शिंगल्स (Shingles), जिसे चिकित्सीय भाषा में हर्पीज जोस्टर (Herpes Zoster) कहा जाता है, एक दर्दनाक वायरल संक्रमण है। यह त्वचा पर लाल चकत्तों और छालों के रूप में उभरता है। भारत के कई हिस्सों में इसे स्थानीय रूप से 'जनेऊ' के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसके दाने अक्सर शरीर के एक तरफ एक पट्टी या धागे की तरह दिखाई देते हैं।
शिंगल्स क्या होता है? (What is Shingles?)
शिंगल्स उसी वायरस के कारण होता है जिससे 'चिकनपॉक्स' (Chickenpox) या छोटी माता होती है। इस वायरस का नाम वेरिसेला-जोस्टर वायरस (Varicella-Zoster Virus) है। एक बार जब किसी व्यक्ति को चिकनपॉक्स हो जाता है, तो यह वायरस शरीर की तंत्रिकाओं (Nerves) में निष्क्रिय अवस्था में पड़ा रहता है। सालों बाद, जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर होती है, तो यह वायरस फिर से सक्रिय हो जाता है और शिंगल्स का रूप ले लेता है।
शिंगल्स के लक्षण (Symptoms of Shingles)
इसके लक्षण आमतौर पर शरीर के केवल एक तरफ (दाएं या बाएं) दिखाई देते हैं:
- दर्द और जलन (Pain and Burning): चकत्ते दिखने से पहले उस स्थान पर तेज दर्द, झुनझुनी या जलन महसूस होती है।
- लाल चकत्ते (Red Rash): दर्द शुरू होने के कुछ दिनों बाद त्वचा पर लाल रंग के दाने उभर आते हैं।
- द्रव से भरे छाले (Fluid-filled Blisters): ये दाने छोटे-छोटे छालों में बदल जाते हैं जिनमें पानी भरा होता है और बाद में उन पर पपड़ी जम जाती है।
- खुजली (Itching): प्रभावित क्षेत्र में बहुत ज्यादा खुजली हो सकती है।
- अन्य लक्षण: बुखार (Fever), सिरदर्द (Headache), थकान (Fatigue) और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता।
शिंगल्स के कारण (Causes of Shingles)
इसका मुख्य कारण वेरिसेला-जोस्टर वायरस (Varicella-Zoster Virus) का पुनः सक्रिय होना है। इसके जोखिम को बढ़ाने वाले कारक निम्नलिखित हैं:
- बढ़ती उम्र: 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में इसका खतरा अधिक होता है।
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Weak Immunity): कैंसर, एचआईवी (HIV) या अन्य गंभीर बीमारियों के कारण शरीर की लड़ने की शक्ति कम होना।
- तनाव (Stress): अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव वायरस को सक्रिय कर सकता है।
- दवाएं: स्टेरॉयड या अंगों के प्रत्यारोपण (Organ Transplant) के बाद दी जाने वाली दवाएं।
शिंगल्स को कैसे पहचानें? (How to Identify Shingles?)
इसकी पहचान इसके विशिष्ट स्वरूप से की जाती है:
- एकतरफा प्रभाव: यह शरीर के एक विशेष हिस्से (जैसे कमर के एक तरफ, चेहरे के एक तरफ या छाती पर) एक पट्टी के रूप में होता है।
- तीव्र दर्द: इसका दर्द अक्सर सामान्य त्वचा संक्रमण से कहीं अधिक तीव्र और चुभने वाला होता है।
- इतिहास: यदि व्यक्ति को पहले चिकनपॉक्स हो चुका है, तो शिंगल्स होने की संभावना प्रबल होती है।
शिंगल्स का इलाज (Treatment of Shingles)
शिंगल्स का कोई पूर्ण इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं से इसकी अवधि और गंभीरता को कम किया जा सकता है:
- एंटीवायरल दवाएं (Antiviral Drugs): जैसे एसाइक्लोविर (Acyclovir), जो वायरस को फैलने से रोकती हैं।
- दर्द निवारक (Painkillers): दर्द और सूजन को कम करने के लिए इबुप्रोफेन या अन्य दवाएं।
- कैलामाइन लोशन (Calamine Lotion): खुजली और जलन को शांत करने के लिए।
- एंटी-कॉन्वल्सेंट: यदि नसों का दर्द (Post-herpetic Neuralgia) बना रहता है, तो डॉक्टर विशेष दवाएं दे सकते हैं।
घरेलू उपाय (Home Remedies)
- ठंडी सिकाई (Cold Compress): ठंडे पानी में कपड़ा भिगोकर छालों पर लगाने से दर्द और खुजली में राहत मिलती है।
- बेकिंग सोडा या कॉर्नस्टार्च: छालों को सुखाने के लिए इनका लेप लगाया जा सकता है।
- ढीले कपड़े पहनें: सूती और ढीले कपड़े पहनने से छालों में रगड़ नहीं लगती।
- जौ के आटे से स्नान (Oatmeal Bath): यह त्वचा की जलन को कम करने में सहायक है।
कैसे रोकें और सावधानियाँ (Prevention and Precautions)
- टीकाकरण (Vaccination): शिंगल्स का टीका (Shingles Vaccine) उपलब्ध है, जो 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए बहुत प्रभावी है।
- दूरी बनाएं: जब तक छाले सूख न जाएं, तब तक गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों से दूर रहें।
- हाथ धोएं: छालों को छूने के बाद हाथों को अच्छी तरह साफ करें।
- खरोंचे नहीं: छालों को फोड़ने या खरोंचने से बचें, अन्यथा संक्रमण (Infection) फैल सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या शिंगल्स संक्रामक है?
उत्तर: शिंगल्स सीधे तौर पर नहीं फैलता, लेकिन यदि कोई व्यक्ति शिंगल्स के छालों के संपर्क में आता है और उसे कभी चिकनपॉक्स नहीं हुआ है, तो उसे चिकनपॉक्स हो सकता है।
प्रश्न 2: क्या शिंगल्स दोबारा हो सकता है?
उत्तर: हाँ, हालांकि यह दुर्लभ है, लेकिन कुछ लोगों में यह एक से अधिक बार हो सकता है।
प्रश्न 3: क्या यह आंखों को प्रभावित कर सकता है?
उत्तर: हाँ, यदि शिंगल्स आंखों के पास होता है, तो यह दृष्टि को नुकसान पहुँचा सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें।
निष्कर्ष (Conclusion)
शिंगल्स (Shingles) एक कष्टदायक अनुभव हो सकता है, लेकिन समय पर इलाज शुरू करने से इसके जटिलताओं जैसे पोस्ट-हर्पेटिक न्यूराल्जिया (Post-herpetic Neuralgia) से बचा जा सकता है। यदि आपको त्वचा पर दर्दनाक चकत्ते दिखें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या आप शिंगल्स के टीकाकरण (Vaccination) की उपलब्धता या इसके बाद होने वाले नसों के दर्द (Nerve Pain) के प्रबंधन के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं?