinophilic Esophagitis)

  • एलर्जिक खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
  • बच्चों में नई डाइट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
  • धूल, परागकण और फंगस से बचाव करें।
  • समय-समय पर एलर्जी टेस्ट करवाएं।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखें।

घरेलू उपाय (Home Remedies for Eosinophilic Esophagitis)

  1. हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लें।
  2. मसालेदार और तैलीय भोजन से परहेज करें।
  3. भोजन को धीरे-धीरे और छोटे टुकड़ों में खाएं।
  4. अदरक का सेवन पेट की समस्या और उल्टी में लाभकारी हो सकता है।
  5. हल्दी दूध (Turmeric milk) सूजन को कम करने में मददगार हो सकता है।

सावधानियाँ (Precautions)

  • डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें।
  • बार-बार भोजन अटकने पर तुरंत जांच करवाएं।
  • छोटे बच्चों में खाने से मना करने को हल्के में न लें।
  • नियमित एंडोस्कोपी और फॉलो-अप करवाते रहें।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?
Ans: यह एक क्रॉनिक रोग है, लेकिन सही इलाज और आहार प्रबंधन से नियंत्रित किया जा सकता है।

Q2. क्या यह रोग बच्चों में ज्यादा होता है?
Ans: यह बच्चों और वयस्क दोनों में हो सकता है, लेकिन बच्चों में एलर्जी से जुड़े मामलों में अधिक देखा जाता है।

Q3. क्या यह बीमारी कैंसर का कारण बन सकती है?
Ans: आमतौर पर यह कैंसर का कारण नहीं बनती, लेकिन लंबे समय तक अनदेखा करने पर जटिलताएं हो सकती हैं।

Q4. क्या डाइट बदलने से ही यह ठीक हो सकती है?
Ans: कई मरीजों में केवल आहार प्रबंधन से ही अच्छा सुधार देखने को मिलता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

ईोसिनोफिलिक एसोफैजाइटिस (Eosinophilic Esophagitis) एक दीर्घकालिक एलर्जिक रोग है जो निगलने में कठिनाई और भोजन अटकने की समस्या पैदा करता है। यह सही आहार, दवाइयों और नियमित चिकित्सा जांच से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। यदि समय पर निदान और इलाज न किया जाए तो यह रोग जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।


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