Khushveer Choudhary

Oral Cancer Screening: समय रहते पहचान और बचाव की पूरी जानकारी

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग (Oral Cancer Screening) एक प्रारंभिक जांच प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य मुंह, जीभ, होंठ, गले और मसूड़ों में कैंसर या कैंसर के पूर्व संकेतों की पहचान करना होता है। यह जांच व्यक्ति को समय रहते ओरल कैंसर (मुख कैंसर) का पता लगाने और उपचार की शुरुआत करने में मदद करती है, जिससे इसके फैलाव को रोका जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग क्या होता है  (What is Oral Cancer Screening):

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग एक नॉन-इनवेसिव जांच है जिसमें डॉक्टर आपके मुंह की जांच करके किसी भी असामान्य गांठ, घाव, लाल या सफेद धब्बों और ऊतकों में बदलाव की पहचान करते हैं। यह प्रक्रिया सामान्यतः डेंटिस्ट या ईएनटी विशेषज्ञ द्वारा की जाती है।

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग के कारण (Causes for Screening):

  1. तंबाकू (Tobacco) और शराब (Alcohol) का अत्यधिक सेवन
  2. HPV (Human Papillomavirus) संक्रमण
  3. पिछले कैंसर का इतिहास
  4. सूरज की रोशनी में अधिक समय बिताने से होंठों का कैंसर
  5. मुंह के भीतर लगातार जलन या घाव
  6. उम्र बढ़ना (40 वर्ष से अधिक आयु में जोखिम बढ़ता है)

ओरल कैंसर के लक्षण (Symptoms of Oral Cancer):

  1. मुंह में न भरने वाला घाव या अल्सर
  2. जीभ या मसूड़ों में लाल या सफेद धब्बे
  3. निगलने या चबाने में कठिनाई
  4. जबड़े में सूजन या जकड़न
  5. आवाज में बदलाव या गले में खराश
  6. दांत ढीले पड़ना
  7. मुंह या होंठ में सुन्नता या दर्द
  8. वजन में अनजाना गिरावट

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग कैसे की जाती है (How Oral Cancer Screening is Done):

  1. दृश्य जांच (Visual Examination): डॉक्टर आपकी जीभ, होंठ, गाल, तालु और गले की जांच करते हैं।
  2. स्पर्श जांच (Physical Palpation): किसी भी गांठ या कठोर हिस्से को महसूस किया जाता है।
  3. टॉलुइडिन ब्लू डाई टेस्ट (Toluidine Blue Dye Test): विशेष रंग का उपयोग करके संदेहास्पद कोशिकाएं पहचानी जाती हैं।
  4. फ्लोरोसेंस इमेजिंग (Fluorescence Imaging): विशेष प्रकाश से कोशिकाओं के व्यवहार को देखा जाता है।
  5. बायोप्सी (Biopsy): यदि कोई असामान्य क्षेत्र पाया जाता है तो उसका सैंपल लेकर जांच की जाती है।

ओरल कैंसर से बचाव (Prevention of Oral Cancer):

  1. तंबाकू और शराब से पूरी तरह परहेज करें
  2. सूर्य की रोशनी से बचने के लिए लिप बाम या स्कार्फ का उपयोग करें
  3. नियमित रूप से डेंटल और मेडिकल चेकअप कराएं
  4. मुंह की साफ-सफाई बनाए रखें
  5. हेल्दी डाइट लें जिसमें एंटीऑक्सीडेंट्स अधिक हों
  6. HPV वैक्सीन लगवाएं

घरेलू उपाय (Home Remedies for Oral Health):

ध्यान दें: ये उपाय स्क्रीनिंग या इलाज का विकल्प नहीं हैं, लेकिन ओरल हेल्थ को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं:

  1. हल्दी (Turmeric) और शहद मिलाकर सेवन करें
  2. नमक और गुनगुने पानी से गरारे करें
  3. तुलसी के पत्ते चबाना
  4. नारियल तेल से ऑयल पुलिंग करें
  5. एलोवेरा जूस का सेवन

सावधानियाँ (Precautions):

  1. तंबाकू, गुटखा और पान मसाला का सेवन न करें
  2. मुंह में किसी भी प्रकार की समस्या को अनदेखा न करें
  3. मुंह में जलन या छाले होने पर जल्दी डॉक्टर से मिलें
  4. दांत और मसूड़ों की नियमित सफाई करवाएं
  5. कोई भी लक्षण दिखने पर स्वयं इलाज न करें

कैसे पहचानें कि स्क्रीनिंग की जरूरत है (How to Know You Need Screening):

  1. यदि आप तंबाकू या शराब का सेवन करते हैं
  2. आपके परिवार में ओरल कैंसर का इतिहास है
  3. आपके मुंह में कोई स्थायी घाव, दर्द, सूजन या धब्बा है
  4. आप 40 वर्ष से अधिक आयु के हैं
  5. आपको निगलने में कठिनाई या बोलने में दिक्कत हो रही है

इलाज (Treatment of Oral Cancer):

यदि स्क्रीनिंग में कैंसर की पुष्टि होती है, तो इसके इलाज के विकल्प हो सकते हैं:

  1. सर्जरी (Surgery): कैंसर कोशिकाओं को निकालना
  2. रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy): विकिरण द्वारा कैंसर का इलाज
  3. कीमोथेरेपी (Chemotherapy): दवाओं से कैंसर कोशिकाओं को मारना
  4. टारगेटेड थेरेपी (Targeted Therapy): विशेष प्रोटीन को निशाना बनाकर उपचार
  5. रीहैबिलिटेशन (Rehabilitation): स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी आदि

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):

प्र.1: क्या ओरल कैंसर स्क्रीनिंग दर्दनाक होती है?
उत्तर: नहीं, यह सामान्यतः नॉन-पेनफुल प्रक्रिया होती है।

प्र.2: स्क्रीनिंग कितने समय में करानी चाहिए?
उत्तर: साल में कम से कम एक बार विशेषकर हाई-रिस्क व्यक्तियों को स्क्रीनिंग करानी चाहिए।

प्र.3: क्या ओरल कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है?
उत्तर: यदि शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है।

प्र.4: क्या घरेलू नुस्खों से ओरल कैंसर का इलाज संभव है?
उत्तर: नहीं, घरेलू नुस्खे केवल सहायक होते हैं। सही इलाज के लिए डॉक्टर से परामर्श अनिवार्य है।

प्र.5: ओरल कैंसर कितने प्रकार का होता है?
उत्तर: यह मुख्य रूप से स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma) होता है।

निष्कर्ष (Conclusion):

ओरल कैंसर स्क्रीनिंग (Oral Cancer Screening) एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो समय रहते कैंसर की पहचान कर जीवन बचा सकती है। यदि आप हाई-रिस्क श्रेणी में आते हैं या किसी भी लक्षण को लंबे समय से महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जीवनशैली में सुधार, नियमित स्क्रीनिंग और जागरूकता से इस गंभीर रोग से बचा जा सकता है।


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