Khushveer Choudhary

Pertussis लक्षण, कारण, इलाज और रोकथाम

Pertussis (पर्टसिस), जिसे आम भाषा में काली खाँसी कहा जाता है, एक गंभीर संक्रामक बैक्टीरियल संक्रमण है। यह Bordetella pertussis बैक्टीरिया के कारण होता है और मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।

यह रोग विशेष रूप से बच्चों में खतरनाक होता है, लेकिन वयस्क भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। काली खाँसी की पहचान उसकी लंबी, जोरदार खाँसी की विशेषता से होती है, जो अक्सर सांस लेने में तकलीफ पैदा करती है।

पर्टसिस क्या होता है? (What is Pertussis / Whooping Cough)

पर्टसिस एक सांस संबंधी संक्रमण है जिसमें गले और वायु मार्ग की परत (respiratory lining) में सूजन और जलन होती है।

  • यह अत्यधिक संक्रामक है।
  • संक्रमित व्यक्ति खाँसी या छींक के माध्यम से बैक्टीरिया फैलाते हैं।
  • शुरुआती चरण में सामान्य सर्दी-जुकाम जैसा लक्षण होता है।
  • बाद में तीव्र, "काली खाँसी" जैसी खाँसी होती है, जिसमें श्वास लेने में कठिनाई होती है।

पर्टसिस के कारण (Causes of Pertussis)

1. बैक्टीरिया (Bacterial infection)

  • Bordetella pertussis मुख्य कारण है।
  • यह गले और वायुमार्ग की कोशिकाओं पर हमला करता है।

2. संक्रामक संपर्क (Person-to-person transmission)

  • संक्रमित व्यक्ति के खाँसने या छींकने से बैक्टीरिया फैलता है।
  • नज़दीकी संपर्क या भीड़भाड़ वाले स्थान पर जोखिम अधिक होता है।

3. वैक्सीनेशन की कमी (Incomplete vaccination)

  • DTP/Tdap वैक्सीन न लेने वाले बच्चों में अधिक जोखिम।

पर्टसिस के लक्षण (Symptoms of Pertussis)

पर्टसिस तीन चरणों में विकसित होता है:

1. कैटार्रल चरण (Catarrhal Stage) – 1–2 सप्ताह

  • हल्का बुखार
  • नाक बहना, जुकाम
  • हल्की खाँसी

2. पैरोक्सिसमल चरण (Paroxysmal Stage) – 1–6 सप्ताह

  • तेज़ और लगातार खाँसी के दौरे
  • खाँसी के बाद “whooping” या हांफने जैसी आवाज
  • उल्टी के साथ खाँसी
  • थकान और नींद न आना

3. रिकवरी चरण (Convalescent Stage) – 2–3 सप्ताह

  • खाँसी धीरे-धीरे कम होती है
  • कमजोरी और थकान बनी रह सकती है

विशेष ध्यान: शिशु और छोटे बच्चे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं और सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।

पर्टसिस कैसे पहचाने? (Diagnosis / How to Identify Pertussis)

1. मेडिकल इतिहास और लक्षण (Medical history & Symptoms)

  • लगातार खाँसी
  • “Whoop” आवाज़
  • उल्टी और थकान

2. नैदानिक परीक्षण (Laboratory tests)

  • Nasopharyngeal swab से बैक्टीरिया की पहचान
  • ब्लड टेस्ट से संक्रमण की पुष्टि

3. एक्स-रे (X-Ray)

  • फेफड़ों में किसी तरह की जटिलता होने पर उपयोगी

पर्टसिस का इलाज (Treatment of Pertussis)

1. एंटीबायोटिक्स (Antibiotics)

  • एरिथ्रोमाइसिन (Erythromycin) या अज़िथ्रोमाइसिन (Azithromycin)
  • संक्रमण की गंभीरता और चरण के अनुसार निर्धारित

2. लक्षण आधारित देखभाल (Symptomatic care)

  • पर्याप्त तरल पदार्थ
  • आराम और नींद
  • बुखार नियंत्रित करना

3. गंभीर मामलों में अस्पताल (Hospitalization)

  • शिशु, कमजोर रोगी या सांस लेने में कठिनाई वाले मरीजों के लिए

पर्टसिस कैसे रोके? (Prevention of Pertussis)

  • टीकाकरण (Vaccination):
    1. DTP या Tdap वैक्सीन बच्चों और वयस्कों के लिए
  • हाथ धोना और स्वच्छता
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखना
  • भीड़भाड़ वाले स्थानों में सावधानी

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • गुनगुना पानी पीना
  • भाप लेना
  • हल्का, पोषक आहार
  • आराम और पर्याप्त नींद
  • शिशु के लिए एयर ह्यूमिडिफायर

ध्यान दें: घरेलू उपाय केवल लक्षण कम करने में मदद करते हैं, रोग का इलाज एंटीबायोटिक्स से ही संभव है।

सावधानियाँ (Precautions)

  • खाँसी वाले बच्चे को अलग रखना
  • मास्क पहनना और छींक/खाँसी को ढकना
  • संक्रमित बच्चों को स्कूल/डेकेयर से दूर रखना
  • समय पर वैक्सीनेशन कराना
  • गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क

FAQs (Frequently Asked Questions)

1. क्या पर्टसिस केवल बच्चों में होता है?

नहीं, यह वयस्कों में भी हो सकता है, लेकिन बच्चों में गंभीरता अधिक होती है।

2. कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

  • कैटार्रल चरण: 1–2 सप्ताह
  • पैरोक्सिसमल चरण: 1–6 सप्ताह
  • रिकवरी चरण: 2–3 सप्ताह

3. क्या पर्टसिस संक्रामक है?

हाँ, यह बहुत संक्रामक है और छींक/खाँसी के जरिए फैलता है।

4. क्या बिना इलाज पर्टसिस ठीक हो सकता है?

  • हल्के मामलों में धीरे-धीरे ठीक हो सकता है,
  • लेकिन एंटीबायोटिक्स संक्रमण फैलने और गंभीरता कम करने के लिए जरूरी हैं।

5. क्या वैक्सीन लेने के बाद पर्टसिस नहीं होती?

वैक्सीन जोखिम बहुत कम कर देती है, लेकिन 100% सुरक्षा नहीं।

निष्कर्ष (Conclusion)

Pertussis (पर्टसिस / काली खाँसी) एक गंभीर और संक्रामक श्वसन रोग है।

  • यह विशेष रूप से बच्चों में खतरनाक हो सकता है।
  • शुरुआती पहचान, समय पर एंटीबायोटिक इलाज और वैक्सीनेशन सबसे प्रभावी उपाय हैं।
  • सही सावधानी और स्वच्छता के माध्यम से रोग के फैलाव को रोका जा सकता है।


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