किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया (Multicystic Dysplastic Kidney - MCDK) एक जन्मजात (congenital) किडनी विकार है, जिसमें बच्चे की एक या दोनों किडनियों में कई छोटे-छोटे तरल-भरे सिस्ट (cysts) बन जाते हैं।
यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब भ्रूण (fetus) की किडनी सही ढंग से विकसित नहीं हो पाती।
अधिकतर मामलों में यह केवल एक किडनी को प्रभावित करती है, और दूसरी किडनी सामान्य रूप से कार्य करती है।
किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया क्या होता है (What is Multicystic Dysplastic Kidney?)
मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिक किडनी में किडनी का सामान्य ऊतक (normal kidney tissue) सिस्टों द्वारा प्रतिस्थापित हो जाता है।
इन सिस्टों का आकार और संख्या अलग-अलग हो सकती है।
किडनी की संरचना विकृत हो जाती है और यह अपने कार्य — यानी रक्त से अपशिष्ट निकालना — ठीक से नहीं कर पाती।
यह स्थिति सामान्यतः जन्म से पहले (prenatal ultrasound) में पता चल जाती है।
किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया कारण (Causes of Multicystic Dysplastic Kidney)
MCDK का सटीक कारण पूरी तरह ज्ञात नहीं है, लेकिन यह किडनी के भ्रूणीय विकास में आई गड़बड़ी के कारण होता है।
सामान्यतः यह तब होता है जब यूरीटेरिक बड (ureteric bud) और मेटानेफ्रिक ब्लास्टिमा (metanephric blastema) — जो किडनी के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं — आपस में ठीक से जुड़ नहीं पाते।
संभावित कारण या जोखिम कारक:
- आनुवंशिक परिवर्तन (genetic mutation)
- गर्भावस्था के दौरान संक्रमण या दवाओं का प्रभाव
- माता-पिता में किडनी विकार का पारिवारिक इतिहास
- भ्रूण विकास में असामान्यता
किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया लक्षण (Symptoms of Multicystic Dysplastic Kidney)
अधिकांश शिशुओं में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, क्योंकि केवल एक किडनी प्रभावित होती है और दूसरी सामान्य रहती है।
फिर भी कुछ मामलों में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- पेट में गांठ या सूजन (abdominal lump)
- पेशाब में समस्या
- उच्च रक्तचाप (high blood pressure)
- मूत्र संक्रमण (urinary tract infection - UTI)
- कभी-कभी उल्टी, कमजोरी या चिड़चिड़ापन
यदि दोनों किडनियाँ प्रभावित हों, तो गंभीर किडनी फेलियर हो सकता है जो जीवन के लिए खतरा बन सकता है।
किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया कैसे पहचाने (Diagnosis of MCDK)
मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिक किडनी आमतौर पर जन्म से पहले या जन्म के तुरंत बाद निम्नलिखित जांचों से पहचानी जाती है:
- प्रेनाटल अल्ट्रासाउंड (Prenatal Ultrasound): गर्भावस्था के दौरान शिशु की किडनी में सिस्ट दिखाई दे सकते हैं।
- पोस्टनाटल अल्ट्रासाउंड (Postnatal Ultrasound): जन्म के बाद किडनी की स्थिति और दूसरी किडनी की कार्यक्षमता जांची जाती है।
- एमआरआई या सीटी स्कैन (MRI/CT Scan): किडनी के आकार और संरचना की स्पष्ट जानकारी के लिए।
- रेनल फंक्शन टेस्ट (Renal Function Tests): यह पता करने के लिए कि दूसरी किडनी ठीक से काम कर रही है या नहीं।
- वॉइडिंग सिस्टोयूरेथ्रोग्राम (VCUG): पेशाब के रास्ते में रुकावट या रिफ्लक्स की जांच के लिए।
किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया इलाज (Treatment of Multicystic Dysplastic Kidney)
MCDK का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि क्या एक किडनी प्रभावित है या दोनों।
1. अगर केवल एक किडनी प्रभावित है (Unilateral MCDK):
- कोई विशेष उपचार की आवश्यकता नहीं होती।
- डॉक्टर नियमित रूप से दूसरी किडनी की कार्यक्षमता की जांच करते हैं।
- हर 6–12 महीने में अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करवाए जाते हैं।
- उच्च रक्तचाप या संक्रमण दिखने पर दवाओं से इलाज किया जाता है।
2. अगर दोनों किडनियाँ प्रभावित हैं (Bilateral MCDK):
- यह एक गंभीर स्थिति होती है क्योंकि कोई भी किडनी कार्य नहीं कर पाती।
- नवजात में डायलिसिस (Dialysis) या किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) की आवश्यकता पड़ सकती है।
3. सर्जरी (Surgery):
- यदि प्रभावित किडनी बहुत बड़ी हो जाए, दर्द दे, संक्रमण करे या ट्यूमर बनने की आशंका हो — तो नेफ्रेक्टॉमी (Nephrectomy) द्वारा उसे हटाया जा सकता है।
घरेलू उपाय और देखभाल (Home Care and Lifestyle)
- बच्चे की पानी की मात्रा और मूत्र की स्थिति पर ध्यान दें।
- संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता रखें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन की निगरानी करें।
- अत्यधिक नमक, पैकेज्ड या प्रोसेस्ड भोजन से बचें।
- नियमित फॉलो-अप पर जाएँ और कोई भी लक्षण छुपाएँ नहीं।
सावधानियाँ (Precautions)
- किसी भी संक्रमण या बुखार को हल्के में न लें।
- यदि बच्चा पेशाब कम कर रहा हो या बार-बार उल्टी करे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
- बिना सलाह के दवाएँ न दें।
- यह सुनिश्चित करें कि दूसरी किडनी ठीक से काम कर रही है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. क्या मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिक किडनी जीवनभर रहती है?
हाँ, यह जन्मजात स्थिति है, लेकिन यदि एक किडनी प्रभावित है, तो दूसरी सामान्य किडनी जीवनभर शरीर का कार्य संभाल सकती है।
Q2. क्या इस बीमारी में बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है?
यदि केवल एक किडनी प्रभावित है और दूसरी स्वस्थ है, तो बच्चा सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकता है।
Q3. क्या यह बीमारी आनुवंशिक होती है?
कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण पाए गए हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में यह स्वतः विकसित होती है।
Q4. क्या समय के साथ प्रभावित किडनी गायब हो सकती है?
हाँ, कई बार प्रभावित किडनी धीरे-धीरे सिकुड़कर (shrink) अल्ट्रासाउंड में दिखाई देना बंद हो जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
किडनी मल्टीसिस्टिक डिस्प्लेसिया (MCDK) एक जन्मजात किडनी विकार है जिसमें सिस्ट बनने से किडनी का सामान्य कार्य बाधित होता है।
अधिकांश मामलों में यह केवल एक किडनी को प्रभावित करता है और दूसरी किडनी पूरी तरह सामान्य रहती है।
समय पर निदान, नियमित जांच और चिकित्सक की निगरानी से बच्चे का जीवन सामान्य रह सकता है।
सावधानी और निरंतर चिकित्सा पर्यवेक्षण इस बीमारी को जटिल होने से रोकने की कुंजी है।