Khushveer Choudhary

Glomerulonephritis: कारण, लक्षण, इलाज, रोकथाम, घरेलू उपाय और पूरी जानकारी

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (Glomerulonephritis) एक गंभीर किडनी संबंधी रोग है जिसमें किडनी के फिल्टरिंग यूनिट जिन्हें ग्लोमेरुली (Glomeruli) कहा जाता है, वे सूज जाते हैं या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ये ग्लोमेरुली हमारे खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को निकालकर मूत्र बनाने का काम करते हैं। जब इन पर सूजन आती है, तो किडनी का कार्य प्रभावित होता है और शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं।

यह बीमारी अचानक (Acute Glomerulonephritis) या धीरे-धीरे लंबे समय तक (Chronic Glomerulonephritis) हो सकती है। यदि समय पर इलाज न मिले तो यह किडनी फेल्योर तक पहुंच सकती है।








ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस क्या होता है  (What is Glomerulonephritis)

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें:

  • किडनी के छोटे-छोटे फिल्टर (ग्लोमेरुली) में सूजन आती है।
  • खून से अपशिष्ट छानने की क्षमता कम हो जाती है।
  • पेशाब में खून और प्रोटीन आने लगता है।
  • शरीर में सूजन (Swelling) और उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) बढ़ सकता है।

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस के कारण (Causes of Glomerulonephritis)

  1. संक्रमण (Infections)

    1. स्ट्रेप्टोकोकस (Streptococcal) गले या त्वचा का संक्रमण।
    1. वायरल संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस B, हेपेटाइटिस C, और HIV।
  2. प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधी रोग (Immune System Disorders)

    1. ल्यूपस (Systemic Lupus Erythematosus)।
    1. वेस्कुलाइटिस (Vasculitis)।
  3. आनुवांशिक कारण (Genetic Causes)

    1. परिवार में किडनी रोग का इतिहास।
  4. अन्य कारण (Other Causes)

    1. उच्च रक्तचाप (Hypertension)।
    1. डायबिटीज (Diabetes) से होने वाला नुकसान।
    1. IgA नेफ्रोपैथी (IgA Nephropathy)।

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस के लक्षण (Symptoms of Glomerulonephritis)

  • पेशाब में खून आना (Hematuria)।
  • पेशाब में झाग या अत्यधिक प्रोटीन (Proteinuria)।
  • चेहरे, हाथ-पैर या आंखों के नीचे सूजन।
  • उच्च रक्तचाप।
  • थकान और कमजोरी।
  • बार-बार पेशाब आने की समस्या।
  • भूख में कमी और मतली।

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस की पहचान (Diagnosis of Glomerulonephritis)

  • यूरिन टेस्ट (Urine Test): पेशाब में खून और प्रोटीन की जांच।
  • ब्लड टेस्ट (Blood Test): किडनी फंक्शन जांचने के लिए क्रिएटिनिन और यूरिया लेवल।
  • इमेजिंग टेस्ट (Ultrasound, CT scan): किडनी की संरचना देखने के लिए।
  • किडनी बायोप्सी (Kidney Biopsy): बीमारी की सही स्थिति पता करने के लिए।

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस का इलाज (Treatment of Glomerulonephritis)

इलाज बीमारी के कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है:

  1. दवाइयाँ (Medications)

    1. सूजन कम करने के लिए स्टेरॉयड और इम्यूनोसप्रेसेंट्स।
    1. उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने के लिए दवाइयाँ।
    1. संक्रमण होने पर एंटीबायोटिक्स।
  2. लाइफस्टाइल मैनेजमेंट (Lifestyle Management)

    1. नमक का सेवन कम करना।
    2. प्रोटीन और पोटैशियम का सीमित सेवन।
    3. ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखना।
  3. डायलिसिस (Dialysis)

    1. किडनी सही से काम न करने पर खून से अपशिष्ट बाहर निकालने के लिए।
  4. किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant)

    1. गंभीर और अंतिम अवस्था (End Stage Kidney Disease) में आवश्यक।

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस से बचाव (Prevention of Glomerulonephritis)

  • संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता पर ध्यान दें।
  • समय-समय पर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच कराएं।
  • किसी भी संक्रमण (गले या त्वचा) का समय पर इलाज कराएं।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
  • संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें।

घरेलू उपाय (Home Remedies for Glomerulonephritis)

ध्यान दें: ये केवल सपोर्टिव उपाय हैं, इलाज का विकल्प नहीं।

  • तरल पदार्थ का सेवन चिकित्सक की सलाह अनुसार करें।
  • नमक कम मात्रा में लें।
  • नींबू पानी और नारियल पानी का सीमित सेवन करें।
  • प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें।
  • हरी सब्जियां और फल आहार में शामिल करें।

सावधानियाँ (Precautions)

  • डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।
  • संक्रमण को हल्के में न लें।
  • वजन और ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण रखें।
  • समय-समय पर किडनी की जांच करवाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?
कई मामलों में यह इलाज और समय पर दवाइयों से नियंत्रित हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह क्रॉनिक रूप ले सकता है।

Q2. क्या यह बीमारी किडनी फेल कर सकती है?
हाँ, अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह किडनी फेल्योर का कारण बन सकती है।

Q3. क्या घरेलू उपाय से इलाज संभव है?
नहीं, केवल घरेलू उपाय से इलाज संभव नहीं है। ये केवल सहायक भूमिका निभा सकते हैं।

Q4. क्या यह बीमारी बच्चों को भी हो सकती है?
हाँ, विशेष रूप से संक्रमण के बाद बच्चों में यह हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (Glomerulonephritis) एक गंभीर किडनी रोग है जिसे समय पर पहचानकर और इलाज करके नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लक्षण जैसे पेशाब में खून, प्रोटीन का आना, सूजन और उच्च रक्तचाप को अनदेखा नहीं करना चाहिए। सही इलाज, संतुलित आहार, और नियमित जांच से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है और किडनी को सुरक्षित रखा जा सकता है।


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