Khushveer Choudhary

Intussusceptionक्या है? कारण, लक्षण, इलाज और घरेलू उपाय पूरी जानकारी

इंटसेससप्शन (Intussusception) एक गंभीर पाचन तंत्र की समस्या है, जिसमें आंत का एक हिस्सा दूसरी आंत के हिस्से के अंदर फिसल जाता है। इसे आंत का "टेलिस्कोपिंग" भी कहा जाता है। यह स्थिति आमतौर पर बच्चों में होती है, खासकर 6 महीने से 3 साल की उम्र के बीच, लेकिन वयस्कों में भी हो सकती है। यह समस्या आंत में ब्लॉकेज (रुकावट) का कारण बनती है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जीवन के लिए खतरा बन सकती है।

इंटसेससप्शन क्या होता है ? (What is Intussusception?)

इंटसेससप्शन एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंत का एक खंड (intussusceptum) अपने आस-पास की आंत के एक दूसरे हिस्से (intussuscipiens) के अंदर फंस जाता है। इससे आंत में सूजन, ब्लॉकेज और रक्त संचार में बाधा उत्पन्न होती है। यदि इसे तुरंत उपचारित न किया जाए तो यह आंत की दीवार को नुकसान पहुंचा सकता है और नेक्रोसिस (मृत ऊतक) भी हो सकता है।

इंटसेससप्शन कारण (Causes of Intussusception)

  1. वायरल संक्रमण (Viral infections): आंत में सूजन बढ़ाने वाले वायरस जैसे रोटावायरस।
  2. आंत की सूजन (Intestinal inflammation): कुछ बच्चे आंत की सूजन के कारण अधिक संवेदनशील होते हैं।
  3. पेप्टिक गठान (Meckel's diverticulum): आंत में असामान्य वृद्धि।
  4. लिम्फ नोड्स का बढ़ना (Enlarged lymph nodes): आंत के आसपास लिम्फ नोड्स का सूजना।
  5. वयस्कों में ट्यूमर (Tumors in adults): आंत के अंदर पॉलिप्स या ट्यूमर।

इंटसेससप्शन लक्षण (Symptoms of Intussusception)

  • पेट में अचानक तेज दर्द
  • बार-बार होने वाला उल्टी
  • मल में खून आना (जैसे जेल की तरह खून)
  • पेट में सूजन और कठोरता
  • अनिद्रा और बेचैनी
  • बुखार और कमजोरी
  • बच्चे का रोना और अस्वस्थ दिखना

इंटसेससप्शन कैसे पहचानें ? (How to Identify Intussusception)

  • बच्चे के बार-बार तेज दर्द से रोना और पेट पकड़ना
  • उल्टी के साथ खून आना
  • पेट का अचानक फूला हुआ दिखना
  • बच्चे का खाना पीना छोड़ देना और सुस्त हो जाना
  • डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे से स्थिति की पुष्टि

इंटसेससप्शन इलाज (Treatment of Intussusception)

  1. एनिमा या एयर रिडक्शन (Enema or Air Reduction): डॉक्टर पेट में हवा या तरल डालकर आंत को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश करते हैं।
  2. सर्जरी (Surgery): यदि एनिमा से समस्या ठीक न हो तो सर्जरी द्वारा आंत के फंसे हिस्से को अलग किया जाता है।
  3. फ्लूइड थेरेपी (Fluid therapy): शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए।
  4. दर्द निवारक दवाएं (Pain relief medications)

इंटसेससप्शन कैसे रोकें ? (Prevention of Intussusception)

  • बच्चों को स्वच्छ पानी और अच्छी स्वच्छता देना
  • पोषण युक्त और संतुलित आहार देना
  • वायरल संक्रमण से बचाव के लिए उचित टीकाकरण (Vaccination)
  • आंतों की सफाई और नियमित स्वास्थ्य जांच
  • बच्चों में बार-बार होने वाले पेट दर्द को नजरअंदाज न करना

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • हल्की और सुपाच्य भोजन दें
  • तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं
  • बच्चे को आराम दें और तनाव मुक्त रखें
  • डॉक्टर के निर्देशानुसार जड़ी-बूटियों का उपयोग करें (लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें)
  • पेट पर हल्का मालिश करना (डॉक्टर की सलाह से)

सावधानियाँ (Precautions)

  • पेट दर्द या उल्टी की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • बच्चे में अचानक किसी भी प्रकार की कमजोरी या सूजन देखे तो तुरंत जांच कराएं।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के घरेलू या ओवर-द-काउंटर दवाओं का सेवन न करें।
  • संक्रमण से बचाव के लिए नियमित हाथ धोना और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या इंटसेससप्शन वयस्कों में भी हो सकता है?
उत्तर: हां, हालांकि यह मुख्य रूप से बच्चों में होता है, लेकिन वयस्कों में भी आंत के ट्यूमर या पॉलिप्स के कारण हो सकता है।

प्रश्न 2: क्या इंटसेससप्शन जीवन के लिए खतरनाक है?
उत्तर: यदि समय पर इलाज न मिले तो हां, यह आंत की मौत और संक्रमण का कारण बन सकता है।

प्रश्न 3: क्या इंटसेससप्शन दोबारा हो सकता है?
उत्तर: हां, कुछ मामलों में इंटसेससप्शन दोबारा हो सकता है, खासकर बच्चों में।

प्रश्न 4: क्या एनिमा से इलाज सुरक्षित है?
उत्तर: हां, यह एक सामान्य और सुरक्षित तरीका है, लेकिन यह डॉक्टर की देखरेख में ही किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष (Conclusion)

इंटसेससप्शन एक आपातकालीन चिकित्सा स्थिति है जो समय पर पहचान और इलाज की मांग करती है। बच्चों में अचानक पेट दर्द, उल्टी और मल में खून आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उचित इलाज और सावधानियों से इस समस्या को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया जा सकता है। स्वच्छता, सही पोषण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से इंटसेससप्शन की संभावना को कम किया जा सकता है।


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