Khushveer Choudhary

Sinus Bradycardia क्या है, लक्षण, कारण और उपचार

​हृदय हमारे शरीर का इंजन है, जो पूरे शरीर में रक्त पंप करता है। एक सामान्य वयस्क का हृदय आराम की स्थिति में 60 से 100 बार प्रति मिनट धड़कता है। लेकिन जब यह धड़कन 60 बार प्रति मिनट से कम हो जाती है, तो इस स्थिति को चिकित्सा विज्ञान में साइनएस ब्रैडीकार्डिया (Sinus Bradycardia) कहा जाता है। कई बार यह सामान्य हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह हृदय की कार्यक्षमता पर प्रभाव डाल सकता है।

​साइनस ब्रैडीकार्डिया क्या होता है? (What is Sinus Bradycardia?)

​साइनुस ब्रैडीकार्डिया का मतलब है कि आपके हृदय का प्राकृतिक पेसमेकर, जिसे साइनोआर्ट्रियल नोड (SA Node) कहा जाता है, सामान्य से धीमी गति से विद्युत संकेत (Electrical Signals) भेज रहा है।

  • नोट: एथलीटों या गहरी नींद में सो रहे लोगों के लिए 60 से कम धड़कन होना सामान्य माना जा सकता है, क्योंकि उनका हृदय अधिक कुशल होता है।

​साइनस ब्रैडीकार्डिया के लक्षण (Symptoms of Sinus Bradycardia)

​यदि हृदय पर्याप्त रूप से रक्त पंप नहीं कर पा रहा है, तो शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं:

  • चक्कर आना (Dizziness or Lightheadedness): सिर हल्का महसूस होना।
  • बेहोशी (Fainting/Syncope): अचानक चक्कर खाकर गिर जाना।
  • थकान (Fatigue): सामान्य काम करने पर भी अत्यधिक थकान महसूस होना।
  • सांस फूलना (Shortness of Breath): शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस लेने में दिक्कत।
  • सीने में दर्द (Chest Pain): हृदय पर दबाव महसूस होना।
  • भ्रम (Confusion): एकाग्रता में कमी या याददाश्त में धुंधलापन।
  • व्यायाम करने में असमर्थता (Exercise Intolerance): जल्दी थक जाना।

​साइनस ब्रैडीकार्डिया के कारण (Causes of Sinus Bradycardia)

​इसके कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

​1. चिकित्सीय कारण (Medical Causes)

  • हृदय रोग (Heart Disease): हृदय की मांसपेशियों में क्षति या कोरोनरी आर्टरी डिजीज।
  • हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism): थायराइड ग्रंथि का कम सक्रिय होना।
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन (Electrolyte Imbalance): रक्त में पोटेशियम या कैल्शियम का स्तर बिगड़ना।
  • स्लीप एप्निया (Sleep Apnea): सोते समय सांस का बार-बार रुकना।
  • संक्रमण (Infections): जैसे मायोकार्डिटिस (हृदय की मांसपेशियों की सूजन)।

​2. बाहरी कारक (External Factors)

  • दवाएं (Medications): बीटा-ब्लॉकर्स, कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स या कुछ अन्य हृदय की दवाएं।
  • उम्र बढ़ना (Aging): बढ़ती उम्र के साथ हृदय का इलेक्ट्रिक सिस्टम कमजोर होना।

साइनस ब्रैडीकार्डिया ​कैसे पहचानें? (How to Identify/Diagnosis?)

​डॉक्टर साइनस ब्रैडीकार्डिया की पहचान के लिए निम्नलिखित टेस्ट कर सकते हैं:

  • ईसीजी (ECG/EKG): यह हृदय की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करने वाला सबसे मुख्य टेस्ट है।
  • होल्टर मॉनिटर (Holter Monitor): 24-48 घंटों तक हृदय की धड़कन को रिकॉर्ड करने वाला पोर्टेबल उपकरण।
  • स्ट्रेस टेस्ट (Stress Test): व्यायाम के दौरान हृदय की प्रतिक्रिया की जांच।
  • रक्त परीक्षण (Blood Test): थायराइड या इलेक्ट्रोलाइट की जांच के लिए।

​साइनस ब्रैडीकार्डिया ​इलाज (Treatment of Sinus Bradycardia)

​इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि लक्षण कितने गंभीर हैं और कारण क्या है:

  • दवाओं में बदलाव: यदि कोई दवा धड़कन धीमी कर रही है, तो डॉक्टर उसकी खुराक बदल सकते हैं।
  • अंतर्निहित समस्या का इलाज: जैसे थायराइड या स्लीप एप्निया का उपचार।
  • पेसमेकर (Pacemaker): गंभीर मामलों में, जहाँ हृदय खुद को नियंत्रित नहीं कर पाता, त्वचा के नीचे एक छोटा उपकरण (पेसमेकर) लगाया जाता है जो धड़कन को सामान्य रखता है।
  • एट्रोपिन (Atropine): आपातकालीन स्थिति में धड़कन बढ़ाने के लिए दी जाने वाली दवा।

​घरेलू उपाय और जीवनशैली (Home Remedies and Lifestyle)

  • नियमित व्यायाम: डॉक्टर की सलाह पर हल्का व्यायाम करें।
  • तनाव प्रबंधन (Stress Management): योग और ध्यान (Meditation) का अभ्यास करें।
  • स्वस्थ आहार: नमक और वसा (Fat) का सेवन सीमित करें।
  • नशे से दूर रहें: धूम्रपान और शराब हृदय की धड़कन को प्रभावित करते हैं।

​सावधानियाँ (Precautions)

  • नियमित पल्स चेक: समय-समय पर अपनी नाड़ी (Pulse) की जांच स्वयं करें।
  • अचानक न उठें: यदि चक्कर आते हैं, तो बैठने या लेटने की स्थिति से अचानक न उठें।
  • कैफीन का सीमित सेवन: बहुत अधिक कॉफी या चाय से बचें यदि वे आपकी धड़कन को अनियमित करती हैं।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या 50 की धड़कन सामान्य है?

यदि आप एक एथलीट हैं या सो रहे हैं, तो यह सामान्य हो सकती है। लेकिन यदि आपको चक्कर या कमजोरी महसूस होती है, तो यह चिंता का विषय है।

2. क्या साइनस ब्रैडीकार्डिया खतरनाक है?

यह तब खतरनाक होता है जब इसके कारण मस्तिष्क और अन्य अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।

3. क्या तनाव से धड़कन कम हो सकती है?

आमतौर पर तनाव से धड़कन बढ़ती है (टैकीकार्डिया), लेकिन कुछ विशेष तंत्रिका प्रतिक्रियाओं (Vagal Response) के कारण यह धीमी भी हो सकती है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​साइनुस ब्रैडीकार्डिया को हमेशा एक गंभीर बीमारी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना भी जोखिम भरा हो सकता है। यदि आपको लगातार थकान, चक्कर या बेहोशी महसूस होती है, तो यह आपके हृदय का संकेत हो सकता है कि उसे मदद की जरूरत है।

​क्या आप हृदय को स्वस्थ रखने वाले विशेष योगासनों या डाइट चार्ट के बारे में जानकारी चाहते हैं?

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने