Khushveer Choudhary

Gestational Hypertension: कारण, लक्षण, इलाज और बचाव

गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन्हीं बदलावों के बीच कुछ महिलाओं को उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की समस्या का सामना करना पड़ता है। जब यह समस्या गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद उत्पन्न होती है और पहले कभी उच्च रक्तचाप का इतिहास नहीं रहा हो, तो इसे Gestational Hypertension (गर्भावस्था उच्च रक्तचाप) कहा जाता है। यह स्थिति माँ और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, इसलिए समय पर पहचान और सही इलाज ज़रूरी है।








Gestational Hypertension क्या होता है (What is Gestational Hypertension)?

Gestational Hypertension वह स्थिति है जिसमें गर्भावस्था के 20वें सप्ताह के बाद महिला का रक्तचाप 140/90 mmHg या उससे अधिक पाया जाता है, लेकिन इसमें प्रोटीनयूरिया (Proteinuria - पेशाब में प्रोटीन का आना) जैसे लक्षण नहीं होते। यदि इसे समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो यह Preeclampsia में बदल सकता है, जो गंभीर स्थिति है।

गर्भावस्था उच्च रक्तचाप के कारण (Causes of Gestational Hypertension)

Gestational Hypertension का सटीक कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, लेकिन कई जोखिम कारक (Risk Factors) इससे जुड़े हो सकते हैं, जैसे:

  • पहली बार गर्भधारण (First Pregnancy)
  • जुड़वां या एक से अधिक भ्रूण (Multiple Pregnancy)
  • परिवार में उच्च रक्तचाप या प्रीक्लेम्पसिया का इतिहास (Family History)
  • अधिक उम्र में गर्भधारण (Age above 35 years)
  • मोटापा (Obesity)
  • मधुमेह (Diabetes)
  • किडनी रोग (Kidney Disorders)

गर्भावस्था उच्च रक्तचाप के लक्षण (Symptoms of Gestational Hypertension)

शुरुआती चरण में कई बार इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ निम्नलिखित संकेत दिखाई दे सकते हैं:

  • लगातार सिरदर्द (Severe Headache)
  • आंखों के सामने धुंधला दिखना या चमक दिखाई देना (Blurred Vision)
  • हाथ, चेहरे और पैरों में सूजन (Swelling in Hands, Face, Feet)
  • अचानक वजन बढ़ना (Sudden Weight Gain)
  • सीने में दर्द या बेचैनी (Chest Pain / Restlessness)
  • उच्च रक्तचाप का माप 140/90 mmHg या उससे अधिक होना

Gestational Hypertension कैसे पहचाने (Diagnosis of Gestational Hypertension)

गर्भावस्था में नियमित जांच बहुत जरूरी है। डॉक्टर निम्नलिखित तरीकों से इसकी पहचान करते हैं:

  • ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग (Blood Pressure Monitoring) – लगातार 140/90 mmHg या उससे अधिक
  • यूरीन टेस्ट (Urine Test) – प्रोटीन की जांच के लिए
  • ब्लड टेस्ट (Blood Test) – लिवर और किडनी की कार्यक्षमता जांचने के लिए
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) – भ्रूण की वृद्धि और प्लेसेंटा की स्थिति देखने के लिए

गर्भावस्था उच्च रक्तचाप का इलाज (Treatment of Gestational Hypertension)

इलाज गर्भवती महिला और बच्चे की स्थिति पर निर्भर करता है। इसमें शामिल हैं:

  • ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग – नियमित रक्तचाप की जांच
  • दवाइयाँ (Medications) – डॉक्टर द्वारा सुरक्षित एंटीहाइपरटेंसिव दवाइयाँ दी जाती हैं
  • बेड रेस्ट (Bed Rest) – अधिक तनाव और थकान से बचना
  • डाइट मैनेजमेंट (Diet Management) – नमक का सेवन नियंत्रित करना, हेल्दी फूड लेना
  • रेगुलर चेकअप (Regular Checkups) – भ्रूण की वृद्धि और माँ की सेहत पर नजर रखना

गंभीर स्थिति में डॉक्टर समय से पहले डिलीवरी कराने की सलाह भी दे सकते हैं।

गर्भावस्था उच्च रक्तचाप को कैसे रोके (Prevention of Gestational Hypertension)

हालांकि इसे पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियों से जोखिम कम किया जा सकता है:

  • संतुलित आहार लें (Balanced Diet)
  • नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें
  • नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें (Walking, Yoga)
  • तनाव से दूर रहें
  • वजन नियंत्रित रखें
  • पर्याप्त नींद लें
  • नियमित प्रेगनेंसी चेकअप कराएं

घरेलू उपाय (Home Remedies for Gestational Hypertension)

कुछ प्राकृतिक और घरेलू उपाय भी रक्तचाप नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं (लेकिन इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है):

  • नारियल पानी (Coconut Water) का सेवन
  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ और फल (Green Leafy Vegetables, Fruits)
  • तुलसी और लहसुन का सेवन
  • नींबू पानी और गुनगुना पानी पीना
  • हल्का योग और प्राणायाम

सावधानियाँ (Precautions)

  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें
  • कैफीन और जंक फूड से बचें
  • अचानक थकान या सिरदर्द को नजरअंदाज न करें
  • रक्तचाप की नियमित जांच करते रहें
  • गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूर रहें

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या Gestational Hypertension डिलीवरी के बाद खत्म हो जाता है?
हाँ, ज्यादातर मामलों में डिलीवरी के 12 हफ्तों के भीतर यह समस्या ठीक हो जाती है।

Q2. क्या Gestational Hypertension से बच्चे पर असर पड़ता है?
हाँ, इसका असर बच्चे की वृद्धि पर पड़ सकता है और समय से पहले जन्म (Preterm Delivery) का खतरा बढ़ सकता है।

Q3. क्या यह स्थिति हर गर्भवती महिला में होती है?
नहीं, यह केवल कुछ महिलाओं को ही प्रभावित करती है, खासकर जिनमें इसके जोखिम कारक मौजूद हों।

निष्कर्ष (Conclusion)

Gestational Hypertension गर्भावस्था के दौरान होने वाली एक गंभीर समस्या है, जिसे समय पर पहचान और सही इलाज से नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित प्रेगनेंसी चेकअप, संतुलित जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह का पालन करके माँ और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सकता है।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने