Semen Analysis क्या है? जानिए कारण, प्रक्रिया, लक्षण, सावधानियाँ, घरेलू उपाय और निष्कर्ष

सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis), जिसे वीर्य परीक्षण भी कहा जाता है, एक विशेष लैब परीक्षण होता है जो पुरुष के वीर्य (semen) और शुक्राणुओं (sperm) की गुणवत्ता और संख्या की जांच करता है। यह परीक्षण आमतौर पर पुरुषों की प्रजनन क्षमता (fertility) का मूल्यांकन करने या वासेक्टॉमी (vasectomy) के बाद परिणाम की पुष्टि करने के लिए किया जाता है।

सीमेन एनालिसिस क्या होता है ? (What is Semen Analysis?):

सीमेन एनालिसिस एक प्रकार का लैब टेस्ट है जिसमें निम्नलिखित मापदंडों की जांच की जाती है:

  1. वीर्य की मात्रा (Volume)
  2. शुक्राणु संख्या (Sperm Count)
  3. शुक्राणुओं की गतिशीलता (Motility)
  4. शुक्राणुओं की आकृति (Morphology)
  5. pH स्तर
  6. लीकोसाइट्स की उपस्थिति (WBC)
  7. Liquefaction Time और Viscosity

किन कारणों से सीमेन एनालिसिस किया जाता है? (Causes for Semen Analysis):

  1. पुरुष बांझपन (Male infertility) की जांच के लिए
  2. शादी के बाद संतान न होना
  3. शुक्राणु की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए
  4. वासेक्टॉमी के बाद यह जानने के लिए कि शुक्राणु अब मौजूद नहीं हैं
  5. शुक्राणु डोनेशन से पहले

सीमेन एनालिसिस के संकेत (When Should You Get Semen Analysis?):

  1. जब एक वर्ष तक प्रयास करने के बावजूद संतान न हो
  2. जब महिला को गर्भधारण में कोई समस्या न हो और संदेह पुरुष की प्रजनन क्षमता पर हो
  3. सेक्स के बाद वीर्य का असामान्य लक्षण दिखना (जैसे रंग, गंध, गाढ़ापन)

सीमेन एनालिसिस कैसे किया जाता है? (How is Semen Analysis Done?):

  1. नमूना संग्रह (Sample Collection):

    1. आमतौर पर हस्तमैथुन (masturbation) द्वारा वीर्य एक साफ कंटेनर में इकट्ठा किया जाता है।
    1. नमूना घर से या सीधे लैब में लिया जा सकता है, लेकिन 30-60 मिनट के भीतर प्रोसेस करना जरूरी होता है।
  2. विश्लेषण (Analysis):

    1. लैब में वीर्य को माइक्रोस्कोप व अन्य उपकरणों की मदद से जांचा जाता है।

सीमेन एनालिसिस रिपोर्ट में सामान्य मापदंड (Normal Semen Analysis Parameters):

मानक (Parameter) सामान्य सीमा (Normal Range)
Volume 1.5 ml या अधिक
Sperm Count ≥ 15 million/ml
Motility ≥ 40% (प्रगतिशील + अप्रगतिशील)
Morphology ≥ 4% सामान्य रूप में
Liquefaction Time 20-30 मिनट
pH 7.2 से 8.0

सीमेन की गुणवत्ता खराब होने के लक्षण (Symptoms of Poor Semen Quality):

  1. संतान न हो पाना (Infertility)
  2. वीर्य में खून आना
  3. वीर्य का अत्यधिक पतला या गाढ़ा होना
  4. सेक्स के बाद थकावट या दर्द
  5. इरेक्शन या स्खलन में समस्या

सीमेन की गुणवत्ता कैसे सुधारें? (How to Improve Semen Quality):

घरेलू उपाय (Home Remedies):

  1. आंवला (Indian Gooseberry) - एंटीऑक्सीडेंट में भरपूर, शुक्राणु की गुणवत्ता सुधारने में सहायक।
  2. अश्वगंधा (Ashwagandha) - तनाव कम करके टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है।
  3. शिलाजीत (Shilajit) - वीर्य और शक्ति दोनों को सुधारने में मदद करता है।
  4. दूध और केसर (Milk with Saffron) - शुक्राणुओं की मात्रा और गतिशीलता बढ़ाता है।
  5. लहसुन (Garlic) - रक्त संचार और यौन शक्ति में सुधार करता है।

डाइट सुझाव:

  • विटामिन C, D, E, और जिंक युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।
  • धूम्रपान, शराब और ड्रग्स से बचें।
  • अधिक गर्मी (जैसे टाइट अंडरवियर, लैपटॉप गोद में रखना) से अंडकोष को बचाएं।

कैसे रोके सीमेन क्वालिटी की गिरावट? (Prevention Tips):

  1. तनाव से बचें – कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ने से टेस्टोस्टेरोन कम होता है।
  2. नियमित व्यायाम करें – मोटापा शुक्राणु की गुणवत्ता घटाता है।
  3. पर्याप्त नींद लें।
  4. मोबाइल और लैपटॉप को कमर के पास रखने से बचें।

सावधानियाँ (Precautions for Accurate Test):

  1. नमूना देने से पहले 2–7 दिन यौन संबंध न बनाएं।
  2. कंटेनर को साफ और सूखा रखें।
  3. समय पर नमूना लैब में दें।
  4. डॉक्टर की सलाह पर ही दोहराव करवाएं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):

Q. क्या सीमेन एनालिसिस से पुरुष की पूरी प्रजनन स्थिति पता चल जाती है?
A. नहीं, यह एक मुख्य जांच है लेकिन अन्य हार्मोन और जेनेटिक टेस्ट भी जरूरी हो सकते हैं।

Q. क्या एक बार टेस्ट काफी होता है?
A. नहीं, आमतौर पर 2–3 बार टेस्ट अलग-अलग समय पर किया जाता है ताकि स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

Q. टेस्ट के दौरान कोई दर्द होता है क्या?
A. नहीं, यह पूरी तरह नॉन-इनवेसिव और दर्द रहित प्रक्रिया है।

Q. क्या टेस्ट घर पर किया जा सकता है?
A. हाँ, लेकिन सैंपल को 30-60 मिनट के भीतर लैब तक पहुँचाना जरूरी होता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis) पुरुषों की प्रजनन क्षमता का मूल्यांकन करने का एक सरल और आवश्यक परीक्षण है। समय पर यह टेस्ट करवाने से संतान संबंधी समस्याओं का कारण जाना जा सकता है और उचित उपचार की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। यदि टेस्ट में कोई असामान्यता आती है, तो घबराएं नहीं, बल्कि योग्य डॉक्टर से परामर्श लें और जीवनशैली में बदलाव करें।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने