Khushveer Choudhary

Carotid Artery Disease: कारण, लक्षण, इलाज और पूरी जानकारी

Carotid Artery Disease (कैरोटिड आर्टरी डिजीज) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्दन की कैरोटिड धमनियों (carotid arteries) में कोलेस्ट्रॉल, फैट और कैल्शियम जैसी चीजें जम जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। यह रुकावट मस्तिष्क तक ऑक्सीजनयुक्त रक्त पहुंचने से रोकती है और स्ट्रोक (Stroke) का खतरा बढ़ा देती है। यह बीमारी उम्र बढ़ने, हाई ब्लड प्रेशर, और हृदय रोग के जोखिम से जुड़ी होती है।

Carotid Artery Disease क्या होता है ? (What is Carotid Artery Disease?)

कैरोटिड आर्टरी डिजीज में गर्दन में दोनों ओर स्थित कैरोटिड धमनियों के अंदर प्लाक (atherosclerosis) बन जाता है। यह प्लाक रक्त प्रवाह को संकीर्ण या ब्लॉक कर सकता है, जिससे मस्तिष्क को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता। यही स्थिति इस्केमिक स्ट्रोक का मुख्य कारण होती है।

Carotid Artery Disease कारण (Causes of Carotid Artery Disease):

  1. धमनियों में प्लाक का जमाव (Atherosclerosis)
  2. उच्च रक्तचाप (High blood pressure)
  3. धूम्रपान और तंबाकू सेवन
  4. उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर (High cholesterol)
  5. मधुमेह (Diabetes)
  6. मोटापा और व्यायाम की कमी
  7. उम्र बढ़ना (Age > 60 years)
  8. परिवार में हृदय रोग का इतिहास
  9. तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली

Carotid Artery Disease के लक्षण (Symptoms of Carotid Artery Disease):

अक्सर प्रारंभिक अवस्था में कोई लक्षण नहीं होते। पहला संकेत अक्सर स्ट्रोक या TIA (Transient Ischemic Attack) होता है।

यदि लक्षण हों तो:

  1. चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन – खासकर एक ओर
  2. बोलने या समझने में कठिनाई
  3. एक या दोनों आंखों से देखने में समस्या
  4. संतुलन या चलने में अस्थिरता
  5. अचानक चक्कर या बेहोशी
  6. सिरदर्द (कम मामलों में)

Carotid Artery Disease कैसे पहचाने (Diagnosis of Carotid Artery Disease):

  1. शारीरिक जांच (Physical Exam) – कैरोटिड ब्रुइ (carotid bruit) सुनने के लिए
  2. कैरोटिड अल्ट्रासाउंड – धमनियों में ब्लॉकेज की जांच
  3. CT Angiography (CTA) – रक्त प्रवाह और संकीर्णता देखने के लिए
  4. Magnetic Resonance Angiography (MRA)
  5. Cerebral Angiogram – विस्तृत जांच, विशेष मामलों में

Carotid Artery Disease इलाज (Treatment of Carotid Artery Disease):

1. दवाएं (Medications):

  • एंटीप्लेटलेट दवाएं – जैसे Aspirin, Clopidogrel (रक्त को पतला करने के लिए)
  • कोलेस्ट्रॉल नियंत्रक दवाएं – जैसे Statins
  • ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल की दवाएं

2. लाइफस्टाइल में बदलाव:

  • धूम्रपान छोड़ना, वजन घटाना, व्यायाम और संतुलित आहार

3. सर्जिकल विकल्प:

  • Carotid Endarterectomy (CEA) – धमनियों से प्लाक हटाने की प्रक्रिया
  • Carotid Artery Stenting (CAS) – ब्लॉकेज वाली धमनी में स्टेंट डालना

Carotid Artery Disease कैसे रोके (Prevention of Carotid Artery Disease):

  1. धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी
  2. नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण
  3. स्वस्थ, कम वसा और फाइबर युक्त आहार
  4. ब्लड प्रेशर और शुगर नियंत्रित रखें
  5. कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं
  6. तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें

घरेलू उपाय (Home Remedies) – सहायक रूप में:

केवल बीमारी की रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, इलाज के विकल्प नहीं।

  1. लहसुन (Garlic) – कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक
  2. हल्दी (Turmeric) – सूजन कम करने में उपयोगी
  3. ओमेगा-3 युक्त खाद्य पदार्थ – जैसे अलसी के बीज, मछली
  4. ग्रीन टी – एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
  5. नियमित योग और प्राणायाम

सावधानियाँ (Precautions):

  1. ब्लड प्रेशर और शुगर नियमित जांचें
  2. अचानक बोलने या देखने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें
  3. खुद से दवाएं बंद या शुरू न करें
  4. स्ट्रोक के रिस्क फैक्टर्स को हल्के में न लें
  5. सर्जरी के बाद नियमित फॉलो-अप ज़रूरी है

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न):

Q1. क्या कैरोटिड आर्टरी डिजीज स्ट्रोक का कारण बन सकती है?
हाँ, यह इस्केमिक स्ट्रोक का एक प्रमुख कारण है।

Q2. क्या यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
प्लाक को पूरी तरह हटाना संभव नहीं, लेकिन इलाज से नियंत्रण संभव है।

Q3. क्या युवा लोगों को भी यह बीमारी हो सकती है?
दुर्लभ मामलों में हाँ, खासकर यदि आनुवंशिक जोखिम या अस्वस्थ जीवनशैली हो।

Q4. क्या नियमित जांच से इसे समय रहते पहचाना जा सकता है?
हाँ, कैरोटिड अल्ट्रासाउंड से शुरुआती अवस्था में पहचान संभव है।

निष्कर्ष (Conclusion):

Carotid Artery Disease (कैरोटिड आर्टरी डिजीज) एक गंभीर लेकिन रोके जा सकने वाली हृदय-धमनी की बीमारी है जो मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति में बाधा डाल सकती है और स्ट्रोक का कारण बन सकती है। समय पर पहचान, जीवनशैली में सुधार और उचित चिकित्सा से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। सतर्क रहें, स्वस्थ रहें।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने