Khushveer Choudhary

Syndrome of Inappropriate Antidiuretic Hormone secretion - (SIADH) कारण, लक्षण और उपचार

​सिंड्रोम ऑफ इनप्रोप्रिएट एंटीडाययुरेटिक हार्मोन (Syndrome of Inappropriate Antidiuretic Hormone secretion - SIADH) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में एंटीडाययुरेटिक हार्मोन (ADH) का अत्यधिक उत्पादन होने लगता है। यह हार्मोन गुर्दों (Kidneys) को शरीर में पानी रोकने का संकेत देता है। जब इसकी मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तो शरीर में पानी की अधिकता हो जाती है और रक्त में सोडियम (Sodium) का स्तर खतरनाक रूप से कम हो जाता है।

​SIADH क्या होता है? (What is SIADH?)

​सामान्य स्थिति में, 'पीयूष ग्रंथि' (Pituitary Gland) शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने के लिए ADH रिलीज करती है। लेकिन SIADH में, शरीर जरूरत न होने पर भी इस हार्मोन का रिसाव करता रहता है। इसके परिणामस्वरूप 'हाइपोनेट्रेमिया' (Hyponatremia) हो जाता है, जिसका अर्थ है रक्त में नमक (सोडियम) की कमी। सोडियम मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के कार्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

​SIADH के लक्षण (Symptoms of SIADH)

​SIADH के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि सोडियम का स्तर कितनी तेजी से गिर रहा है।

​शुरुआती लक्षण (Early Symptoms):

  • जी मिचलाना और उल्टी (Nausea and Vomiting)
  • सिरदर्द (Headache)
  • थकान और कमजोरी (Fatigue and Weakness)
  • मांसपेशियों में ऐंठन (Muscle Cramps)

​गंभीर लक्षण (Severe Symptoms):

  • भ्रम की स्थिति (Confusion and Disorientation)
  • चिड़चिड़ापन और मतिभ्रम (Irritability and Hallucinations)
  • दौरे पड़ना (Seizures)
  • कोमा (Coma)
  • सुस्ती और अत्यधिक नींद आना (Extreme Lethargy)

​SIADH के कारण (Causes of SIADH)

​इसके पीछे कई कारक हो सकते हैं:

  • मस्तिष्क विकार (Brain Disorders): स्ट्रोक, चोट, संक्रमण (जैसे मेनिनजाइटिस) या ट्यूमर।
  • कैंसर (Cancer): फेफड़ों का कैंसर (Small Cell Lung Cancer) अक्सर ADH जैसा पदार्थ बनाता है।
  • दवाएं (Medications): कुछ एंटी-डिप्रेसेंट, मिर्गी की दवाएं और कीमोथेरेपी की दवाएं।
  • फेफड़ों के रोग (Lung Diseases): निमोनिया, टीबी (Tuberculosis) या अस्थमा।
  • सर्जरी (Surgery): सर्जरी के बाद शरीर में होने वाले तनाव के कारण भी हार्मोन असंतुलित हो सकता है।

SIADH ​कैसे पहचानें? (How to Identify/Diagnosis?)

​SIADH की पहचान के लिए डॉक्टर निम्नलिखित जांच करवाते हैं:

  • रक्त परीक्षण (Blood Test): सोडियम, पोटेशियम और ऑस्मोलैलिटी (Osmolality) की जांच के लिए।
  • मूत्र परीक्षण (Urine Test): पेशाब में सोडियम की सांद्रता मापने के लिए।
  • इमेजिंग (Imaging): सीटी स्कैन (CT Scan) या एमआरआई (MRI) के जरिए फेफड़ों या मस्तिष्क में किसी समस्या का पता लगाने के लिए।

SIADH ​इलाज (Treatment of SIADH)

​इलाज का मुख्य लक्ष्य सोडियम के स्तर को सुरक्षित रूप से सामान्य करना और मूल कारण को ठीक करना है:

  • तरल पदार्थ का प्रतिबंध (Fluid Restriction): यह सबसे महत्वपूर्ण उपचार है। मरीज को दिन भर में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन बहुत सीमित (अक्सर 1 लीटर से कम) करना होता है।
  • दवाएं (Medications): वैप्टन्स (Vaptans) जैसी दवाएं जो ADH के प्रभाव को रोकती हैं, या मूत्रवर्धक (Diuretics) दवाएं।
  • इंट्रावेनस सलाइन (IV Saline): गंभीर मामलों में, सोडियम के स्तर को बढ़ाने के लिए नस के जरिए नमक का घोल दिया जाता है।
  • अंतर्निहित कारण का उपचार: यदि कारण कैंसर या संक्रमण है, तो उसका इलाज करना अनिवार्य है।

​घरेलू उपाय और सावधानी (Home Remedies and Precautions)

  • पानी की मात्रा का हिसाब: डॉक्टर द्वारा बताई गई तरल सीमा का सख्ती से पालन करें।
  • प्रोटीन और नमक वाला आहार: आहार में प्रोटीन और नमक की मात्रा बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है (डॉक्टर की सलाह पर)।
  • वजन की निगरानी: अचानक वजन बढ़ने का मतलब शरीर में पानी का जमा होना हो सकता है।
  • शराब से परहेज: यह तरल संतुलन को और बिगाड़ सकती है।

​इसे कैसे रोकें? (How to Prevent?)

​चूंकि SIADH अक्सर अन्य बीमारियों के कारण होता है, इसलिए इसे पूरी तरह रोकना कठिन है। हालांकि, दवाओं के दुष्प्रभावों के प्रति सतर्क रहकर और पुरानी बीमारियों (जैसे फेफड़ों या मस्तिष्क की समस्या) का सही इलाज कराकर जोखिम कम किया जा सकता है।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या SIADH ठीक हो सकता है?

हाँ, यदि इसका कारण (जैसे कोई दवा या संक्रमण) ठीक कर दिया जाए, तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है।

2. हाइपोनेट्रेमिया क्या है?

यह रक्त में सोडियम की कमी होने की स्थिति है, जो SIADH का मुख्य परिणाम है।

3. क्या SIADH में बहुत अधिक पानी पीना खतरनाक है?

हाँ, SIADH के मरीजों के लिए अधिक पानी पीना जानलेवा हो सकता है क्योंकि उनका शरीर अतिरिक्त पानी को बाहर नहीं निकाल पाता।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​SIADH एक जटिल स्थिति है जो शरीर के इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को बिगाड़ देती है। यदि समय पर पहचान हो जाए, तो इसे केवल पानी के सेवन को नियंत्रित करके भी प्रबंधित किया जा सकता है। लेकिन लापरवाही बरतने पर यह मस्तिष्क के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

​क्या आप SIADH के लिए उपयुक्त विशिष्ट डाइट चार्ट या दवाओं के बारे में अधिक जानना चाहेंगे?

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