Hepatoblastoma (हेपेटोब्लास्टोमा) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर प्रकार का लिवर (जिगर/यकृत) का कैंसर है, जो मुख्यतः बच्चों में पाया जाता है। यह प्रायः 3 साल से कम उम्र के बच्चों में देखा जाता है। यह लिवर की कोशिकाओं (liver cells) से उत्पन्न होता है और तेजी से बढ़ सकता है। समय पर पहचान और इलाज बहुत महत्वपूर्ण है।

Hepatoblastoma क्या होता है (What is Hepatoblastoma)
Hepatoblastoma लिवर का एक प्रकार का कैंसर है जिसमें जिगर की immature (अपूर्ण विकसित) कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। यह कैंसर बच्चों में सबसे आम लिवर ट्यूमर माना जाता है, लेकिन यह अभी भी दुर्लभ है।
Hepatoblastoma कारण (Causes of Hepatoblastoma)
Hepatoblastoma के वास्तविक कारण पूरी तरह से ज्ञात नहीं हैं, लेकिन कुछ जोखिम कारक शामिल हो सकते हैं:
- पूर्व समय में जन्म (Premature Birth) – कम जन्म वजन वाले बच्चों में अधिक जोखिम।
- जन्मजात बीमारियाँ (Congenital Conditions) – Beckwith-Wiedemann Syndrome, Familial Adenomatous Polyposis जैसी बीमारियाँ।
- जीन म्यूटेशन (Genetic Mutations) – कुछ अनुवांशिक कारण ट्यूमर की संभावना बढ़ा सकते हैं।
- लिवर डिसऑर्डर (Liver Disorders) – कुछ दुर्लभ लिवर समस्याएँ भी जोखिम बढ़ा सकती हैं।
Hepatoblastoma लक्षण (Symptoms of Hepatoblastoma)
Hepatoblastoma के शुरुआती लक्षण अक्सर अस्पष्ट होते हैं। आम लक्षणों में शामिल हैं:
- पेट में सूजन या गांठ (Abdominal swelling or mass)
- पेट या ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द (Pain in the abdomen or right upper side)
- वजन कम होना (Unexplained weight loss)
- भूख में कमी (Loss of appetite)
- जी मिचलाना और उल्टी (Nausea and vomiting)
- थकान और कमजोरी (Fatigue)
- त्वचा या आंखों का पीलापन (Jaundice – yellowing of skin and eyes)
Hepatoblastoma कैसे पहचाने (Diagnosis of Hepatoblastoma)
डॉक्टर कई तरीकों से Hepatoblastoma का पता लगा सकते हैं:
- फिजिकल एग्जाम (Physical Exam) – पेट में गांठ या सूजन की जांच।
- ब्लड टेस्ट (Blood Tests) – Alpha-fetoprotein (AFP) लेवल बढ़ा हुआ होना एक संकेत।
- इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests) – Ultrasound, CT Scan, MRI से लिवर में ट्यूमर की स्थिति पता लगती है।
- बायोप्सी (Biopsy) – टिशू का नमूना लेकर कैंसर की पुष्टि।
Hepatoblastoma इलाज (Treatment of Hepatoblastoma)
Hepatoblastoma का इलाज ट्यूमर की अवस्था, बच्चे की उम्र और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है:
- सर्जरी (Surgery) – ट्यूमर को पूरी तरह हटाना प्राथमिक उपचार है।
- केमोथेरपी (Chemotherapy) – सर्जरी से पहले या बाद में ट्यूमर को छोटा करने या बचाने के लिए।
- लिवर ट्रांसप्लांट (Liver Transplant) – अगर ट्यूमर बहुत बड़ा हो या लिवर में फैला हो।
- सपोर्टिव केयर (Supportive Care) – पोषण, दर्द प्रबंधन, और अन्य सहायक उपचार।
Hepatoblastoma कैसे रोके (Prevention of Hepatoblastoma)
Hepatoblastoma को पूरी तरह से रोकना मुश्किल है क्योंकि इसके कारण अक्सर अनुवांशिक और जन्मजात होते हैं। फिर भी, कुछ उपाय मदद कर सकते हैं:
- जन्म के समय बच्चे का सही वजन और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना।
- नियमित बच्चे की स्वास्थ्य जांच (Regular pediatric checkups)।
- जीन संबंधी जोखिम वाले परिवारों में सलाहकार से परामर्श।
घरेलू उपाय (Home Remedies / Supportive Care)
ध्यान दें कि घरेलू उपाय कैंसर का इलाज नहीं कर सकते, लेकिन बच्चे के स्वास्थ्य और ताकत बढ़ाने में मदद कर सकते हैं:
- पौष्टिक और संतुलित आहार (Nutritious and balanced diet)
- पर्याप्त पानी और हाइड्रेशन (Adequate hydration)
- आराम और पर्याप्त नींद (Rest and proper sleep)
- डॉक्टर की सलाह अनुसार सप्लीमेंट्स (Supplements if advised by doctor)
सावधानियाँ (Precautions)
- ट्यूमर के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- डॉक्टर द्वारा दी गई केमोथेरपी या सर्जरी की पूरी गाइडलाइन फॉलो करें।
- बच्चे के पोषण और वजन पर ध्यान दें।
- नियमित फॉलो-अप टेस्ट्स करवाते रहें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. Hepatoblastoma कितने बच्चों को प्रभावित करता है?
A1. यह दुर्लभ है, लगभग हर मिलियन बच्चों में 1–2 मामले पाए जाते हैं।
Q2. क्या Hepatoblastoma इलाज योग्य है?
A2. हां, शुरुआती अवस्था में सर्जरी और केमोथेरपी से इलाज संभव है।
Q3. क्या यह वयस्कों में भी होता है?
A3. बहुत ही दुर्लभ है; ज्यादातर बच्चों में पाया जाता है।
Q4. क्या यह जीन से संबंधित होता है?
A4. कुछ मामलों में अनुवांशिक कारण पाए गए हैं, जैसे Beckwith-Wiedemann Syndrome।
निष्कर्ष (Conclusion)
Hepatoblastoma (हेपेटोब्लास्टोमा) एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य लिवर कैंसर है। समय पर पहचान, सही निदान और उचित उपचार से बच्चों का जीवन बचाया जा सकता है। बच्चों की नियमित जाँच और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना सबसे प्रभावी तरीका है।