टैब्स डॉर्सालिस (Tabes Dorsalis) :
चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) में कई ऐसी बीमारियां हैं जिनके बारे में आम लोगों को बहुत कम जानकारी होती है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर ये बेहद गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसी ही एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है टैब्स डॉर्सालिस (Tabes Dorsalis)। यह रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है, जो शरीर के संतुलन और संवेदी क्षमताओं (Senses) को धीरे-धीरे नष्ट कर देती है।
यह बीमारी मुख्य रूप से अनियंत्रित या पुराने सिफलिस (Syphilis) इन्फेक्शन के कारण होती है। अगर इसका सही समय पर निदान और इलाज न किया जाए, तो यह मरीज को चलने-फिरने में पूरी तरह लाचार बना सकती है। आज के इस लेख में हम टैब्स डॉर्सालिस के कारण, लक्षण, राहत के उपाय और इससे जुड़ी जरूरी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
टैब्स डॉर्सालिस क्या है? (What is Tabes Dorsalis in Hindi)
टैब्स डॉर्सालिस रीढ़ की हड्डी के पिछले हिस्से (Dorsal Columns) में होने वाला एक धीमा और लगातार बढ़ने वाला नुकसान (Degeneration) है। यह रीढ़ की हड्डी की उन नसों को नुकसान पहुंचाता है जो दिमाग तक शरीर के संतुलन, दर्द और स्पर्श के संकेतों को ले जाती हैं।
चिकित्सा भाषा में इसे न्यूरोसिफलिस (Neurosyphilis) का एक रूप माना जाता है। जब सिफलिस का बैक्टीरिया केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर हमला करता है, तब यह बीमारी जन्म लेती है। सिफलिस इन्फेक्शन होने के लगभग 10 से 30 साल बाद इसके लक्षण गंभीर रूप से सामने आते हैं।
टैब्स डॉर्सालिस होने के मुख्य कारण (Causes of Tabes Dorsalis)
इस बीमारी का एकमात्र और मुख्य कारण एक बैक्टीरिया है:
- ट्रेपोनेमा पेलिडम (Treponema Pallidum): यह वही बैक्टीरिया है जो सिफलिस (एक प्रकार का यौन संचारित रोग या STD) का कारण बनता है।
- इलाज में लापरवाही: जब किसी व्यक्ति को सिफलिस होता है और वह इसका सही एंटीबायोटिक इलाज नहीं करवाता, तो यह बैक्टीरिया सालों तक शरीर में छिपा रहता है और धीरे-धीरे रीढ़ की हड्डी और नसों को खोखला करने लगता है।
टैब्स डॉर्सालिस के मुख्य लक्षण (Tabes Dorsalis Symptoms)
चूंकि यह नसों से जुड़ी बीमारी है, इसलिए इसके लक्षण काफी दर्दनाक और डराने वाले हो सकते हैं:
- अचानक तेज और चुभने वाला दर्द (Lightning Pains): पैरों और पेट में अचानक बिजली के झटके जैसा या चाकू घोंपने जैसा तेज दर्द होना, जो कुछ सेकंड से लेकर मिनटों तक रह सकता है।
- चलने-फिरने में संतुलन खोना (Ataxia): मरीज को चलने में दिक्कत होती है। खासकर अंधेरे में या आंखें बंद करने पर वह अपना संतुलन खोकर गिरने लगता है। चलते समय पैर जमीन पर जोर से पटकना इसकी मुख्य पहचान है।
- सेंसेशन या महसूस करने की क्षमता खत्म होना: पैरों और तलवों में सुन्नपन आना। मरीज को यह महसूस नहीं होता कि उसका पैर जमीन पर टिका है या नहीं।
- आंखों की रोशनी कमजोर होना (Optic Atrophy): आंखों की नसें सूखने लगती हैं, जिससे धुंधला दिखना और धीरे-धीरे अंधापन आ सकता है। पुतलियों का सिकुड़ना (Argyll Robertson Pupil) भी इसका एक बड़ा लक्षण है।
- जोड़ों का खराब होना (Charcot's Joints): दर्द महसूस न होने के कारण जोड़ों में बार-बार चोट लगती है, जिससे घुटने या एड़ी के जोड़ पूरी तरह विकृत और सूज जाते हैं।
- मूत्राशय (Bladder) पर नियंत्रण खोना: पेशाब रोकने में दिक्कत होना या यूरिन का अपने आप निकल जाना।
इलाज और तुरंत राहत के उपाय (Treatment and Relief Tips)
टैब्स डॉर्सालिस के कारण नसों को जो नुकसान हो चुका है, उसे पूरी तरह ठीक (Reverse) नहीं किया जा सकता, लेकिन बीमारी को आगे बढ़ने से रोकने और दर्द से राहत पाने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाते हैं:
1. मेडिकल इलाज (मुख्य उपचार):
- पेनिसिलिन इंजेक्शन (Penicillin G): यह इस बीमारी का सबसे मुख्य इलाज है। बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए डॉक्टर मरीज को हाई-डोज इंट्रावेनस (IV) पेनिसिलिन एंटीबायोटिक का कोर्स देते हैं।
2. दर्द से तुरंत राहत के उपाय:
- न्यूरोपैथिक दर्द की दवाएं: बिजली के झटके जैसे होने वाले दर्द को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर एंटी-कन्वल्सेंट (जैसे Gabapentin या Pregabalin) दवाइयां प्रिसक्राइब करते हैं।
- फिजियोथेरेपी (Physio Therapy): मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने और चलने-फिरने के संतुलन को सुधारने के लिए नियमित फिजियोथेरेपी बेहद जरूरी है।
टैब्स डॉर्सालिस में बढ़ती जाने वाली सावधानियां (Precautions)
यदि परिवार में या किसी मरीज को यह समस्या है, तो इन सावधानियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- अंधेरे में चलने से बचें: चूंकि इस बीमारी में आंखों और पैरों का संतुलन बिगड़ जाता है, इसलिए मरीज के कमरे और रास्ते में हमेशा अच्छी रोशनी होनी चाहिए। रात को उठने के लिए नाइट लैंप का उपयोग जरूर करें।
- पैरों की नियमित जांच करें: पैरों में सुन्नपन के कारण चोट, कट या छाले का पता नहीं चलता। इसलिए रोज रात को पैरों के तलवों की जांच करें ताकि कोई इन्फेक्शन या अल्सर (Charcot's Ulcer) न फैले।
- सहारे का उपयोग करें: चलने के लिए वॉकर, स्टिक (लाठी) या किसी व्यक्ति के सहारे का उपयोग करें ताकि गिरने और फ्रैक्चर होने का खतरा न रहे।
- सुरक्षित यौन संबंध: चूंकि यह सिफलिस (STD) के कारण होता है, इसलिए सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाना और किसी भी गुप्त रोग के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराना सबसे बड़ी सावधानी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या टैब्स डॉर्सालिस छूने से फैलता है?
Ans: नहीं, टैब्स डॉर्सालिस खुद कोई संक्रामक बीमारी नहीं है जो छूने से फैले। यह सिफलिस बैक्टीरिया के शरीर में सालों तक रहने के कारण नसों को हुए नुकसान का नतीजा है।
Q2. इस बीमारी का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट किए जाते हैं?
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