Khushveer Choudhary

Rumination Disorder लक्षण, कारण और उपचार

​आमतौर पर खाने के बाद भोजन का पाचन पेट में होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में खाया हुआ भोजन बिना किसी प्रयास के वापस मुंह में आने लगता है। इस स्थिति को चिकित्सा विज्ञान में रुमिनेशन डिसऑर्डर (Rumination Disorder) कहा जाता है। यह एक ईटिंग डिसऑर्डर है जो बच्चों, किशोरों और वयस्कों किसी को भी प्रभावित कर सकता है।

​रुमिनेशन डिसऑर्डर क्या होता है? (What is Rumination Disorder?)

​रुमिनेशन डिसऑर्डर एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति द्वारा खाया गया भोजन निगलने के बाद अनजाने में (Involuntarily) वापस मुंह में आ जाता है। मुंह में आए इस भोजन को व्यक्ति या तो दोबारा चबाकर निगल लेता है या बाहर थूक देता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह स्थिति मतली (Nausea) या उल्टी (Vomiting) जैसी नहीं होती, बल्कि यह एक सहज प्रक्रिया की तरह महसूस होती है।

​रुमिनेशन डिसऑर्डर के लक्षण (Symptoms of Rumination Disorder)

​इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • भोजन का वापस आना (Regurgitation): खाने के लगभग 10 से 30 मिनट के भीतर भोजन का वापस मुंह में आना।
  • लगातार चबाना (Repetitive Chewing): वापस आए भोजन को फिर से चबाना।
  • बदबूदार सांस (Bad Breath): बार-बार भोजन के वापस आने से मुंह से दुर्गंध आना।
  • वजन कम होना (Weight Loss): भोजन के पर्याप्त पोषण न मिलने या बाहर थूकने के कारण वजन में गिरावट।
  • दांतों की समस्या (Dental Problems): पेट के एसिड के बार-बार संपर्क में आने से दांतों के इनेमल का खराब होना।
  • पेट दर्द (Abdominal Pain): पेट में भारीपन या बेचैनी महसूस होना।

​रुमिनेशन डिसऑर्डर के कारण (Causes of Rumination Disorder)

​हालांकि इसका सटीक कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन कुछ संभावित कारक नीचे दिए गए हैं:

  1. पेट के दबाव में वृद्धि (Increased Abdominal Pressure): पेट की मांसपेशियों का अनैच्छिक रूप से संकुचित होना।
  2. मानसिक तनाव (Psychological Stress): चिंता, अवसाद या किसी पुराने मानसिक आघात के कारण।
  3. आदत (Behavioral Habit): कभी-कभी यह एक अनजाने में सीखी गई शारीरिक प्रतिक्रिया बन जाती है।
  4. विकास संबंधी विकार (Developmental Delays): बच्चों या उन लोगों में अधिक देखा जाता है जिन्हें बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability) हो।

​रुमिनेशन डिसऑर्डर को कैसे पहचानें? (How to Identify Rumination Disorder?)

​इसकी पहचान करने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित संकेतों पर ध्यान देते हैं:

  • ​यदि यह प्रक्रिया कम से कम एक महीने से लगातार हो रही हो।
  • ​भोजन वापस आते समय मरीज को मिचली (Nausea) महसूस न हो रही हो।
  • ​यदि अन्य पाचन संबंधी रोग जैसे GERD या Pyloric Stenosis की संभावना खारिज कर दी गई हो।

​रुमिनेशन डिसऑर्डर का इलाज (Treatment of Rumination Disorder)

​इसका उपचार मुख्य रूप से व्यवहार परिवर्तन (Behavioral Therapy) पर केंद्रित होता है:

  1. डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग (Diaphragmatic Breathing): यह सबसे प्रभावी इलाज है। इसमें मरीज को खाने के दौरान और बाद में गहरी सांस लेने की तकनीक सिखाई जाती है, जिससे पेट की मांसपेशियां शिथिल रहती हैं और भोजन वापस नहीं आता।
  2. व्यवहार थेरेपी (Habit Reversal Therapy): गलत आदतों को सुधारने के लिए थेरेपी।
  3. दवाएं (Medications): यदि रुमिनेशन के कारण अन्नप्रणाली (Esophagus) को नुकसान पहुँच रहा है, तो डॉक्टर एसिड कम करने वाली दवाएं (Proton Pump Inhibitors) लिख सकते हैं।

​घरेलू उपाय और जीवनशैली (Home Remedies and Lifestyle)

  • धीरे-धीरे खाएं: भोजन को अच्छी तरह चबाकर और शांति से खाएं।
  • तनाव कम करें: ध्यान (Meditation) और योग के जरिए मानसिक शांति बनाए रखें।
  • खाने के बाद न झुकें: भोजन करने के तुरंत बाद शारीरिक मेहनत या झुकने वाले काम न करें।
  • पानी का सही सेवन: खाने के तुरंत बाद बहुत अधिक पानी पीने से बचें।

​कैसे रोकें और सावधानियाँ (Prevention and Precautions)

  • सही मुद्रा (Posture): भोजन करते समय और उसके बाद सीधे बैठें।
  • ट्रिगर्स को पहचानें: उन खाद्य पदार्थों की पहचान करें जो इस समस्या को बढ़ाते हैं।
  • नियमित परामर्श: यदि वजन तेजी से गिर रहा है, तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें।
  • स्वच्छता: बार-बार रिगर्जिटेशन होने पर दांतों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या रुमिनेशन डिसऑर्डर और बुलीमिया (Bulimia) एक ही हैं?

उत्तर: नहीं। बुलीमिया में व्यक्ति जानबूझकर वजन कम करने के लिए उल्टी करता है, जबकि रुमिनेशन एक अनैच्छिक (Involuntary) प्रक्रिया है।

प्रश्न 2: क्या यह बच्चों में खुद ठीक हो जाता है?

उत्तर: कई बच्चों में यह समस्या समय के साथ खुद ठीक हो जाती है, लेकिन वयस्कों में इसके लिए थेरेपी की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3: क्या यह एक गंभीर बीमारी है?

उत्तर: यह जानलेवा नहीं है, लेकिन यदि इलाज न किया जाए तो यह कुपोषण और दांतों की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

रुमिनेशन डिसऑर्डर (Rumination Disorder) एक ऐसी शारीरिक स्थिति है जो व्यक्ति के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर सकती है। अच्छी खबर यह है कि 'डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग' जैसी सरल तकनीकों और सही मार्गदर्शन से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यदि आप या आपका कोई परिचित इन लक्षणों का सामना कर रहा है, तो संकोच न करें और डॉक्टर से सलाह लें।

​क्या आप डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग (Diaphragmatic Breathing) करने के सही तरीके या किसी विशिष्ट आहार चार्ट के बारे में जानकारी चाहते हैं?

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