किडनी एंजायोमायोलिपोमा (Kidney Angiomyolipoma) एक सौम्य ट्यूमर (Benign tumor) है जो मुख्यतः किडनी (Kidney) में पाया जाता है। यह तीन प्रकार के ऊतकों से बना होता है —
- रक्त वाहिकाएँ (Blood vessels)
- मांसपेशीय ऊतक (Smooth muscle tissue)
- वसा ऊतक (Fat tissue)
इसी कारण इसे एंजायो-मायो-लिपो-मा कहा जाता है। यह कैंसर (Cancer) नहीं होता, लेकिन बड़ा होने पर किडनी के कार्य पर प्रभाव डाल सकता है या खून बहने जैसी जटिलता पैदा कर सकता है।
(National Kidney Foundation)
किडनी एंजायोमायोलिपोमा क्या होता है (What is Kidney Angiomyolipoma?)
किडनी एंजायोमायोलिपोमा एक गैर-कैंसरस (Non-cancerous) ट्यूमर है जो धीरे-धीरे बढ़ता है।
यह अक्सर एकल (single) या दोनों किडनी (bilateral) में हो सकता है।
कुछ मामलों में यह ट्यूबरस स्क्लेरोसिस (Tuberous Sclerosis Complex) नामक आनुवंशिक विकार से जुड़ा होता है।
यदि यह बहुत बड़ा हो जाए (>4 सेमी), तो रक्तस्राव (hemorrhage) या किडनी को नुकसान पहुँचाने की संभावना बढ़ जाती है।
(Cleveland Clinic)
किडनी एंजायोमायोलिपोमा कारण (Causes of Kidney Angiomyolipoma)
- आनुवंशिक कारण (Genetic cause):
लगभग 20–30% मामलों में यह ट्यूबरस स्क्लेरोसिस कॉम्प्लेक्स (Tuberous Sclerosis Complex) नामक जेनेटिक बीमारी से जुड़ा होता है। - स्पोराडिक केस (Sporadic cases):
अधिकांश मामलों में यह बिना पारिवारिक इतिहास के स्वतः विकसित होता है। - महिलाओं में अधिक पाया जाना:
यह महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक देखा गया है, संभवतः हार्मोनल प्रभाव (estrogen influence) के कारण। - अन्य कारक:
कभी-कभी गर्भावस्था (pregnancy) में यह तेजी से बढ़ सकता है।
किडनी एंजायोमायोलिपोमा लक्षण (Symptoms of Kidney Angiomyolipoma)
छोटे आकार के एंजायोमायोलिपोमा में कोई लक्षण नहीं होते (asymptomatic)।
बड़े ट्यूमर या रक्तस्राव की स्थिति में निम्न लक्षण हो सकते हैं —
- पीठ या कमर में दर्द (Flank pain)
- पेशाब में खून (Hematuria)
- किडनी में गांठ महसूस होना (Palpable mass)
- थकावट, कमजोरी या चक्कर आना (Fatigue/Dizziness)
- ब्लड प्रेशर बढ़ना (Hypertension) — यदि किडनी प्रभावित हो।
- अचानक पेट में दर्द और खून बहना (Retroperitoneal hemorrhage) — गंभीर अवस्था में।
किडनी एंजायोमायोलिपोमा कैसे पहचाने (How to Identify / Diagnose)
किडनी एंजायोमायोलिपोमा की पहचान आमतौर पर इमेजिंग टेस्ट से की जाती है:
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): प्रारंभिक जाँच में ट्यूमर का पता चलता है।
- CT स्कैन (CT Scan): आकार और वसा की उपस्थिति की पुष्टि करता है।
- MRI स्कैन (MRI): यदि खून बहने की आशंका हो।
- बायोप्सी (Biopsy): दुर्लभ मामलों में, यदि यह स्पष्ट न हो कि ट्यूमर सौम्य है या कैंसरस।
किडनी एंजायोमायोलिपोमा इलाज (Treatment of Kidney Angiomyolipoma)
इलाज ट्यूमर के आकार और लक्षणों पर निर्भर करता है:
-
निगरानी (Observation):
यदि ट्यूमर छोटा (< 4 सेमी) और लक्षणहीन है, तो केवल नियमित अल्ट्रासाउंड या MRI द्वारा निगरानी रखी जाती है।
(Cleveland Clinic) -
दवाइयाँ (Medications):
- mTOR inhibitors (जैसे Everolimus) — विशेष रूप से ट्यूबरस स्क्लेरोसिस से जुड़े मामलों में ट्यूमर को छोटा करने के लिए।
(NIH)
- mTOR inhibitors (जैसे Everolimus) — विशेष रूप से ट्यूबरस स्क्लेरोसिस से जुड़े मामलों में ट्यूमर को छोटा करने के लिए।
-
एम्बोलाइजेशन (Embolization):
- एक मिनिमली-इनवेसिव प्रक्रिया जिसमें ट्यूमर की रक्त आपूर्ति बंद कर दी जाती है ताकि वह सिकुड़ जाए।
-
सर्जरी (Surgery):
- यदि ट्यूमर बहुत बड़ा हो (> 6 सेमी), बार-बार खून बहता हो, या किडनी को नुकसान पहुँचा रहा हो तो आंशिक (partial nephrectomy) या पूर्ण किडनी निकालना (nephrectomy) किया जा सकता है।
घरेलू उपाय (Home Remedies)
- शरीर में पर्याप्त पानी बनाए रखें (Hydration)।
- सोडियम (नमक) की मात्रा कम करें ताकि ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहे।
- अत्यधिक कैफीन और अल्कोहल का सेवन न करें।
- डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित इमेजिंग जाँच कराते रहें।
- यदि पीठ में दर्द या पेशाब में खून दिखे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
रोकथाम (Prevention)
- चूंकि यह अक्सर आनुवंशिक या स्वतः विकसित होने वाली स्थिति है, पूर्ण रोकथाम संभव नहीं है।
- यदि परिवार में ट्यूबरस स्क्लेरोसिस का इतिहास है, तो जीन परामर्श (Genetic counseling) लाभदायक है।
- गर्भावस्था में निगरानी बढ़ाई जाती है क्योंकि इस समय ट्यूमर तेजी से बढ़ सकता है।
सावधानियाँ (Precautions)
- नियमित रूप से किडनी फंक्शन टेस्ट (Renal function tests) कराएँ।
- ट्यूमर के आकार की जाँच साल में 1-2 बार कराना ज़रूरी है।
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा या सप्लीमेंट न लें।
- भारी शारीरिक परिश्रम या चोट से बचें, ताकि रक्तस्राव का खतरा न बढ़े।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. क्या किडनी एंजायोमायोलिपोमा कैंसर है?
उत्तर: नहीं, यह एक सौम्य (benign) ट्यूमर है, लेकिन कभी-कभी बड़ा होकर जटिलता पैदा कर सकता है।
Q2. क्या इसका इलाज संभव है?
उत्तर: हाँ, यदि यह बड़ा हो जाए या लक्षण दे, तो दवाओं या सर्जरी से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
Q3. क्या यह दोनों किडनियों में हो सकता है?
उत्तर: हाँ, विशेष रूप से ट्यूबरस स्क्लेरोसिस के मामलों में यह दोनों किडनियों में विकसित हो सकता है।
Q4. क्या यह फिर से हो सकता है?
उत्तर: कुछ मामलों में ट्यूमर दोबारा बढ़ सकता है, इसलिए नियमित निगरानी आवश्यक है।
Q5. क्या यह महिलाओं में ज्यादा होता है?
उत्तर: हाँ, हार्मोनल प्रभावों के कारण यह महिलाओं में अधिक सामान्य है।
निष्कर्ष (Conclusion)
किडनी एंजायोमायोलिपोमा (Kidney Angiomyolipoma) एक गैर-कैंसरस लेकिन संभावित रूप से जटिल ट्यूमर है, जो समय पर पहचान और उपचार से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि आपको बार-बार पीठ दर्द, पेशाब में खून या ब्लड प्रेशर में वृद्धि महसूस होती है, तो किडनी जाँच अवश्य कराएँ।
नियमित मॉनिटरिंग, स्वस्थ जीवनशैली और विशेषज्ञ की सलाह — यही इस रोग से सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है।