Khushveer Choudhary

Scleritis आँखों की गंभीर सूजन, कारण, लक्षण और उपचार

​आँखों का लाल होना एक सामान्य बात हो सकती है, लेकिन अगर आँखों के सफेद हिस्से में तेज दर्द और गहरी सूजन हो, तो यह स्क्लेराइटिस (Scleritis) हो सकता है। यह आँखों की एक गंभीर स्थिति है जिसे यदि नजरअंदाज किया जाए, तो दृष्टि हमेशा के लिए जा सकती है।

​स्क्लेराइटिस क्या होता है? (What is Scleritis?)

​आँख के बाहरी सफेद हिस्से को स्क्लेरा (Sclera) कहा जाता है। जब इस हिस्से में गंभीर सूजन आ जाती है, तो उसे स्क्लेराइटिस कहते हैं। यह अक्सर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) में गड़बड़ी या किसी अंतर्निहित बीमारी के कारण होता है। यह एपिसक्लेराइटिस (Episcleritis) से कहीं अधिक गंभीर होता है क्योंकि यह आँख की गहरी परतों को प्रभावित करता है।

​स्क्लेराइटिस के प्रकार (Types of Scleritis)

  1. एंटीरियर स्क्लेराइटिस (Anterior Scleritis): यह सबसे सामान्य प्रकार है, जिसमें आँख के सामने का सफेद हिस्सा प्रभावित होता है।
  2. पोस्टीरियर स्क्लेराइटिस (Posterior Scleritis): यह अधिक दुर्लभ और खतरनाक है क्योंकि यह आँख के पिछले हिस्से को प्रभावित करता है, जिससे रेटिना के अलग होने का खतरा रहता है।

​स्क्लेराइटिस के लक्षण (Symptoms of Scleritis)

​इसके लक्षण सामान्य 'आँख आने' (Conjunctivitis) से बहुत अलग और तीव्र होते हैं:

  • तेज दर्द (Severe Pain): आँख में बहुत गहरा और चुभने वाला दर्द, जो रात में या आँख हिलाने पर बढ़ जाता है। यह दर्द सिर और जबड़े तक फैल सकता है।
  • गहरी लालिमा (Deep Redness): आँख का सफेद हिस्सा लाल या कभी-कभी बैंगनी (Purple) रंग का दिखने लगता है।
  • आँखों से पानी आना (Watering Eyes): अत्यधिक आंसू निकलना।
  • प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता (Photophobia): तेज रोशनी में देखने में कठिनाई होना।
  • दृष्टि में धुंधलापन (Blurred Vision): देखने की क्षमता में कमी आना।

​स्क्लेराइटिस के कारण (Causes of Scleritis)

​स्क्लेराइटिस के आधे से अधिक मामलों में शरीर की कोई अन्य बीमारी जिम्मेदार होती है:

  1. ऑटोइम्यून बीमारियां (Autoimmune Diseases): जैसे रुमेटीइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis), ल्यूपस (Lupus), या वेगेनर ग्रैनुलोमैटोसिस।
  2. संक्रमण (Infections): बैक्टीरिया, वायरस (जैसे हर्पीज जोस्टर), या फंगल इन्फेक्शन के कारण।
  3. चोट (Injury): आँख में किसी बाहरी वस्तु के लगने या केमिकल गिरने से।
  4. सर्जरी के बाद: आँखों के ऑपरेशन के बाद कुछ मामलों में सूजन आ सकती है।

​स्क्लेराइटिस को कैसे पहचानें? (How to Identify Scleritis?)

​यदि आपको आँखों में दर्द के साथ लालिमा है, तो डॉक्टर निम्नलिखित तरीके से जांच करेंगे:

  • स्लिट लैंप परीक्षण (Slit-lamp Examination): डॉक्टर एक विशेष माइक्रोस्कोप से आँख की गहराई की जांच करते हैं।
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): पोस्टीरियर स्क्लेराइटिस की जांच के लिए आँख का स्कैन किया जाता है।
  • रक्त परीक्षण (Blood Tests): शरीर में सूजन या ऑटोइम्यून बीमारियों का पता लगाने के लिए।

​स्क्लेराइटिस का इलाज (Treatment of Scleritis)

​इसका उपचार तुरंत शुरू करना आवश्यक है ताकि आँख के ऊतकों को नुकसान न पहुँचे:

  • एनएसएआईडी (NSAIDs): दर्द और सूजन को कम करने के लिए मौखिक दवाएं (जैसे आईबुप्रोफेन)।
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (Corticosteroids): यदि सूजन गंभीर है, तो स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स या गोलियां दी जाती हैं।
  • इम्युनोसुप्रेसिव दवाएं (Immunosuppressive Drugs): यदि यह किसी ऑटोइम्यून बीमारी के कारण है, तो प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करने वाली दवाएं दी जाती हैं।
  • एंटीबायोटिक्स (Antibiotics): यदि कारण संक्रमण (Infection) है।
  • सर्जरी (Surgery): यदि स्क्लेरा बहुत पतला हो गया है और फटने का डर है, तो 'स्क्लेरल ग्राफ्टिंग' की जाती है।

​घरेलू उपाय और सावधानियाँ (Home Remedies and Precautions)

​स्क्लेराइटिस एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। हालांकि, राहत के लिए ये उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • ठंडी सिकाई (Cold Compress): दर्द और जलन को कम करने के लिए आँख के ऊपर ठंडा कपड़ा रखें।
  • धूप का चश्मा (Sunglasses): बाहर जाते समय गहरे रंग का चश्मा पहनें ताकि प्रकाश से परेशानी न हो।
  • आराम: आँखों को ज्यादा तनाव न दें, मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग कम करें।

​कैसे रोकें (Prevention)

  • पुरानी बीमारियों का इलाज: यदि आपको अर्थराइटिस या ल्यूपस है, तो उसका नियमित उपचार कराएं।
  • स्वच्छता: आँखों को छूने से पहले हाथ धोएं।
  • सुरक्षा: धूल-मिट्टी या केमिकल वाले काम के दौरान सुरक्षात्मक चश्मा पहनें।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या स्क्लेराइटिस से अंधापन हो सकता है?

उत्तर: हाँ, यदि सही समय पर इलाज न किया जाए, तो यह कॉर्निया और रेटिना को नुकसान पहुँचाकर अंधापन पैदा कर सकता है।

प्रश्न 2: क्या यह एक आँख से दूसरी में फैलता है?

उत्तर: यह संक्रामक नहीं है, लेकिन ऑटोइम्यून समस्याओं के कारण दोनों आँखों में एक साथ हो सकता है।

प्रश्न 3: दर्द निवारक आई ड्रॉप्स पर्याप्त हैं?

उत्तर: नहीं, स्क्लेराइटिस में केवल आई ड्रॉप्स काफी नहीं होतीं, अक्सर मौखिक दवाओं की आवश्यकता पड़ती है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

स्क्लेराइटिस (Scleritis) केवल आँखों की लालिमा नहीं है, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। इसे 'पिंक आई' (Pink Eye) समझने की गलती भारी पड़ सकती है। यदि आपको आँखों में तेज दर्द और लाली महसूस हो, तो बिना देरी किए नेत्र रोग विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से संपर्क करें। शुरुआती इलाज ही आपकी दृष्टि को सुरक्षित रख सकता है।

​क्या आप स्क्लेराइटिस से जुड़ी विशिष्ट दवाओं या इसके और अधिक नैदानिक परीक्षणों (Diagnostic Tests) के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं?

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