Khushveer Choudhary

Infectious Mononucleosis कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस (Infectious Mononucleosis), जिसे आमतौर पर “मोनो” या “किसिंग डिजीज” कहा जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से एपस्टीन-बार वायरस (Epstein-Barr Virus – EBV) के कारण होता है। यह बीमारी किशोरों और युवाओं में अधिक देखने को मिलती है और संक्रमित लार के ज़रिए फैलती है।

हालांकि यह रोग जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसके लक्षण काफी असुविधाजनक हो सकते हैं और व्यक्ति को कई हफ्तों तक थकावट, बुखार और गले में सूजन का सामना करना पड़ता है।

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस क्या होता है ? (What is Infectious Mononucleosis?)

यह एक वायरल संक्रमण है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को प्रभावित करता है। यह वायरस शरीर में प्रवेश करके गले की ग्रंथियों और रक्त में श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cells) को प्रभावित करता है।

यह रोग खासतौर पर लार (saliva) के माध्यम से फैलता है, इसलिए इसे अक्सर "किसिंग डिजीज" भी कहा जाता है।

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस के कारण (Causes of Infectious Mononucleosis)

मुख्यतः यह संक्रमण एपस्टीन-बार वायरस (Epstein-Barr Virus - EBV) के कारण होता है। इसके अलावा कुछ मामलों में अन्य वायरस भी इसे उत्पन्न कर सकते हैं जैसे:

  • साइटोमेगालोवायरस (Cytomegalovirus – CMV)
  • हर्पीस वायरस (Herpes Virus)
  • टोक्षोप्लाज्मा गोंडी (Toxoplasma gondii)
  • हेपेटाइटिस A, B, C

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस के लक्षण (Symptoms of Infectious Mononucleosis)

संक्रमण के लक्षण 4 से 6 सप्ताह के अंदर दिखाई दे सकते हैं। इसमें निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  • अत्यधिक थकावट (Extreme Fatigue)
  • बुखार (Fever)
  • गले में खराश और सूजन (Sore Throat)
  • गर्दन की लिम्फ नोड्स में सूजन (Swollen Lymph Nodes in Neck)
  • सिरदर्द (Headache)
  • मांसपेशियों में दर्द (Muscle Pain)
  • त्वचा पर चकत्ते (Skin Rash)
  • तिल्ली (Spleen) या यकृत (Liver) का बढ़ना
  • भूख न लगना

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस की पहचान कैसे करें? (How to Diagnose Infectious Mononucleosis?)

इस रोग की पहचान निम्न तरीकों से की जाती है:

  1. शारीरिक परीक्षण (Physical Examination): गले की सूजन, लिम्फ नोड्स की जांच
  2. ब्लड टेस्ट (Blood Tests):
    1. मोनोस्पॉट टेस्ट (Monospot Test)
    1. कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC)
    1. एंटीबॉडी टेस्ट (EBV Antibodies Test)

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस का इलाज (Treatment of Infectious Mononucleosis)

इसका कोई विशेष एंटीवायरल इलाज नहीं है क्योंकि यह एक स्व-सीमित (self-limiting) रोग है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता समय के साथ वायरस को खत्म कर देती है। उपचार में लक्षणों को कम करने के उपाय किए जाते हैं:

  • पर्याप्त आराम (Adequate Rest)
  • तरल पदार्थों का सेवन (Hydration)
  • बुखार और दर्द के लिए पेरासिटामोल या आइबूप्रोफेन
  • गले की खराश के लिए गर्म पानी के गरारे
  • अत्यधिक थकावट होने पर कार्य से ब्रेक लेना

नोट: एंटीबायोटिक्स वायरस पर असर नहीं करते, इसलिए इनका प्रयोग नहीं किया जाता।

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस को कैसे रोका जाए? (How to Prevent Infectious Mononucleosis?)

इस वायरस से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाई जानी चाहिए:

  • संक्रमित व्यक्ति से निकट संपर्क से बचें
  • एक ही बर्तन, गिलास, तौलिया आदि का साझा उपयोग न करें
  • शारीरिक संबंधों (जैसे किसिंग) से बचें जब तक व्यक्ति पूरी तरह ठीक न हो
  • हाथ धोने की आदत डालें
  • प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखें

घरेलू उपाय (Home Remedies for Infectious Mononucleosis)

इस संक्रमण में घरेलू उपाय काफी राहत प्रदान कर सकते हैं:

  1. गर्म पानी के गरारे: गले की सूजन कम करने में सहायक
  2. तुलसी की चाय: वायरस विरोधी गुणों से भरपूर
  3. हल्दी वाला दूध: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
  4. शहद और अदरक: सूजन और गले की जलन में फायदेमंद
  5. नींबू पानी और नारियल पानी: डिहाइड्रेशन से बचाव

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस से जुड़ी सावधानियाँ (Precautions During Infectious Mononucleosis)

  • किसी भी शारीरिक गतिविधि या खेल से परहेज करें, खासकर यदि तिल्ली बढ़ी हो
  • भारी चीजें न उठाएं
  • लक्षणों को नजरअंदाज न करें
  • यदि बुखार 7 दिन से अधिक बना रहे तो डॉक्टर से मिलें
  • नियमित रूप से ब्लड टेस्ट कराएं (यदि लक्षण लंबे समय तक रहें)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs about Infectious Mononucleosis)

प्रश्न 1: क्या मोनोन्यूक्लिओसिस जानलेवा बीमारी है?
उत्तर: नहीं, यह सामान्यतः गंभीर नहीं होती, लेकिन थकावट और अन्य लक्षण लंबे समय तक रह सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या यह रोग बार-बार हो सकता है?
उत्तर: आमतौर पर यह एक बार ही होता है, लेकिन वायरस शरीर में निष्क्रिय रूप में बना रह सकता है।

प्रश्न 3: क्या एंटीबायोटिक दवाएं इसमें उपयोगी हैं?
उत्तर: नहीं, क्योंकि यह वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया पर काम करते हैं।

प्रश्न 4: संक्रमित व्यक्ति कब तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है?
उत्तर: लक्षण खत्म होने के बाद भी व्यक्ति कुछ हफ्तों तक वायरस फैला सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

संक्रामक मोनोन्यूक्लिओसिस (Infectious Mononucleosis) एक आम लेकिन असुविधाजनक वायरल संक्रमण है, जो आमतौर पर युवाओं में अधिक पाया जाता है। सही समय पर आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह से यह बीमारी बिना किसी जटिलता के ठीक हो सकती है। इसकी रोकथाम के लिए स्वच्छता, दूरी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।


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