Khushveer Choudhary

Snoring: कारण, लक्षण, स्वास्थ्य जोखिम और इसे रोकने के पक्के उपाय

​खर्राटे लेना एक बहुत ही सामान्य स्थिति है, जिसे अक्सर हंसी-मजाक में टाल दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खर्राटे केवल एक शोर नहीं, बल्कि आपके स्वास्थ्य से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकते हैं? खर्राटे न केवल आपके साथी की नींद खराब करते हैं, बल्कि यह आपकी नींद की गुणवत्ता को भी प्रभावित करते हैं। आइए जानते हैं कि खर्राटे क्यों आते हैं और इन्हें कैसे कम किया जा सकता है।

​खर्राटे क्यों आते हैं? (What Causes Snoring?)

​जब आप सोते हैं, तो आपके गले और मुँह की मांसपेशियां शिथिल (Relax) हो जाती हैं। यदि सोते समय वायु मार्ग (Airway) संकरा हो जाए, तो फेफड़ों तक जाने वाली हवा वहां मौजूद ढीले ऊतकों (Tissues) में कंपन (Vibration) पैदा करती है। इसी कंपन से निकलने वाली आवाज को खर्राटे कहते हैं।

​खर्राटों के मुख्य कारण (Common Causes)

  • मुँह और साइनस की बनावट: तालू (Soft palate) का बहुत नीचे होना या नाक की हड्डी का टेढ़ा होना (DNS)।
  • अधिक वजन (Obesity): गले के आसपास अतिरिक्त चर्बी वायु मार्ग पर दबाव डालती है।
  • पीठ के बल सोना: इस स्थिति में गुरुत्वाकर्षण के कारण जीभ पीछे गिर जाती है और गले का रास्ता रोकती है।
  • शराब और नशा: सोने से पहले शराब पीने से गले की मांसपेशियां बहुत अधिक ढीली हो जाती हैं।
  • उम्र बढ़ना: बढ़ती उम्र के साथ गले की मांसपेशियों का तनाव कम होने लगता है।
  • एलर्जी और सर्दी: बंद नाक के कारण मुँह से सांस लेना पड़ता है, जिससे खर्राटे आते हैं।

​खर्राटे और स्लीप एप्निया (Snoring vs Sleep Apnea)

​हर खर्राटे लेने वाले को स्लीप एप्निया (Sleep Apnea) नहीं होता, लेकिन यदि खर्राटों के साथ नीचे दिए गए लक्षण हैं, तो यह खतरनाक हो सकता है:

  • ​सोते समय सांस का बार-बार रुकना।
  • ​अचानक हांफते हुए या घबराहट के साथ जागना।
  • ​दिन भर बहुत अधिक नींद और थकान महसूस होना।
  • ​सुबह उठने पर सिरदर्द होना।

​खर्राटे रोकने के उपाय (How to Stop Snoring)

​1. जीवनशैली में बदलाव

  • वजन कम करें: गले के आसपास की चर्बी कम होने से वायु मार्ग खुल जाता है।
  • सोने की दिशा बदलें: पीठ के बल सोने के बजाय करवट लेकर (Side sleeping) सोएं।
  • नशे से दूर रहें: सोने से कम से कम 4 घंटे पहले शराब और स्मोकिंग से बचें।
  • तरल पदार्थ पिएं: शरीर में पानी की कमी से नाक और गले का स्राव चिपचिपा हो जाता है, जिससे खर्राटे बढ़ते हैं।

​2. घरेलू और आसान नुस्खे

  • भाप लेना: सोने से पहले गर्म पानी की भाप लें ताकि नाक का रास्ता साफ रहे।
  • ऊंचा तकिया: सिर को 4-5 इंच ऊंचा रखकर सोने से वायु मार्ग खुला रहता है।
  • नेजल स्ट्रिप्स: बाजार में उपलब्ध नोज स्ट्रिप्स नाक के रास्ते को चौड़ा करने में मदद करती हैं।

​3. चिकित्सा उपचार (Medical Treatment)

  • CPAP मशीन: यदि कारण स्लीप एप्निया है, तो यह मशीन सोते समय हवा का दबाव बनाए रखती है।
  • डेंटल उपकरण: विशेष माउथपीस जो जबड़े को आगे रखते हैं।
  • सर्जरी: यदि नाक की हड्डी टेढ़ी है या टॉन्सिल बड़े हैं, तो सर्जरी एक विकल्प हो सकती है।

​खर्राटों के लिए योग (Yoga for Snoring)

  • भ्रामरी प्राणायाम: यह गले की मांसपेशियों को मजबूती देता है।
  • उज्जायी प्राणायाम: इसे 'विक्टोरियस ब्रीदिंग' भी कहते हैं, जो श्वसन तंत्र को साफ करता है।
  • सिंहासन (Lion Pose): यह गले और जीभ की मांसपेशियों के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या खर्राटे लेना एक बीमारी है?

अकेले खर्राटे लेना बीमारी नहीं है, लेकिन यह 'ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया' जैसी गंभीर स्थिति का लक्षण हो सकता है।

2. क्या बच्चों में खर्राटे लेना सामान्य है?

बच्चों में खर्राटे अक्सर बढ़े हुए टॉन्सिल या एडिनोइड्स के कारण होते हैं। यदि बच्चा रोज खर्राटे लेता है, तो बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।

3. क्या खर्राटे दिल की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं?

हाँ, गंभीर खर्राटों (स्लीप एप्निया) के कारण उच्च रक्तचाप और हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​खर्राटों को केवल एक परेशानी समझकर नजरअंदाज न करें। स्वस्थ वजन बनाए रखकर, सही पोजीशन में सोकर और नशीले पदार्थों से बचकर आप इसे काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। यदि ये उपाय काम न करें, तो किसी स्लीप स्पेशलिस्ट से परामर्श जरूर लें।

​क्या आप खर्राटे रोकने के लिए विशेष गले के व्यायाम (Throat Exercises) या CPAP मशीन के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं?

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