Khushveer Choudhary

Gnathostomiasis : कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

ग्नाथोस्टोमायसिस (Gnathostomiasis) एक परजीवी संक्रमण (parasitic infection) है जो Gnathostoma नामक कृमि (worm) के कारण होता है। यह रोग मुख्य रूप से एशियाई देशों जैसे थाईलैंड, जापान और भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। यह बीमारी अक्सर कच्ची या अधपकी मछली, झींगा, मेंढक, मुर्गी या सूअर के मांस खाने से होती है।

यह रोग त्वचा, आंत, यकृत (liver), फेफड़े और कभी-कभी मस्तिष्क (brain) तक को प्रभावित कर सकता है।








ग्नाथोस्टोमायसिस क्या होता है? (What is Gnathostomiasis?)

ग्नाथोस्टोमायसिस एक दुर्लभ परजीवी संक्रमण है जो तब फैलता है जब कोई व्यक्ति Gnathostoma spp. (विशेषकर Gnathostoma spinigerum) के लार्वा (larvae) से संक्रमित भोजन या पानी का सेवन करता है।

  • लार्वा शरीर के अंदर जाकर त्वचा के नीचे घूमते रहते हैं।
  • यह त्वचा में सूजन, दर्द और खुजली का कारण बनता है।
  • गंभीर स्थिति में यह तंत्रिका तंत्र (nervous system) तक पहुँच सकता है और जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।

ग्नाथोस्टोमायसिस के कारण (Causes of Gnathostomiasis)

  1. कच्ची या अधपकी मछली (Raw or undercooked fish)
  2. झींगा (Shrimp) या क्रस्टेशियन (crustaceans)
  3. अधपका मांस – चिकन, सूअर, मेंढक
  4. संक्रमित पानी पीना
  5. दूषित भोजन (contaminated food)

ग्नाथोस्टोमायसिस के लक्षण (Symptoms of Gnathostomiasis)

संक्रमण के 3 से 4 सप्ताह बाद लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

  1. त्वचा संबंधी लक्षण (Cutaneous symptoms):

    1. त्वचा के नीचे गाँठ (swelling under skin)
    1. लाल चकत्ते या दाने
    1. खुजली और दर्द
    1. सूजन जो जगह बदलती रहती है (migrating swelling)
  2. पाचन तंत्र संबंधी लक्षण (Gastrointestinal symptoms):

    1. पेट दर्द (abdominal pain)
    2. उल्टी और मिचली (vomiting, nausea)
    3. दस्त (diarrhea)
  3. तंत्रिका तंत्र पर असर (Neurological symptoms – severe cases):

    1. सिरदर्द (headache)
    1. लकवा (paralysis)
    1. दौरे (seizures)
    1. मस्तिष्क में सूजन (brain inflammation)

ग्नाथोस्टोमायसिस का इलाज (Treatment of Gnathostomiasis)

  1. दवाइयाँ (Medicines):

    1. Albendazole (अल्बेंडाज़ोल)
    1. Ivermectin (आइवरमेक्टिन)
    1. कभी-कभी corticosteroids सूजन कम करने के लिए दिए जाते हैं।
  2. सर्जिकल उपचार (Surgical treatment):

    1. त्वचा के नीचे फंसे लार्वा को शल्यक्रिया से निकालना।
  3. लक्षण आधारित उपचार (Symptomatic treatment):

    1. दर्द कम करने के लिए analgesics
    1. खुजली के लिए antihistamines

ग्नाथोस्टोमायसिस को कैसे पहचाने? (Diagnosis of Gnathostomiasis)

  • रोगी का इतिहास (विशेषकर कच्ची मछली या अधपका मांस खाने का)
  • त्वचा पर घूमती हुई सूजन (migratory swelling)
  • रक्त में Eosinophilia (ईओसिनोफिल्स की वृद्धि)
  • Serological tests (antibody tests)
  • Imaging (MRI/CT) अगर लार्वा मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र में चला गया हो।

ग्नाथोस्टोमायसिस से बचाव (Prevention of Gnathostomiasis)

  1. हमेशा मांस और मछली को अच्छी तरह पका कर खाएँ।
  2. कच्चे समुद्री भोजन से बचें।
  3. दूषित पानी न पिएँ।
  4. भोजन को स्वच्छ रखें।
  5. स्ट्रीट फूड या अधपके व्यंजन से परहेज़ करें।

घरेलू उपाय (Home Remedies for Gnathostomiasis)

ग्नाथोस्टोमायसिस का घरेलू इलाज संभव नहीं है क्योंकि यह परजीवी संक्रमण है। लेकिन राहत के लिए:

  • हल्दी वाला दूध पीने से सूजन और संक्रमण में मदद मिल सकती है।
  • अदरक और लहसुन रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को बढ़ाते हैं।
  • नीम और तुलसी संक्रमण कम करने में सहायक हो सकते हैं।
    (ध्यान दें: यह केवल सहायक उपाय हैं, इलाज का विकल्प नहीं।)

सावधानियाँ (Precautions)

  • कच्चे/अधपके मांस से पूरी तरह बचें।
  • बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मछली और मांस अच्छी तरह पकाकर ही दें।
  • यात्रा के दौरान बोतलबंद या उबला पानी पिएँ।
  • अगर त्वचा पर घूमती हुई सूजन दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या ग्नाथोस्टोमायसिस भारत में भी होता है?
हाँ, भारत के कुछ हिस्सों में भी यह संक्रमण पाया जाता है, खासकर जहाँ लोग कच्ची मछली या अधपका मांस खाते हैं।

Q2. क्या यह बीमारी जानलेवा है?
हाँ, अगर यह मस्तिष्क या तंत्रिका तंत्र में पहुँच जाए तो जानलेवा हो सकती है।

Q3. इसका घरेलू इलाज संभव है?
नहीं, यह परजीवी संक्रमण है इसलिए दवा और डॉक्टर की देखरेख जरूरी है।

Q4. क्या यह बीमारी छूने से फैलती है?
नहीं, यह संक्रामक (contagious) नहीं है, केवल संक्रमित भोजन या पानी से होती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

ग्नाथोस्टोमायसिस (Gnathostomiasis) एक गंभीर परजीवी संक्रमण है जो अधपका या कच्चा मांस/मछली खाने से होता है। इसके लक्षण त्वचा की सूजन से लेकर तंत्रिका तंत्र की समस्याओं तक हो सकते हैं। इसका इलाज Albendazole या Ivermectin जैसी दवाइयों से संभव है।

इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है भोजन को पूरी तरह पकाकर खाना और साफ पानी का उपयोग करना। समय पर पहचान और इलाज से यह रोग नियंत्रित किया जा सकता है।


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