Bladder Stones, जिसे हिंदी में मूत्राशय की पथरी कहा जाता है, एक सामान्य मूत्र संबंधी रोग है जिसमें मूत्राशय में खनिजों के जमा होने से छोटे या बड़े पत्थर (स्टोन्स) बन जाते हैं। यह तब होता है जब मूत्राशय पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता और बचे हुए मूत्र में खनिज कण जमा होकर क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं।यह रोग पुरुषों में ज़्यादा आम है, खासकर 50 वर्ष से ऊपर की उम्र में, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
Bladder Stones क्या होता है ? (What are Bladder Stones?)
Bladder Stones वे कठोर जमाव होते हैं जो मूत्र में मौजूद खनिजों से बनते हैं जब मूत्राशय में मूत्र रुका हुआ रहता है। ये पथरियाँ धीरे-धीरे बड़ी होती जाती हैं और कई बार दर्द, पेशाब में रुकावट या संक्रमण का कारण बनती हैं।
Bladder Stones कारण (Causes of Bladder Stones):
- मूत्राशय पूरी तरह से खाली न होना (Urinary retention)
- Bladder outlet obstruction (जैसे Enlarged prostate – प्रोस्टेट का बढ़ना)
- Neurogenic bladder – नसों की समस्या के कारण मूत्र नियंत्रण में कठिनाई
- Chronic urinary tract infections (बार-बार UTI)
- Foreign bodies in bladder (जैसे catheter का लंबे समय तक प्रयोग)
- Bladder diverticulum – मूत्राशय की दीवार में उभार
- Dehydration – शरीर में पानी की कमी
- Dietary imbalance – अधिक नमक या ऑक्सालेट युक्त भोजन
- सर्जरी के बाद जटिलताएं
Bladder Stones के लक्षण (Symptoms of Bladder Stones):
- पेशाब करते समय दर्द या जलन (Dysuria)
- बार-बार पेशाब आना (Frequent urination)
- पेशाब में रुकावट या अचानक रुक जाना
- पेशाब में खून आना (Hematuria)
- पेशाब की बदबू या रंग में बदलाव
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन
- मूत्र का पूरी तरह बाहर न निकल पाना
- पेशाब के बाद मूत्राशय में जलन
- बार-बार संक्रमण होना (Recurrent UTI)
- पुरुषों में पेनिस की नोक पर दर्द
निदान (Diagnosis of Bladder Stones):
- Urine test – संक्रमण और खनिज की पहचान
- Ultrasound – मूत्राशय में पथरी की स्थिति देखने के लिए
- X-ray (KUB) – यदि पथरी रेडियो-ओपेक हो
- CT Scan – अधिक स्पष्ट और सटीक जानकारी के लिए
- Cystoscopy – एंडोस्कोप से मूत्राशय के अंदर देखकर पथरी की पुष्टि
- Uroflowmetry – मूत्र के प्रवाह की जांच
Bladder Stones इलाज (Treatment of Bladder Stones):
1. Non-surgical (छोटी पथरी में):
- अधिक मात्रा में पानी पीना
- Infection होने पर एंटीबायोटिक
- दर्द के लिए एनाल्जेसिक
- कभी-कभी पथरी स्वयं मूत्र के साथ निकल सकती है (छोटी होने पर)
2. Surgical methods (यदि पथरी बड़ी हो):
- Cystolitholapaxy – एंडोस्कोप के द्वारा पथरी को तोड़ना और निकालना
- Percutaneous suprapubic cystolithotomy – पेट की दीवार से सर्जरी कर पथरी निकालना
- Open surgery – बहुत बड़ी या जटिल पथरी के लिए
- Laser lithotripsy – लेज़र से पथरी को तोड़ना
- यदि प्रोस्टेट बढ़ा हुआ है, तो उसका भी इलाज करना आवश्यक होता है
Bladder Stones कैसे रोके (Prevention of Bladder Stones):
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना (8–10 गिलास रोज़ाना)
- पेशाब को न रोकें, नियमित रूप से पेशाब करें
- मूत्र संक्रमण से बचाव करें
- प्रोस्टेट enlargement या ब्लैडर डिसऑर्डर का समय पर इलाज
- डाइट में ऑक्सालेट, नमक और प्रोटीन का संतुलन बनाए रखें
- पेशाब के बाद मूत्राशय को पूरी तरह खाली करें
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
- कैथेटर का प्रयोग सावधानी से और कम समय तक करें
घरेलू उपाय (Home Remedies for Bladder Stones):
नोट: यदि पथरी बड़ी हो तो घरेलू उपाय पर्याप्त नहीं होते। फिर भी हल्के मामलों में यह लाभदायक हो सकते हैं:
- नींबू और पानी (Lemon water) – साइट्रेट की मौजूदगी पथरी बनने से रोकती है
- नारियल पानी – मूत्र मार्ग की सफाई और जलन में राहत
- गोखरू (Tribulus terrestris) – आयुर्वेद में मूत्राशय स्वास्थ्य के लिए
- प्याज का रस – प्राकृतिक मूत्रवर्धक (diuretic)
- जौ का पानी (Barley water) – पेशाब साफ रखने में सहायक
- आंवला और हल्दी का सेवन – संक्रमण से बचाव में सहायक
सावधानियाँ (Precautions):
- पेशाब में जलन या खून दिखे तो तुरंत जांच कराएं
- बार-बार पेशाब रुकने की स्थिति को अनदेखा न करें
- डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं को नियमित लें
- हाई ऑक्सालेट डाइट (पालक, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स) सीमित करें
- कम से कम 6 महीने में एक बार मूत्राशय की जांच कराएं यदि आपको मूत्र संबंधी पुराना रोग हो
- किसी भी संक्रमण के लक्षण को नजरअंदाज न करें
Bladder Stones कैसे पहचाने (How to Identify Bladder Stones?):
- यदि पेशाब के समय दर्द या जलन हो
- बार-बार पेशाब आए लेकिन संतुष्टि न मिले
- पेशाब में रुकावट आए या धार टूटे
- मूत्र में बदबू या खून दिखे
- मूत्र में गाढ़ापन और गंदापन हो
- पेट के निचले हिस्से में लगातार भारीपन हो
- पुराना UTI बार-बार होता हो
इन लक्षणों में से कोई भी हो तो तुरंत मूत्र रोग विशेषज्ञ (Urologist) से संपर्क करें।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):
प्रश्न 1: क्या Bladder Stones अपने आप निकल सकते हैं?
उत्तर: हाँ, बहुत छोटी पथरी कभी-कभी स्वयं निकल सकती है, लेकिन बड़ी पथरी के लिए इलाज आवश्यक है।
प्रश्न 2: क्या यह समस्या दोबारा हो सकती है?
उत्तर: हाँ, यदि कारणों को ठीक से नियंत्रित न किया जाए तो पथरी दोबारा बन सकती है।
प्रश्न 3: क्या यह बच्चों में भी हो सकती है?
उत्तर: हाँ, विशेष रूप से विकासशील देशों में जहां पोषण और स्वच्छता की कमी हो।
प्रश्न 4: क्या केवल पानी पीने से पथरी निकल सकती है?
उत्तर: केवल छोटी पथरियों में ही पानी उपयोगी होता है। बड़ी पथरी के लिए दवाइयां या सर्जरी आवश्यक होती है।
प्रश्न 5: क्या यह जानलेवा हो सकता है?
उत्तर: यदि अनदेखा किया जाए और संक्रमण फैल जाए, तो यह गंभीर हो सकता है। लेकिन इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion):
Bladder Stones (मूत्राशय की पथरी) एक आम लेकिन गंभीर स्थिति है, जो समय पर पहचान और इलाज से पूरी तरह नियंत्रित की जा सकती है। इसके लिए स्वच्छता, सही आहार, पर्याप्त जल सेवन और मूत्र संबंधी बीमारियों की समय पर जांच बहुत जरूरी है। यदि आप किसी भी लक्षण से पीड़ित हैं, तो देर न करें – विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें और स्वास्थ्य को सुरक्षित रखें।
