Khushveer Choudhary

Neurogenic Bladder की पूरी जानकारी – कारण, लक्षण, इलाज, रोकथाम और घरेलू उपाय

Neurogenic Bladder जिसे हिंदी में न्यूरोजेनिक मूत्राशय विकार कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी या तंत्रिकाओं की खराबी के कारण मूत्राशय (Urinary Bladder) की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इससे व्यक्ति को मूत्र रोकने या पूरी तरह निकालने में समस्या होती है। यह स्थिति जन्मजात (Congenital) भी हो सकती है या किसी दुर्घटना या रोग के कारण जीवन में बाद में विकसित हो सकती है।









Neurogenic Bladder क्या होता है ? (What is Neurogenic Bladder?)

Neurogenic bladder एक ऐसा विकार है जिसमें मूत्राशय को नियंत्रित करने वाली नसों (Nerves) की कार्यप्रणाली प्रभावित हो जाती है। इससे मूत्राशय या तो आवश्यकता से अधिक संवेदनशील हो जाता है (overactive bladder) या बहुत सुस्त होकर मूत्र को संचित करता है (underactive bladder)। इसका प्रभाव व्यक्ति की जीवनशैली, मूत्र त्याग की आदतों और गुर्दों की सेहत पर भी पड़ सकता है।

Neurogenic Bladder कारण (Causes of Neurogenic Bladder):

  1. रीढ़ की हड्डी की चोट (Spinal cord injury)
  2. मस्तिष्क की चोट या स्ट्रोक (Brain injury or stroke)
  3. पार्किंसन रोग (Parkinson’s disease)
  4. मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple sclerosis)
  5. डायबिटीज (Diabetes mellitus) – जो तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचाती है
  6. सर्जरी के बाद तंत्रिका क्षति (Nerve damage post-surgery)
  7. स्पाइना बिफिडा (Spina bifida) – जन्मजात तंत्रिका दोष
  8. गर्भनाल या रीढ़ की हड्डी से जुड़े ट्यूमर

Neurogenic Bladder के लक्षण (Symptoms of Neurogenic Bladder):

Overactive bladder (अत्यधिक सक्रिय मूत्राशय) के लक्षण:

  • बार-बार पेशाब आना (Frequent urination)
  • पेशाब पर नियंत्रण नहीं रहना (Urinary incontinence)
  • अचानक पेशाब की तीव्र इच्छा (Urge to urinate)
  • रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना (Nocturia)

Underactive bladder (कमज़ोर मूत्राशय) के लक्षण:

  • पेशाब करने में कठिनाई (Difficulty initiating urination)
  • पेशाब करते समय धारा धीमी होना
  • मूत्राशय का पूरी तरह खाली न होना
  • बार-बार मूत्रमार्ग संक्रमण (Recurrent urinary tract infections – UTI)
  • पेट के निचले हिस्से में दबाव या भारीपन

निदान (Diagnosis of Neurogenic Bladder):

  1. मेडिकल हिस्ट्री और फिजिकल एग्जामिनेशन
  2. ब्लैडर डायरी – पेशाब के समय और मात्रा का रिकॉर्ड
  3. Urine Test and Culture – संक्रमण की जांच के लिए
  4. Ultrasound of bladder – अवशिष्ट मूत्र की मात्रा जानने हेतु
  5. Urodynamic testing – मूत्राशय की क्षमता और दबाव की जाँच
  6. Cystoscopy – मूत्रमार्ग और मूत्राशय की कैमरा जांच
  7. MRI/CT Scan – यदि तंत्रिका संबंधी कारण संदेहास्पद हो

Neurogenic Bladder इलाज (Treatment of Neurogenic Bladder):

इलाज की योजना रोग की गंभीरता और कारण पर निर्भर करती है:

  1. दवाइयां (Medications):

    1. Anticholinergics – Overactive bladder के लिए
    1. Beta-3 agonists – पेशाब की तीव्र इच्छा को नियंत्रित करने के लिए
    1. Antibiotics – संक्रमण के इलाज के लिए
  2. कैथेटर उपयोग (Catheterization):

    1. Intermittent catheterization – दिन में कई बार मूत्र निकालने के लिए
    1. Indwelling catheter – लंबे समय तक मूत्र निकासी के लिए
  3. सर्जरी:

    1. Bladder augmentation (Cystoplasty)
    1. Urinary diversion – गंभीर मामलों में
    1. Artificial urinary sphincter (AUS) या Nerve stimulation surgery
  4. फिजियोथेरेपी और पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़

  5. बायोफीडबैक थेरेपी

Neurogenic Bladder कैसे रोके (Prevention of Neurogenic Bladder):

Neurogenic bladder को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, विशेषकर यदि यह न्यूरोलॉजिकल रोगों से जुड़ा हो, लेकिन कुछ उपायों से इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है:

  • डायबिटीज को नियंत्रित रखें
  • रीढ़ की हड्डी की सुरक्षा – हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग
  • संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता बनाए रखें
  • तंत्रिका रोगों का समय रहते इलाज करें
  • नियमित रूप से पेशाब करें, मूत्र न रोकें

घरेलू उपाय (Home Remedies for Neurogenic Bladder):

घरेलू उपाय केवल सहायक भूमिका निभाते हैं, मुख्य इलाज चिकित्सकीय ही है:

  1. फ्लूइड मैनेजमेंट – ज़्यादा या कम पानी से बचें, संतुलित मात्रा में तरल पदार्थ लें
  2. कद्दू के बीज का सेवन (Pumpkin seeds) – मूत्राशय की कार्यक्षमता के लिए उपयोगी
  3. क्रैनबेरी जूस – UTI से बचाव के लिए
  4. पेल्विक फ्लोर व्यायाम (Kegel exercises) – नियंत्रण बेहतर बनाने में सहायक
  5. त्रिफला और गोक्षुर – आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से मूत्र संबंधी कार्यों को संतुलित करने में सहायक

सावधानियाँ (Precautions):

  • पेशाब में जलन, रुकावट या अत्यधिक बार-बार जाने की स्थिति को अनदेखा न करें
  • लंबे समय तक कैथेटर का प्रयोग बिना डॉक्टर की निगरानी में न करें
  • संक्रमण से बचने के लिए मूत्रमार्ग की सफाई रखें
  • तले, मसालेदार और बहुत कम पानी पीने की आदत से बचें
  • डिहाइड्रेशन से बचें
  • पेशाब में खून, बदबू या रंग बदलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

Neurogenic Bladder कैसे पहचाने (How to Identify Neurogenic Bladder?):

  • अगर बार-बार पेशाब आता हो लेकिन मूत्र पूरी तरह बाहर न निकले
  • मूत्र पर नियंत्रण न रहे या अनायास रिसाव हो
  • मूत्र करते समय अत्यधिक ज़ोर लगाना पड़े
  • बार-बार मूत्रमार्ग संक्रमण हो
  • रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क या तंत्रिकाओं से जुड़ी समस्या हो और मूत्र की शिकायत शुरू हो जाए

तो यह Neurogenic Bladder (न्यूरोजेनिक ब्लैडर) के संकेत हो सकते हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

प्रश्न 1: क्या Neurogenic Bladder पूरी तरह ठीक हो सकता है?
उत्तर: नहीं, लेकिन सही इलाज और जीवनशैली से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

प्रश्न 2: क्या यह स्थिति केवल वृद्धों को होती है?
उत्तर: नहीं, यह किसी भी उम्र में हो सकती है, खासकर यदि तंत्रिकाओं को नुकसान हुआ हो।

प्रश्न 3: क्या यह महिलाओं में अधिक होता है?
उत्तर: नहीं, यह पुरुष और महिला दोनों में हो सकता है।

प्रश्न 4: क्या कैथेटर का उपयोग हमेशा ज़रूरी होता है?
उत्तर: नहीं, केवल गंभीर मामलों में या जब मूत्राशय पूरी तरह खाली न हो रहा हो।

प्रश्न 5: क्या यह गुर्दे (Kidney) को प्रभावित करता है?
उत्तर: हाँ, यदि मूत्र मूत्राशय में जमा रहता है या संक्रमण फैलता है तो किडनी को नुकसान हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

Neurogenic Bladder (न्यूरोजेनिक मूत्राशय) एक गंभीर लेकिन प्रबंधनीय स्थिति है, जो तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी के कारण मूत्राशय की क्रिया को प्रभावित करती है। समय पर निदान, उचित इलाज और सावधानी बरतकर मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। डॉक्टर की सलाह और नियमित फॉलो-अप इस स्थिति में बहुत आवश्यक हैं।


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