Congenital Hypothyroidism (जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म) एक ऐसी स्थिति है जिसमें नवजात शिशु की थायरॉयड ग्रंथि जन्म से ही कम या बिलकुल भी सक्रिय नहीं होती। यह थायरॉइड हार्मोन की कमी के कारण होता है, जो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक होता है। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह मानसिक मंदता और विकास में बाधा का कारण बन सकता है।

Congenital Hypothyroidism क्या होता है ? (What is Congenital Hypothyroidism?)
यह एक एंडोक्राइन डिसऑर्डर है जिसमें थायरॉइड हार्मोन (T3, T4) का निर्माण अपर्याप्त होता है या बिल्कुल नहीं होता। यह हर 2,000 से 4,000 नवजातों में से एक को प्रभावित करता है और लड़कियों में यह अधिक आम होता है।
Congenital Hypothyroidism कारण (Causes of Congenital Hypothyroidism):
1. थायरॉइड ग्रंथि का विकसित न होना (Aplasia या Dysgenesis)
- थायरॉइड ग्रंथि मौजूद नहीं होती या गलत स्थान पर होती है (ectopic thyroid)
2. हॉर्मोन बनाने में दोष (Dyshormonogenesis)
- ग्रंथि मौजूद होती है, लेकिन हार्मोन बनाने में असमर्थ
3. पिट्यूटरी ग्लैंड की समस्या
- TSH हार्मोन न बनने के कारण थायरॉइड सक्रिय नहीं हो पाता
4. जिनेटिक कारण (Genetic mutations)
- PAX8, TSHR, आदि जीन में दोष
5. माँ से बच्चे में ट्रांसफर हुआ एंटीबॉडी या दवाएं
Congenital Hypothyroidism के लक्षण (Symptoms of Congenital Hypothyroidism):
जन्म के समय लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन यदि समय पर इलाज न मिले तो 2-6 हफ्तों में लक्षण उभरने लगते हैं।
- जन्म के समय ज्यादा वजन और सूजा हुआ चेहरा
- कमजोर रोना (Hoarse cry)
- सुस्तता या अधिक नींद आना (Lethargy)
- त्वचा का पीला या सूखा होना (Jaundice, dry skin)
- बढ़ा हुआ जीभ (Macroglossia)
- कब्ज (Constipation)
- नाक से सांस लेने में कठिनाई
- नाभि का बाहर आना (Umbilical hernia)
- ठंडा शरीर और धीमी वृद्धि दर
- मानसिक और शारीरिक विकास में देरी (यदि देर से निदान हो)
कैसे पहचाने (Diagnosis of Congenital Hypothyroidism):
- नवजात स्क्रीनिंग (Newborn screening test) – जन्म के 2-5 दिन के भीतर
- TSH और Free T4 की जांच –
- TSH ↑ (बढ़ा हुआ)
- Free T4 ↓ (कम)
- Scintigraphy (Thyroid scan) – थायरॉइड ग्रंथि की स्थिति जानने के लिए
- Ultrasound of neck – थायरॉइड का आकार और स्थान देखने के लिए
- Genetic testing – यदि परिवार में इतिहास हो
Congenital Hypothyroidism इलाज (Treatment of Congenital Hypothyroidism):
यह एक आजीवन इलाज योग्य बीमारी है यदि समय पर इलाज शुरू किया जाए।
1. लेवोथायरॉक्सिन (Levothyroxine) टैबलेट द्वारा हार्मोन रिप्लेसमेंट:
- जन्म के पहले 2 हफ्तों में इलाज शुरू करना अनिवार्य
- गोली को दूध या पानी में घोलकर शिशु को देना
- डोज़ वजन और TSH/T4 स्तर पर निर्भर
2. नियमित ब्लड टेस्ट:
- पहले 6 महीने तक हर माह
- फिर 3 से 6 माह में
- TSH और T4 मॉनिटर करना जरूरी
3. मानसिक और शारीरिक विकास की निगरानी
- पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजिस्ट से नियमित फॉलोअप
Congenital Hypothyroidism कैसे रोके (Prevention of Congenital Hypothyroidism):
यह जन्मजात स्थिति है, इसलिए सही मायनों में रोकी नहीं जा सकती, लेकिन कुछ सावधानियाँ मदद कर सकती हैं:
- गर्भावस्था के दौरान थायरॉइड की जांच
- माँ द्वारा ली जा रही दवाओं की समीक्षा
- परिवार में इतिहास हो तो जेनेटिक काउंसलिंग लें
- नवजात स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से कराएं
घरेलू उपाय (Home Remedies) – सहायक रूप में:
इलाज का विकल्प नहीं हैं, केवल पोषण और देखभाल के लिए सहायक:
- स्तनपान कराना – शिशु की इम्युनिटी और विकास में सहायक
- आयरन और आयोडीन युक्त पोषण (यदि उम्र के अनुसार उपयुक्त हो)
- पर्याप्त नींद और स्वच्छ वातावरण
- बच्चे की हलचल और प्रतिक्रिया पर नजर रखें
- दवा समय पर और सही मात्रा में दें
सावधानियाँ (Precautions):
- दवा कभी न छोड़ें, भले ही बच्चा ठीक लगे
- ब्लड टेस्ट को कभी स्किप न करें
- हर विज़िट पर डॉक्टर को विकास की जानकारी दें
- कोई भी नई दवा या सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ही दें
- दवा खाली पेट दें और दूध/आहार से पहले कम से कम 30 मिनट का अंतर रखें
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
Q1. क्या Congenital Hypothyroidism पूरी तरह ठीक हो सकता है?
नहीं, लेकिन समय पर इलाज से बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है।
Q2. क्या दवा पूरी उम्र लेनी होती है?
कुछ मामलों में अस्थायी हो सकता है, लेकिन अधिकतर में आजीवन दवा जरूरी होती है।
Q3. क्या इसका मानसिक विकास पर असर पड़ता है?
यदि इलाज देरी से शुरू हो तो हाँ। समय पर इलाज से मानसिक विकास सामान्य हो सकता है।
Q4. क्या बच्चा सामान्य स्कूल जा सकेगा?
बिलकुल, यदि इलाज नियमित और सही तरीके से हुआ हो।
निष्कर्ष (Conclusion):
Congenital Hypothyroidism (जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म) एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य स्थिति है। यदि समय पर जांच और हार्मोन थेरेपी शुरू की जाए, तो बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से सामान्य जीवन जी सकता है। नवजात की स्क्रीनिंग और नियमित फॉलोअप ही इस बीमारी की कुंजी हैं।