Khushveer Choudhary

Eosinophilic Gastroenteritis: कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस (Eosinophilic Gastroenteritis) एक दुर्लभ पाचन तंत्र संबंधी रोग है जिसमें आंतों (Intestines) और पेट (Stomach) की परतों में ईोसिनोफिल्स (Eosinophils – सफेद रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार) असामान्य रूप से जमा हो जाते हैं। यह रोग अक्सर एलर्जी (Allergy) और इम्यून सिस्टम (Immune System) की गड़बड़ी से जुड़ा होता है। इसकी वजह से पेट दर्द, दस्त, उल्टी और अपच जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।








ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस क्या होता है ? (What is Eosinophilic Gastroenteritis?)

यह एक इंफ्लेमेटरी (Inflammatory) बीमारी है जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (Gastrointestinal Tract) को प्रभावित करती है। इसमें ईोसिनोफिल्स अत्यधिक मात्रा में इकट्ठा होकर पेट और आंतों की दीवारों में सूजन (Inflammation) पैदा कर देते हैं।

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस कारण (Causes of Eosinophilic Gastroenteritis)

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  1. खाद्य एलर्जी (Food Allergy) – दूध, गेहूँ, सोया, मछली, अंडा आदि से एलर्जी।
  2. इम्यून सिस्टम की असामान्यता (Immune System Dysfunction) – शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र सामान्य खाद्य पदार्थों पर भी आक्रामक प्रतिक्रिया करता है।
  3. वंशानुगत कारण (Genetic Factors) – परिवार में एलर्जी या अस्थमा का इतिहास होना।
  4. पर्यावरणीय कारण (Environmental Factors) – प्रदूषण, धूल-मिट्टी, परागकण (Pollen) आदि।
  5. अन्य रोग (Other Conditions) – अस्थमा (Asthma), एटोपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis), राइनाइटिस (Rhinitis) से पीड़ित लोगों में अधिक जोखिम।

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस के लक्षण (Symptoms of Eosinophilic Gastroenteritis)

इस बीमारी के लक्षण रोगी के शरीर और सूजन की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं:

  • लगातार पेट दर्द (Chronic Abdominal Pain)
  • बार-बार दस्त लगना (Recurrent Diarrhea)
  • मतली और उल्टी (Nausea and Vomiting)
  • पेट में सूजन और गैस (Bloating and Gas)
  • भूख कम लगना (Loss of Appetite)
  • अचानक वजन घटना (Unintentional Weight Loss)
  • खून की कमी (Anemia)
  • प्रोटीन की कमी से शरीर में सूजन (Protein-losing Enteropathy)

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस की पहचान (Diagnosis)

इस रोग का पता लगाने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित जांच कर सकते हैं:

  • रक्त जांच (Blood Test) – ईोसिनोफिल्स की संख्या पता करने के लिए।
  • एंडोस्कोपी (Endoscopy) – पेट और आंत की परतों की जाँच।
  • बायोप्सी (Biopsy) – आंतों की ऊतक जांच करके ईोसिनोफिल्स की मात्रा पता लगाना।
  • इमेजिंग टेस्ट (Imaging Test) – जैसे अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन।

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस इलाज (Treatment of Eosinophilic Gastroenteritis)

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस का इलाज रोगी की स्थिति और लक्षणों पर निर्भर करता है:

  1. दवाइयाँ (Medications)

    1. कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) – सूजन कम करने के लिए।
    1. एंटीहिस्टामिन (Antihistamines) – एलर्जी नियंत्रण के लिए।
    1. इम्यूनोमॉड्युलेटरी ड्रग्स (Immunomodulatory Drugs)।
  2. डाइट मैनेजमेंट (Diet Management)

    1. एलिमिनेशन डाइट (Elimination Diet) – संभावित एलर्जिक खाद्य पदार्थों को हटाना।
    1. हाइपोएलर्जेनिक डाइट (Hypoallergenic Diet)।
  3. सपोर्टिव केयर (Supportive Care)

    1. पोषण सप्लीमेंट्स (Nutritional Supplements)।
    2. प्रोटीन और विटामिन की कमी पूरी करना।

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस से बचाव (Prevention)

  • ज्ञात एलर्जिक खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए संतुलित आहार लें।
  • धूल, प्रदूषण और एलर्जेन से बचें।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच करवाते रहें।

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • हल्दी (Turmeric) – सूजन कम करने में सहायक।
  • अदरक (Ginger) – पाचन सुधारने और पेट दर्द कम करने में उपयोगी।
  • एलोवेरा जूस (Aloe Vera Juice) – आंतों की सूजन को शांत करने में मददगार।
  • संतुलित आहार (Balanced Diet) – आसानी से पचने वाला भोजन लें।
  • प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ (Probiotic Foods) – जैसे दही, आंतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी।

सावधानियाँ (Precautions)

  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें।
  • अचानक वजन कम होने या लगातार पेट की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • छोटे बच्चों और बुजुर्गों में विशेष ध्यान दें।
  • नियमित रूप से ब्लड टेस्ट और मेडिकल चेकअप कराते रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
उत्तर: इसका इलाज संभव है, लेकिन यह रोग क्रॉनिक (Chronic) हो सकता है। सही दवा और डाइट मैनेजमेंट से लक्षण नियंत्रित किए जा सकते हैं।

प्रश्न 2: यह बीमारी किन लोगों को अधिक होती है?
उत्तर: जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या परिवार में एलर्जी का इतिहास है, उन्हें अधिक खतरा होता है।

प्रश्न 3: क्या यह कैंसर में बदल सकता है?
उत्तर: सामान्यतः यह कैंसर में नहीं बदलता, लेकिन लक्षणों को नजरअंदाज करने से गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

ईोसिनोफिलिक गैस्ट्रोएन्टराइटिस (Eosinophilic Gastroenteritis) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर पाचन रोग है, जो मुख्य रूप से एलर्जी और इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी से जुड़ा है। समय पर पहचान, सही इलाज, संतुलित आहार और नियमित जांच से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।


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