Fluorescein Angiography क्या है? कारण, प्रक्रिया, लाभ, जोखिम और सावधानियाँ

Fluorescein Angiography (फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी) एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है जिसका उपयोग रेटिना (Retina) और कोरॉइड (Choroid) में रक्त वाहिकाओं की स्थिति जांचने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट आँखों के रोगों की पहचान और प्रगति को मॉनिटर करने में मदद करता है।

फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी क्या होता है  (What is Fluorescein Angiography):

यह एक इमेजिंग तकनीक है जिसमें फ्लोरेसिन नामक डाई को नस में इंजेक्ट किया जाता है और फिर कैमरे की मदद से रेटिना की तस्वीरें ली जाती हैं। इससे आँखों की रक्त नलिकाओं में ब्लॉकेज, लीकेज या अन्य असामान्यता का पता चलता है।

फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी के कारण (Causes for Test):

डॉक्टर निम्नलिखित स्थितियों में यह टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं:

  1. डायबेटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy)
  2. उम्र संबंधी धब्बेदार अध:दृष्टि (Age-related Macular Degeneration – AMD)
  3. रेटिनल वीन ओक्लूज़न (Retinal Vein Occlusion)
  4. यवेनिल रेटिनल रोग (Juvenile Retinal Diseases)
  5. कोरॉइडाइटिस (Choroiditis)
  6. अनजान दृष्टि हानि (Unexplained Vision Loss)
  7. नेत्रों की सूजन (Eye Inflammation)

फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी की प्रक्रिया (Procedure):

  1. मरीज की आँखों में डाइलेटिंग ड्रॉप्स डाले जाते हैं।
  2. फ्लोरेसिन डाई को नस में इंजेक्ट किया जाता है।
  3. विशेष कैमरा डाई के आँखों तक पहुंचते ही कई इमेज कैप्चर करता है।
  4. पूरी प्रक्रिया में 10-30 मिनट का समय लग सकता है।

फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी के लाभ (Benefits):

  • रेटिना की बारीक रक्त नलिकाओं की जानकारी मिलती है।
  • आँखों की बीमारियों का शुरुआती चरण में पता चलता है।
  • इलाज की योजना बनाने में मदद मिलती है।
  • उपचार की प्रगति को ट्रैक किया जा सकता है।

फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी से जोखिम (Risks):

  • डाई इंजेक्शन से हल्का मतली या उल्टी हो सकती है।
  • स्किन, यूरिन, और आंखों का रंग कुछ घंटों के लिए पीला हो सकता है।
  • कभी-कभी एलर्जी प्रतिक्रिया (Allergic Reaction) जैसे खुजली, सूजन या सांस की तकलीफ हो सकती है।
  • बहुत ही दुर्लभ मामलों में एनाफिलैक्सिस (Anaphylaxis) हो सकता है।

इसे कैसे रोके (Prevention Not Required):

यह एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है, बीमारी नहीं। लेकिन यदि आप फ्लोरेसिन डाई से एलर्जिक हैं तो पहले से डॉक्टर को सूचित करें।

घरेलू उपाय (Home Remedies):

घरेलू उपाय नहीं होते, लेकिन टेस्ट के बाद पर्याप्त पानी पीने से डाई जल्दी बाहर निकल जाती है।

सावधानियाँ (Precautions):

  1. टेस्ट से पहले डॉक्टर को एलर्जी, प्रेग्नेंसी या अन्य मेडिकल कंडीशन के बारे में बताएं।
  2. टेस्ट के बाद कुछ घंटे तक धुंधली दृष्टि हो सकती है, गाड़ी न चलाएं।
  3. डाई के कारण मूत्र पीला हो सकता है – यह सामान्य है।
  4. आँखों में जलन या चुभन हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

कैसे पहचाने कि यह टेस्ट जरूरी है? (How to Recognize If You Need This Test):

अगर आपकी दृष्टि में कोई अचानक बदलाव हो, धुंधलापन, फ्लोटर्स, या डॉक्टर ने रेटिनल बीमारी की आशंका जताई है तो यह टेस्ट जरूरी हो सकता है।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):

Q1. क्या फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी दर्दनाक होती है?
A1. नहीं, यह आमतौर पर दर्द रहित प्रक्रिया है। सिर्फ सुई का हल्का चुभन महसूस होता है।

Q2. क्या इस टेस्ट से दृष्टि पर कोई असर पड़ता है?
A2. टेस्ट के बाद थोड़ी देर के लिए धुंधली दृष्टि हो सकती है, लेकिन यह अस्थायी होती है।

Q3. क्या यह टेस्ट बार-बार कराया जा सकता है?
A3. हाँ, यदि डॉक्टर आवश्यक समझें तो इसे दोहराया जा सकता है।

Q4. क्या डायबिटिक मरीजों के लिए यह जरूरी होता है?
A4. हाँ, डायबेटिक रेटिनोपैथी की स्थिति में यह टेस्ट अहम होता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

Fluorescein Angiography (फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी) आँखों की बीमारियों की पहचान और उपचार की योजना बनाने का एक बेहद उपयोगी टेस्ट है। यह विशेष रूप से रेटिना की जांच के लिए किया जाता है और डॉक्टर के निर्देश पर इसे समय पर कराना दृष्टि को बचाने में मददगार हो सकता है।


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