Ovarian Hyperstimulation Syndrome या डिम्बग्रंथि अतिउत्तेजना सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जो प्रजनन उपचार (Fertility Treatment) या IVF (In Vitro Fertilization) के दौरान उपयोग होने वाली हार्मोनल दवाओं के कारण हो सकती है। इन दवाओं का उद्देश्य अंडाशयों को अधिक अंडे बनाने हेतु उत्तेजित करना होता है, लेकिन जब यह उत्तेजना ज़रूरत से अधिक हो जाती है, तो अंडाशय सूज जाते हैं और शरीर में तरल एकत्र होने लगता है। यह हल्के से लेकर गंभीर रूप में विकसित हो सकता है।
Ovarian Hyperstimulation Syndrome (OHSS) क्या होता है? (What is OHSS?)
OHSS वह स्थिति है जिसमें हार्मोनल उत्तेजना के कारण अंडाशय (Ovaries) अत्यधिक सक्रिय हो जाते हैं और अत्यधिक फॉलिकल विकसित होते हैं। इसके परिणामस्वरूप शरीर में तरल पदार्थ पेट, छाती या अन्य हिस्सों में जमा होने लगता है।
यह आमतौर पर IVF, IUI, या ओव्यूलेशन इंडक्शन उपचारों के दौरान होता है।
Ovarian Hyperstimulation Syndrome के कारण (Causes of OHSS)
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हार्मोनल दवाएँ (Hormonal Medications)
खासकर hCG (Human Chorionic Gonadotropin) इंजेक्शन, जो अंडों की पूर्ण परिपक्वता के लिए दिया जाता है। -
तेजी से बढ़ती एस्ट्रोजन स्तर (High Estrogen Levels)
ओव्यूलेशन दवाएँ एस्ट्रोजन को तेजी से बढ़ा देती हैं, जिससे ओवरी अत्यधिक सक्रिय हो जाती है। -
IVF के दौरान अनेक फॉलिकल बनना
अधिक अंडों के विकसित होने से ओवरी पर दबाव बढ़ता है। -
प्राकृतिक गर्भधारण (Rare Cases)
बहुत कम मामलों में OHSS बिना दवाओं के भी हो सकता है।
Ovarian Hyperstimulation Syndrome के जोखिम कारक (Risk Factors)
- कम उम्र की महिलाएँ (विशेषकर 30 वर्ष से कम)
- कम बॉडी वेट वाली महिलाएँ
- Polycystic Ovary Syndrome (PCOS)
- IVF में उच्च डोज दवाओं का उपयोग
- पूर्व में OHSS का इतिहास
- उच्च एस्ट्रोजन स्तर
Ovarian Hyperstimulation Syndrome के लक्षण (Symptoms of OHSS)
हल्के लक्षण (Mild Symptoms)
- पेट में हल्की सूजन
- हल्का दर्द
- मितली (Nausea)
- उल्टी
- हल्का वजन बढ़ना
मध्यम लक्षण (Moderate Symptoms)
- पेट में अधिक सूजन
- तेज दर्द
- भूख में कमी
- बार-बार उल्टी
- तेजी से वजन बढ़ना
गंभीर लक्षण (Severe Symptoms)
- अत्यधिक पेट फूलना
- तेज सांस लेने में कठिनाई
- अत्यधिक दर्द
- बहुत कम पेशाब आना
- खून का गाढ़ा होना
- रक्त के थक्के बनने का खतरा
- इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
- छाती में तरल जमा होना
गंभीर OHSS एक आपातकालीन स्थिति है और तत्काल अस्पताल में उपचार की आवश्यकता होती है।
Ovarian Hyperstimulation Syndrome कैसे पहचाने (How to Identify OHSS)
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शारीरिक जांच (Physical Examination)
सूजन, वजन बढ़ना और पेट दर्द की जाँच। -
अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)
अंडाशयों का आकार और फॉलिकल की संख्या पता करने हेतु। -
रक्त परीक्षण (Blood Tests)
इलेक्ट्रोलाइट्स, क्रीएटिनिन, हेमटोक्रिट (Hematocrit) आदि। -
मूत्र परीक्षण (Urine Monitoring)
पेशाब की मात्रा कम होने की जाँच। -
पेट का तरल परीक्षण (Ascitic Fluid Evaluation)
यदि पेट में बहुत अधिक तरल जमा हो जाए।
Ovarian Hyperstimulation Syndrome का इलाज (Treatment of OHSS)
इलाज लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है।
हल्के OHSS का इलाज
- पर्याप्त आराम
- नमकीन तरल और पानी अधिक मात्रा में
- हल्का भोजन
- ओवरी पर दबाव कम करने के लिए आरामदायक कपड़े
- दर्द निवारक दवाएँ (डॉक्टर द्वारा बताई गई)
मध्यम OHSS का इलाज
- इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए दवाएँ
- एंटी-नॉज़िया दवाएँ
- बार-बार निगरानी
- डॉक्टर द्वारा निर्धारित फ्लूइड मैनेजमेंट
गंभीर OHSS का इलाज
- अस्पताल में भर्ती
- IV Fluids
- रक्त थक्के रोकने की दवाएँ
- पेट से तरल बाहर निकालना (Paracentesis)
- श्वास सहायता (यदि छाती में तरल जमा हो)
गंभीर OHSS को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।
Ovarian Hyperstimulation Syndrome कैसे रोके (Prevention of OHSS)
- IVF में दवाओं की खुराक को नियंत्रित रखना
- कम डोज hCG देना या hCG के बजाय GnRH agonist का उपयोग
- अंडाशय की नियमित अल्ट्रासाउंड मॉनिटरिंग
- PCOS वाली महिलाओं में विशेष सावधानी
- doctor द्वारा बताए गए सुरक्षित ओव्यूलेशन प्रोटोकॉल का पालन
- फॉलिकल की संख्या अधिक होने पर Embryo Freezing की सलाह लेना
Ovarian Hyperstimulation Syndrome के घरेलू उपाय (Home Remedies for OHSS)
नोट: ये उपाय केवल हल्के OHSS में सहायक हो सकते हैं, इलाज का विकल्प नहीं हैं।
- अधिक मात्रा में पानी पीना
- नारियल पानी, ORS जैसे तरल पदार्थ लेना
- हल्का और पौष्टिक आहार
- आराम करना
- पेट पर हल्के गर्म सेक
- तंग कपड़ों से बचें
Ovarian Hyperstimulation Syndrome में सावधानियाँ (Precautions)
- दर्द या सूजन बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- पेशाब कम हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें
- भारी काम न करें
- शरीर में किसी भी अचानक बदलाव को गंभीरता से लें
- IVF के दौरान डॉक्टर के निर्देशों का कड़ाई से पालन करें
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. क्या OHSS केवल IVF में होता है?
मुख्य रूप से IVF में होता है, लेकिन किसी भी ओव्यूलेशन दवा के उपयोग से हो सकता है।
Q2. क्या OHSS प्रेगनेंसी को प्रभावित करता है?
गंभीर OHSS प्रेगनेंसी में जटिलताएँ पैदा कर सकता है, लेकिन हल्का OHSS सामान्य है।
Q3. क्या OHSS जानलेवा हो सकता है?
दुर्लभ रूप से, हाँ। गंभीर मामलों में तुरंत इलाज जरूरी है।
Q4. क्या OHSS बार-बार हो सकता है?
हाँ, विशेष रूप से PCOS वाली महिलाओं में जोखिम अधिक होता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Ovarian Hyperstimulation Syndrome (OHSS) IVF और अन्य प्रजनन उपचारों से जुड़ी एक सामान्य लेकिन संभावित रूप से गंभीर जटिलता है। इसका समय पर निदान और सही उपचार बहुत महत्वपूर्ण है। हल्का OHSS अपने आप ठीक हो सकता है, लेकिन मध्यम और गंभीर मामलों में तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। IVF करवा रही महिलाओं को अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।