विजुअल फील्ड टेस्टिंग (Visual Field Testing) जिसे परिमीट्री (Perimetry) भी कहा जाता है, एक नेत्र परीक्षण (eye test) है जो यह मापता है कि आपकी दृष्टि के किनारों (peripheral vision) में कितनी जानकारी देख सकते हैं। यह परीक्षण नेत्र रोगों जैसे ग्लूकोमा (Glaucoma), रेटिनल रोग (Retinal diseases), और ऑप्टिक न्यूरोपैथी (Optic Neuropathy) के निदान और निगरानी के लिए आवश्यक होता है।
विजुअल फील्ड टेस्टिंग क्या है (What is Visual Field Testing):
विजुअल फील्ड टेस्टिंग वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि व्यक्ति अपनी सीधी दृष्टि के अलावा किनारों की ओर कितना और क्या देख सकता है। यह परीक्षण यह बताने में मदद करता है कि आंखों और मस्तिष्क के बीच दृश्य संकेत (visual signals) कैसे कार्य कर रहे हैं।
विजुअल फील्ड टेस्टिंग के प्रकार (Types of Visual Field Testing):
- कंफ्रंटेशन विजुअल फील्ड टेस्ट (Confrontation Visual Field Test)
- ऑटोमेटेड परिमीट्री (Automated Perimetry)
- किंनेटिक परिमीट्री (Kinetic Perimetry)
- स्टैटिक परिमीट्री (Static Perimetry)
परीक्षण कराने के कारण (Causes for Visual Field Testing):
- ग्लूकोमा (Glaucoma) की जांच
- रेटिना संबंधी रोगों का मूल्यांकन
- ऑप्टिक नर्व डैमेज (Optic nerve damage) की पहचान
- ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक से जुड़े लक्षण
- माइग्रेन या सिरदर्द के मामलों में दृष्टि पर प्रभाव का मूल्यांकन
विजुअल फील्ड लॉस के लक्षण (Symptoms of Visual Field Loss):
- किनारों से दिखाई न देना
- धुंधली दृष्टि (Blurred vision)
- केंद्रीय दृष्टि की हानि (Central vision loss)
- एक या दोनों आंखों में देखने में कठिनाई
- सीढ़ियां चढ़ने या ड्राइविंग में परेशानी
- अचानक दृष्टि का कमजोर होना
- सिरदर्द के साथ दृष्टि में बदलाव
विजुअल फील्ड टेस्टिंग कैसे पहचाने (Diagnosis):
- ऑटोमेटेड विजुअल फील्ड मशीन द्वारा टेस्ट
- आई डॉक्टर द्वारा कंफ्रंटेशन टेस्ट
- OCT (Optical Coherence Tomography) के साथ मूल्यांकन
- फंडस एग्जामिनेशन द्वारा दृष्टि तंत्र की जांच
विजुअल फील्ड टेस्टिंग इलाज (Treatment):
ध्यान दें: विजुअल फील्ड टेस्ट खुद कोई बीमारी नहीं है, यह केवल परीक्षण है। इलाज उसके पीछे के कारण पर आधारित होता है।
- ग्लूकोमा हो तो आई ड्रॉप्स और सर्जरी
- रेटिनल डिजीज के लिए इंजेक्शन या लेजर थेरेपी
- ऑप्टिक न्यूरोपैथी के लिए स्टेरॉइड या न्यूरोलॉजिकल इलाज
- ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक की स्थिति में न्यूरोसर्जरी या फिजियोथेरेपी
विजुअल फील्ड टेस्टिंग कैसे रोके (Prevention):
- नियमित रूप से आंखों की जांच कराना
- हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को नियंत्रित रखना
- हेड इंजरी से बचाव
- धूम्रपान और शराब से परहेज
- संतुलित आहार और विटामिन-ए युक्त भोजन लेना
- स्क्रीन टाइम को सीमित करना
घरेलू उपाय (Home Remedies):
- त्रिफला का सेवन – आंखों की सेहत के लिए
- गुलाब जल से आंखें धोना
- आंवला जूस पीना
- पलकें और आंखों को नियमित रूप से आराम देना
- नेत्र व्यायाम (Eye yoga) करना जैसे – पामिंग, रोलिंग
सावधानियाँ (Precautions):
- किसी भी दृष्टि परिवर्तन को नजरअंदाज न करें
- धुंधली दृष्टि या किनारों से न दिखना होने पर तुरंत नेत्र चिकित्सक से मिलें
- परिवार में यदि ग्लूकोमा या दृष्टि संबंधी रोग हों तो नियमित जांच कराएं
- आंखों को अधिक रोशनी या अंधेरे में तनाव न दें
- आंखों में चोट लगने पर खुद से इलाज न करें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):
प्रश्न 1: विजुअल फील्ड टेस्ट कितने समय का होता है?
उत्तर: यह टेस्ट लगभग 15 से 30 मिनट का होता है।
प्रश्न 2: क्या यह टेस्ट दर्दनाक है?
उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह से दर्द रहित और सुरक्षित टेस्ट है।
प्रश्न 3: क्या विजुअल फील्ड टेस्ट सभी उम्र के लोगों में किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, विशेष रूप से 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह महत्वपूर्ण होता है।
प्रश्न 4: क्या यह टेस्ट चश्मा पहनते हुए किया जाता है?
उत्तर: हाँ, यदि आपके नंबर हैं तो टेस्ट के समय चश्मा पहनने की अनुमति दी जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion):
विजुअल फील्ड टेस्टिंग (Perimetry) एक महत्वपूर्ण जांच है जो आंखों के किनारे की दृष्टि की स्थिति को जानने में सहायता करती है। यह ग्लूकोमा, स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाने का एक सशक्त माध्यम है। यदि आपको कोई भी दृष्टि संबंधित लक्षण अनुभव हों, तो नेत्र चिकित्सक से संपर्क कर यह परीक्षण जरूर करवाएं। नियमित जांच ही आपकी दृष्टि को सुरक्षित रखने की कुंजी है।