Khushveer Choudhary

Kidney Dysplasia कारण, लक्षण, इलाज और रोकथाम

किडनी डिस्प्लासिया (Kidney Dysplasia) एक जन्मजात (Congenital) किडनी विकार है, जिसमें बच्चे की एक या दोनों किडनियाँ ठीक तरह से विकसित नहीं हो पातीं। इस स्थिति में किडनी के कुछ हिस्से सामान्य ऊतकों की जगह सिस्ट (Cysts) यानी छोटे-छोटे तरल से भरे थैले बना लेते हैं, जिससे किडनी का सामान्य कार्य प्रभावित होता है।

यह बीमारी आमतौर पर जन्म के समय ही मौजूद होती है और शिशुओं व बच्चों में पाई जाती है।

किडनी डिस्प्लासिया क्या होता है  (What is Kidney Dysplasia)?

किडनी डिस्प्लासिया वह स्थिति है जिसमें किडनी का विकास भ्रूणावस्था (fetal development) के दौरान ठीक से नहीं होता।
कभी-कभी केवल एक किडनी (Unilateral Dysplasia) प्रभावित होती है, और दूसरी सामान्य किडनी उसकी कमी पूरी कर लेती है।
परंतु यदि दोनों किडनियाँ (Bilateral Dysplasia) प्रभावित हों, तो यह स्थिति जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकती है।

किडनी डिस्प्लासिया के कारण (Causes of Kidney Dysplasia)

यह रोग आमतौर पर जन्मजात (genetic or developmental) कारणों से होता है। प्रमुख कारणों में शामिल हैं:

  1. जीन संबंधी दोष (Genetic Mutations) – भ्रूण के विकास के दौरान जीन में बदलाव।
  2. दवाइयाँ (Medications) – गर्भावस्था के दौरान ली जाने वाली कुछ दवाएँ जैसे ACE inhibitors या ARBs।
  3. गर्भावस्था में संक्रमण (Maternal Infections) – जैसे रुबेला (Rubella) या साइटोमेगालोवायरस (CMV)।
  4. क्रोमोसोमल विकार (Chromosomal Disorders) – कुछ बच्चों में डाउन सिंड्रोम जैसी स्थितियों से जुड़ा हो सकता है।
  5. यूरिनरी ट्रैक में अवरोध (Urinary Obstruction) – भ्रूण में मूत्र का प्रवाह बाधित होने से किडनी का दबाव बढ़ता है।

किडनी डिस्प्लासिया के लक्षण (Symptoms of Kidney Dysplasia)

यदि केवल एक किडनी प्रभावित हो तो अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखता।
लेकिन दोनों किडनियाँ प्रभावित होने पर निम्नलिखित लक्षण देखे जा सकते हैं:

  • शरीर में सूजन (Swelling)
  • उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
  • उल्टी या मिचली (Nausea, Vomiting)
  • भूख में कमी (Loss of Appetite)
  • सांस लेने में कठिनाई (Breathing Problems)
  • पेशाब का कम या न होना (Low Urine Output)
  • बच्चे का विकास रुक जाना (Growth Retardation)

किडनी डिस्प्लासिया कैसे पहचाने (Diagnosis of Kidney Dysplasia)

इस रोग का पता निम्नलिखित जांचों से लगाया जाता है:

  1. अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) – गर्भावस्था या जन्म के बाद किडनी की बनावट देखने के लिए।
  2. CT स्कैन या MRI – किडनी की संरचना और सिस्ट की संख्या जानने के लिए।
  3. ब्लड टेस्ट – किडनी के कार्य (Creatinine, Urea) की जांच के लिए।
  4. यूरिन एनालिसिस (Urine Test) – प्रोटीन या संक्रमण की पहचान के लिए।
  5. जेनेटिक टेस्टिंग (Genetic Testing) – संभावित जीन दोष की पहचान के लिए।

किडनी डिस्प्लासिया का इलाज (Treatment of Kidney Dysplasia)

इलाज इस पर निर्भर करता है कि कितनी किडनी प्रभावित है और स्थिति कितनी गंभीर है:

  1. एक किडनी प्रभावित होने पर

    1. आमतौर पर इलाज की जरूरत नहीं होती, बस नियमित जांच जरूरी होती है।
    2. स्वस्थ किडनी बाकी काम संभाल लेती है।
  2. दोनों किडनियाँ प्रभावित होने पर

    1. डायलिसिस (Dialysis) – शरीर से टॉक्सिन्स निकालने के लिए।
    2. किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) – स्थायी समाधान के रूप में।
    3. ब्लड प्रेशर कंट्रोल – दवाइयों से।
    4. संक्रमण का इलाज (Antibiotics) – यदि संक्रमण मौजूद हो।

घरेलू उपाय (Home Remedies for Kidney Health)

हालांकि यह बीमारी जन्मजात होती है और चिकित्सा आवश्यक है, लेकिन स्वस्थ किडनी को सुरक्षित रखने के लिए कुछ उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएँ।
  • नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
  • धूम्रपान और शराब से बचें।
  • फल, सब्जियाँ और फाइबर युक्त आहार लें।
  • ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर को नियंत्रित रखें।

किडनी डिस्प्लासिया कैसे रोके (Prevention of Kidney Dysplasia)

किडनी डिस्प्लासिया पूरी तरह से रोकी नहीं जा सकती, लेकिन कुछ सावधानियों से जोखिम कम किया जा सकता है:

  • गर्भावस्था के दौरान दवाइयाँ केवल डॉक्टर की सलाह से लें।
  • संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण कराएँ।
  • संतुलित आहार और पर्याप्त पानी लें।
  • गर्भावस्था में नियमित अल्ट्रासाउंड करवाएँ।
  • हानिकारक रसायनों और दवाओं से दूरी रखें।

सावधानियाँ (Precautions)

  • बच्चे के पेशाब के पैटर्न पर नजर रखें।
  • किसी भी सूजन या सांस की तकलीफ को नजरअंदाज न करें।
  • ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएँ।
  • डॉक्टर द्वारा सुझाए गए समय पर जांच और फॉलो-अप करवाएँ।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. क्या किडनी डिस्प्लासिया ठीक हो सकती है?
यदि केवल एक किडनी प्रभावित है, तो हाँ, बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है।

2. क्या यह बीमारी वंशानुगत होती है?
कभी-कभी यह जीन संबंधी कारणों से होती है, लेकिन हर मामले में नहीं।

3. क्या यह स्थिति जानलेवा हो सकती है?
दोनों किडनियाँ प्रभावित होने पर हाँ, यह जानलेवा हो सकती है।

4. क्या ऐसे बच्चे सामान्य जीवन जी सकते हैं?
यदि एक किडनी स्वस्थ है, तो बच्चा सामान्य रूप से बढ़ सकता है और जीवन जी सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

किडनी डिस्प्लासिया एक जन्मजात किडनी विकार है जो अक्सर बच्चों में देखा जाता है। यदि केवल एक किडनी प्रभावित हो तो चिंता की बात नहीं होती, लेकिन दोनों के प्रभावित होने पर तुरंत चिकित्सा आवश्यक होती है। नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह इस स्थिति को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।


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