Functional Near-Infrared Spectroscopy (fNIRS) एक नॉन-इनवेसिव ब्रेन इमेजिंग तकनीक है जो मस्तिष्क (brain) में खून के प्रवाह (blood flow) और ऑक्सीजन स्तर (oxygenation levels) को मापती है। यह तकनीक विशेष रूप से न्यूरोलॉजिकल रिसर्च, मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन और बच्चों या वयस्कों के मस्तिष्क कार्यों को समझने के लिए उपयोग की जाती है।
Functional Near-Infrared Spectroscopy क्या होता है (What is fNIRS)?
यह तकनीक सिर पर लाइट एमिटिंग डिवाइस और डिटेक्टर लगाकर काम करती है जो नियर-इन्फ्रारेड लाइट (near-infrared light) का उपयोग करती है। यह लाइट सिर की सतह से मस्तिष्क के ऊपरी हिस्से तक जाती है और वहां से रिफ्लेक्ट होकर वापस आती है। उस रिफ्लेक्टेड लाइट से यह अनुमान लगाया जाता है कि मस्तिष्क में ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त कितना है।
उपयोग (Uses of fNIRS):
- न्यूरो-साइकोलॉजिकल परीक्षण (Neuropsychological testing)
- बच्चों में ब्रेन डेवलपमेंट स्टडी (Brain development studies in children)
- ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर की पहचान (Detection of Autism Spectrum Disorder)
- Attention Deficit Hyperactivity Disorder (ADHD) में ब्रेन एक्टिविटी मॉनिटरिंग
- मानसिक तनाव और चिंता के दौरान मस्तिष्क की प्रतिक्रिया की जांच
Functional Near-Infrared Spectroscopy कारण (Reasons for Using fNIRS):
- सुरक्षित और नॉन-रेडिएटिव इमेजिंग की आवश्यकता
- MRI जैसी महंगी और बंद जगह वाली तकनीकों के विकल्प की आवश्यकता
- बच्चे या बुजुर्ग रोगियों की ब्रेन एक्टिविटी को लाइव ट्रैक करने की सुविधा
Functional Near-Infrared Spectroscopy के लक्षण (Symptoms of When fNIRS May Be Needed):
- सीखने में कठिनाई (Learning difficulties)
- व्यवहारिक समस्याएँ (Behavioral issues)
- ध्यान की कमी (Lack of attention)
- याद्दाश्त में कमजोरी (Poor memory)
- बोलने या समझने में कठिनाई (Speech and comprehension issues)
जांच प्रक्रिया (Test Procedure):
- मरीज को एक कुर्सी पर आराम से बैठाया जाता है
- सिर पर एक हेडगियर या सेंसर डिवाइस लगाई जाती है
- मरीज को कुछ कार्य (जैसे बोलना, देखना, याद रखना) कराए जाते हैं
- सेंसर के माध्यम से ब्रेन एक्टिविटी और ब्लड फ्लो डाटा रिकॉर्ड किया जाता है
- पूरी प्रक्रिया लगभग 20 से 40 मिनट की होती है
इलाज/परिणाम का उपयोग (Treatment/Result Use):
fNIRS का उपयोग उपचार में नहीं बल्कि डायग्नोस्टिक और मॉनिटरिंग टूल के रूप में किया जाता है। इसका परिणाम डॉक्टर को यह समझने में मदद करता है कि मस्तिष्क किस तरह से काम कर रहा है और कहाँ सुधार या थैरेपी की जरूरत है।
Functional Near-Infrared Spectroscopy कैसे रोके (Prevention or Early Use):
- बच्चों में शुरुआती उम्र में ब्रेन मॉनिटरिंग करवाकर डेवेलपमेंटल डिले को जल्दी पहचानें
- मानसिक तनाव या व्यवहारिक बदलावों को नजरअंदाज न करें
- स्कूल या घर पर ध्यान संबंधी समस्या हो तो डॉक्टर से परामर्श लें
घरेलू उपाय (Home Remedies):
fNIRS डायग्नोस्टिक तकनीक है, इसके लिए घरेलू उपाय नहीं होते, लेकिन आप मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए निम्न उपाय अपना सकते हैं:
- संतुलित आहार (Balanced diet)
- ध्यान और योग (Meditation and yoga)
- पर्याप्त नींद
- मानसिक गतिविधियाँ जैसे पज़ल्स, पढ़ाई आदि
सावधानियाँ (Precautions):
- सिर की त्वचा पर किसी भी प्रकार की चोट या संक्रमण हो तो पहले डॉक्टर को सूचित करें
- यदि आपको किसी उपकरण से एलर्जी है तो बताएँ
- टेस्ट से पहले कोई भी हेयर प्रोडक्ट जैसे जेल या स्प्रे न लगाएं
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):
प्रश्न 1: क्या fNIRS सुरक्षित है?
हाँ, यह पूरी तरह से सुरक्षित और नॉन-इनवेसिव प्रक्रिया है।
प्रश्न 2: क्या यह बच्चों पर भी की जा सकती है?
हाँ, यह बच्चों में ब्रेन फंक्शन की जांच के लिए काफी उपयोगी है।
प्रश्न 3: क्या इसका उपयोग मानसिक बीमारियों के निदान में होता है?
हाँ, चिंता, डिप्रेशन, ऑटिज्म आदि की पहचान में यह मदद कर सकती है।
प्रश्न 4: क्या इसे MRI की जगह किया जा सकता है?
कई हल्के मामलों में यह MRI का आसान और सस्ता विकल्प हो सकता है।
कैसे पहचाने (How to Recognize If Needed):
- ध्यान की कमी, हाइपरएक्टिविटी, पढ़ाई में समस्या, व्यवहारिक बदलाव आदि लक्षण हों
- बार-बार मूड चेंज हो रहा हो
- न्यूरोलॉजिस्ट ने ब्रेन एक्टिविटी चेक करने की सलाह दी हो
निष्कर्ष (Conclusion):
Functional Near-Infrared Spectroscopy (fNIRS) एक आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक तकनीक है जो मस्तिष्क के कार्यों को गहराई से समझने में मदद करती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, इस टेस्ट के ज़रिए कई मानसिक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को समय रहते पहचाना और उनका सही इलाज किया जा सकता है।
