Khushveer Choudhary

Hepatic Encephalopathy लक्षण, कारण, इलाज और बचाव के उपाय

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी (Hepatic Encephalopathy) एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका तंत्र से जुड़ा) विकार है, जो मुख्य रूप से लिवर की कार्यक्षमता (Liver Function) में गड़बड़ी होने पर विकसित होता है। इसमें मस्तिष्क (Brain) पर असर पड़ता है क्योंकि लिवर रक्त से टॉक्सिन्स (विषैले पदार्थ) को सही ढंग से फ़िल्टर नहीं कर पाता। इसका परिणाम भ्रम (Confusion), नींद में बदलाव, व्यक्तित्व में परिवर्तन और गंभीर अवस्था में कोमा तक हो सकता है।








हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी क्या होता है (What is Hepatic Encephalopathy)

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर रोग (Liver Disease) या लिवर फेलियर (Liver Failure) के कारण रक्त में अमोनिया (Ammonia) और अन्य विषैले पदार्थ बढ़ जाते हैं। ये पदार्थ सीधे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। यह क्रोनिक लिवर डिजीज (Chronic Liver Disease), सिरोसिस (Cirrhosis) या एक्यूट लिवर फेलियर (Acute Liver Failure) के मरीजों में ज्यादा देखा जाता है।

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी कारण (Causes of Hepatic Encephalopathy)

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  1. लिवर सिरोसिस (Liver Cirrhosis)
  2. एक्यूट लिवर फेलियर (Acute Liver Failure)
  3. पोर्टल वेन शंटिंग (Portal Vein Shunting) – जब खून लिवर से फ़िल्टर हुए बिना सीधे सर्कुलेशन में चला जाए।
  4. अत्यधिक प्रोटीन सेवन (High Protein Intake) – प्रोटीन टूटने पर अमोनिया बढ़ता है।
  5. पाचन तंत्र में रक्तस्राव (Gastrointestinal Bleeding)
  6. इंफेक्शन (Infections)
  7. किडनी फेलियर (Kidney Failure)
  8. डिहाइड्रेशन (Dehydration)
  9. कुछ दवाइयां (Certain Medications) – जैसे सेडेटिव्स (Sedatives) और डाइयुरेटिक्स (Diuretics)।

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी लक्षण (Symptoms of Hepatic Encephalopathy)

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी के लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. मानसिक लक्षण (Mental Symptoms)

    1. भ्रम (Confusion)
    1. स्मृति ह्रास (Memory Loss)
    1. व्यक्तित्व में बदलाव (Personality Changes)
    1. ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई (Difficulty in Concentration)
    1. नींद में गड़बड़ी (Sleep Disturbance)
  2. शारीरिक लक्षण (Physical Symptoms)

    1. हाथों का कांपना (Hand Tremors / Asterixis)
    1. बोली अस्पष्ट होना (Slurred Speech)
    1. असंतुलित चाल (Unsteady Gait)
    1. सुस्ती और थकान (Lethargy and Fatigue)
    1. गंभीर अवस्था में कोमा (Coma)

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी कैसे पहचाने (Diagnosis of Hepatic Encephalopathy)

डॉक्टर निम्नलिखित तरीकों से इसका निदान करते हैं:

  1. क्लिनिकल जांच (Clinical Examination) – लक्षणों का अवलोकन।
  2. ब्लड टेस्ट (Blood Tests) – अमोनिया स्तर, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFTs)।
  3. इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests) – MRI या CT Scan ताकि अन्य न्यूरोलॉजिकल कारणों को बाहर किया जा सके।
  4. EEG (Electroencephalogram) – मस्तिष्क की गतिविधि की जांच।

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी इलाज (Treatment of Hepatic Encephalopathy)

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी का इलाज मुख्य रूप से कारण को नियंत्रित करने और मस्तिष्क पर असर कम करने पर आधारित है।

  1. दवाइयां (Medications)

    1. लैक्टुलोज (Lactulose) – आंतों से अमोनिया निकालने में मदद करती है।
    1. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) – जैसे रिफैक्सीमिन (Rifaximin), जो अमोनिया बनाने वाले बैक्टीरिया को कम करती है।
  2. आहार नियंत्रण (Dietary Management)

    1. प्रोटीन का संतुलित सेवन (कम लेकिन आवश्यक मात्रा में प्रोटीन)।
    1. पौधे आधारित प्रोटीन (Plant-based protein) को प्राथमिकता देना।
  3. कारण का इलाज (Treating Underlying Cause)

    1. इंफेक्शन का इलाज।
    2. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग का नियंत्रण।
    3. डिहाइड्रेशन को ठीक करना।
  4. गंभीर अवस्था में (Severe Cases)

    1. लिवर प्रत्यारोपण (Liver Transplant) की आवश्यकता हो सकती है।

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी कैसे रोके (Prevention of Hepatic Encephalopathy)

  1. लिवर रोग के शुरुआती इलाज पर ध्यान दें।
  2. शराब (Alcohol) का सेवन पूरी तरह बंद करें।
  3. डॉक्टर द्वारा बताए गए डाइट चार्ट का पालन करें।
  4. कब्ज (Constipation) से बचें।
  5. किसी भी संक्रमण का तुरंत इलाज करें।
  6. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • पानी और तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो।
  • पौधे आधारित प्रोटीन जैसे दालें, सोयाबीन, हरी सब्जियां लें।
  • कब्ज से बचाव के लिए फाइबर युक्त आहार खाएं।
  • शराब और तैलीय भोजन से परहेज करें।

सावधानियाँ (Precautions)

  • नियमित रूप से लिवर की जांच कराते रहें।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयां समय पर लें।
  • नींद, मूड या व्यवहार में अचानक बदलाव को हल्के में न लें।
  • अगर मरीज को अत्यधिक भ्रम, बेहोशी या हाथ-पैर कांपने लगे तो तुरंत अस्पताल जाएं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: क्या हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
उत्तर: शुरुआती अवस्था में सही इलाज और देखभाल से ठीक हो सकती है, लेकिन बार-बार दोहराने की संभावना रहती है।

प्रश्न 2: क्या यह बीमारी केवल सिरोसिस के मरीजों को होती है?
उत्तर: अधिकतर सिरोसिस के मरीजों में होती है, लेकिन एक्यूट लिवर फेलियर में भी हो सकती है।

प्रश्न 3: क्या आहार में बदलाव से इसे नियंत्रित किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, प्रोटीन का संतुलित सेवन और पौधे आधारित प्रोटीन का उपयोग करने से नियंत्रण में मदद मिलती है।

प्रश्न 4: क्या यह स्थिति जानलेवा हो सकती है?
उत्तर: हाँ, गंभीर मामलों में यह कोमा और मृत्यु तक ले जा सकती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी (Hepatic Encephalopathy) लिवर रोग से जुड़ी एक गंभीर समस्या है जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है। इसका समय पर इलाज, सही आहार, दवाइयों का उपयोग और जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है। यदि समय रहते लक्षण पहचान लिए जाएं और उपचार शुरू कर दिया जाए तो मरीज की स्थिति को बेहतर किया जा सकता है।

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