Khushveer Choudhary

Gestational Trophoblastic Disease: कारण, लक्षण, इलाज और रोकथाम

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग (Gestational Trophoblastic Disease - GTD) महिलाओं में गर्भावस्था से जुड़ा एक दुर्लभ लेकिन गंभीर विकार है। इसमें गर्भधारण के दौरान बनने वाली ट्रॉफोब्लास्ट कोशिकाओं (trophoblastic cells) में असामान्य वृद्धि होने लगती है। ये कोशिकाएँ सामान्य रूप से प्लेसेंटा (Placenta) बनाने का काम करती हैं, लेकिन इस रोग में इनकी वृद्धि कैंसर जैसी हो जाती है। इसे समय रहते पहचानना और इलाज करना बहुत आवश्यक है, क्योंकि कुछ प्रकार तेजी से फैल सकते हैं।








गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग क्या होता है  (What is Gestational Trophoblastic Disease)

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग (GTD) असामान्य गर्भधारण से संबंधित बीमारियों का एक समूह है। इसमें निम्न प्रकार की स्थितियाँ शामिल होती हैं:

  1. हाइडेटिडिफॉर्म मोल (Hydatidiform mole या Molar pregnancy) – इसे मोल प्रेग्नेंसी भी कहते हैं। इसमें गर्भ का सामान्य विकास रुक जाता है और गर्भाशय में असामान्य ऊतक बनने लगते हैं।
  2. इनवेसिव मोल (Invasive mole) – इसमें मोल गर्भाशय की मांसपेशियों में फैल जाता है।
  3. कोरियोकार्सिनोमा (Choriocarcinoma) – यह एक घातक (cancerous) रूप है जो शरीर के अन्य अंगों में फैल सकता है।
  4. प्लेसेंटल साइट ट्रॉफोब्लास्टिक ट्यूमर (Placental site trophoblastic tumor) – बहुत दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर।

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग कारण (Causes of Gestational Trophoblastic Disease)

इस रोग के कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ प्रमुख कारण और जोखिम कारक इस प्रकार हैं:

  • असामान्य निषेचन (abnormal fertilization)
  • माँ की उम्र 20 वर्ष से कम या 35 वर्ष से अधिक होना
  • पहले मोल प्रेग्नेंसी का इतिहास
  • पोषण की कमी, विशेषकर विटामिन A और बीटा-कैरोटीन की कमी
  • बार-बार गर्भपात या असफल गर्भधारण

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग लक्षण (Symptoms of Gestational Trophoblastic Disease)

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग के लक्षण सामान्य गर्भधारण से अलग होते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • गर्भावस्था के शुरुआती चरण में असामान्य और अत्यधिक रक्तस्राव
  • गर्भाशय का आकार सामान्य से अधिक बढ़ जाना
  • गंभीर मतली और उल्टी
  • निचले पेट में दर्द या दबाव
  • थकान और कमजोरी
  • योनि से अंगूर जैसे छोटे-छोटे फफोले या ऊतक का निकलना
  • कभी-कभी श्वसन संबंधी लक्षण यदि यह फेफड़ों तक फैल जाए

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग कैसे पहचाने (Diagnosis of Gestational Trophoblastic Disease)

डॉक्टर इस रोग का निदान करने के लिए विभिन्न जांच करते हैं:

  • बीटा-hCG टेस्ट (Beta-hCG Test) – इसमें खून में hCG हार्मोन का स्तर असामान्य रूप से अधिक पाया जाता है।
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) – गर्भाशय में भ्रूण के बजाय असामान्य ऊतक दिखाई देते हैं।
  • बायोप्सी (Biopsy) – टिश्यू की जाँच करके रोग की पुष्टि की जाती है।

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग इलाज (Treatment of Gestational Trophoblastic Disease)

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग का इलाज उसके प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है:

  • डायलेशन और क्यूरेटेज (D&C) – असामान्य ऊतक को गर्भाशय से निकालना।
  • कीमोथेरेपी (Chemotherapy) – यदि रोग कैंसर का रूप ले चुका हो।
  • सर्जरी (Surgery) – गंभीर मामलों में गर्भाशय को हटाना (Hysterectomy)।
  • बीटा-hCG मॉनिटरिंग – इलाज के बाद hCG स्तर की नियमित जांच।

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग कैसे रोके (Prevention of Gestational Trophoblastic Disease)

इस रोग को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियाँ अपनाई जा सकती हैं:

  • गर्भधारण से पहले नियमित स्वास्थ्य जांच
  • संतुलित आहार और पोषण लेना
  • यदि पहले GTD हो चुका है तो अगली गर्भावस्था से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना
  • शुरुआती गर्भधारण में असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाना

घरेलू उपाय (Home Remedies for Support)

यह रोग केवल चिकित्सा उपचार से ठीक हो सकता है, लेकिन कुछ घरेलू उपाय शरीर को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं:

  • विटामिन A, C और E से भरपूर फल और सब्जियाँ खाना
  • आयरन युक्त भोजन (हरी सब्जियाँ, अनाज, दालें) लेना
  • पर्याप्त पानी पीना और शरीर को हाइड्रेटेड रखना
  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार आराम करना

सावधानियाँ (Precautions)

  • बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी घरेलू नुस्खे या दवा का उपयोग न करें
  • इलाज के बाद नियमित चेकअप करवाएँ
  • गर्भधारण की योजना बनाने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें
  • रक्तस्राव या असामान्य लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: क्या गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग कैंसर होता है?
कुछ मामलों में यह कैंसर का रूप ले सकता है, जैसे कि कोरियोकार्सिनोमा।

प्रश्न 2: क्या GTD का इलाज संभव है?
हाँ, समय पर इलाज से यह रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है।

प्रश्न 3: क्या GTD के बाद फिर से गर्भधारण किया जा सकता है?
हाँ, लेकिन डॉक्टर की सलाह और निगरानी में कुछ समय बाद गर्भधारण करना सुरक्षित होता है।

प्रश्न 4: क्या यह रोग बार-बार हो सकता है?
हाँ, जिन महिलाओं को पहले GTD हो चुका है, उनमें पुनः होने का खतरा अधिक रहता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

गर्भकालीन ट्रॉफोब्लास्टिक रोग (Gestational Trophoblastic Disease) एक गंभीर लेकिन उपचार योग्य स्थिति है। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर इलाज लेना बहुत जरूरी है। सही चिकित्सा, पोषण और नियमित जांच से इस रोग से पूरी तरह ठीक होकर महिला सुरक्षित गर्भधारण कर सकती है।


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