Khushveer Choudhary

Gingival Hyperplasia कारण, लक्षण, इलाज और रोकथाम

जिन्जाइवल हाइपरप्लासिया (Gingival Hyperplasia) एक दंत रोग है जिसमें मसूड़े (Gums) सामान्य से अधिक बढ़ जाते हैं और दाँतों को ढकने लगते हैं। यह स्थिति दाँतों की सफाई में कठिनाई, संक्रमण, बदबूदार सांस और सौंदर्य संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकती है। इसे जिन्जाइवल ओवरग्रोथ (Gingival Overgrowth) या जिन्जाइवल एनलार्जमेंट (Gingival Enlargement) भी कहा जाता है।








Gingival Hyperplasia क्या होता है (What is Gingival Hyperplasia)?

यह मसूड़ों की असामान्य वृद्धि है जो दाँतों की सतह को ढक लेती है। सामान्यतः मसूड़े दाँतों को सहारा देते हैं, लेकिन जब उनका आकार बढ़ जाता है तो दाँत आंशिक रूप से या पूरी तरह छिप सकते हैं।

जिन्जाइवल हाइपरप्लासिया के कारण (Causes of Gingival Hyperplasia)

  1. दवाओं के दुष्प्रभाव (Drug-induced):

    1. एंटी-सीजर (जैसे Phenytoin)
    1. इम्यूनोसप्रेसेंट (जैसे Cyclosporine)
    1. कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स (जैसे Nifedipine, Amlodipine)
  2. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal imbalance):

    1. गर्भावस्था, किशोरावस्था या हार्मोनल परिवर्तन।
  3. मसूड़ों की खराब सफाई (Poor oral hygiene):

    1. प्लाक और टार्टर का जमाव।
  4. विटामिन की कमी (Nutritional deficiencies):

    1. विशेष रूप से Vitamin C की कमी।
  5. अन्य रोग (Other conditions):

    1. ल्यूकेमिया (Leukemia)
    1. जेनेटिक कारण (Genetic factors)

जिन्जाइवल हाइपरप्लासिया के लक्षण (Symptoms of Gingival Hyperplasia)

  • मसूड़ों का सामान्य से बड़ा होना
  • मसूड़ों का लाल या गहरा रंग होना
  • दाँतों के बीच गैप भर जाना
  • खाने में परेशानी
  • मुँह से बदबू आना (Halitosis)
  • ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना
  • दाँत आंशिक रूप से ढक जाना

Gingival Hyperplasia कैसे पहचाने ? (Diagnosis)

  • डेंटल जांच (Dental Examination): दंत चिकित्सक मसूड़ों का निरीक्षण करके पहचानते हैं।
  • एक्स-रे (X-ray): हड्डी और दाँतों की स्थिति देखने के लिए।
  • ब्लड टेस्ट (Blood Test): ल्यूकेमिया या अन्य बीमारियों की जाँच के लिए।
  • मेडिकल हिस्ट्री (Medical history): उपयोग की जाने वाली दवाओं का मूल्यांकन।

जिन्जाइवल हाइपरप्लासिया का इलाज (Treatment of Gingival Hyperplasia)

  1. मौखिक स्वच्छता (Oral hygiene):

    1. नियमित ब्रश और फ्लॉसिंग।
    1. एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का उपयोग।
  2. दवा बदलना (Drug substitution):

    1. यदि दवा कारण हो तो डॉक्टर से परामर्श लेकर दूसरी दवा लेना।
  3. पेशेवर सफाई (Professional cleaning):

    1. स्केलिंग और रूट प्लानिंग।
  4. सर्जिकल उपचार (Surgical treatment):

    1. जिन्जिवेक्टॉमी (Gingivectomy): अतिरिक्त मसूड़े की ऊतक को हटाना।
    1. लेज़र थैरेपी (Laser therapy): कम दर्द और तेज़ रिकवरी।

रोकथाम (Prevention of Gingival Hyperplasia)

  • दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना।
  • डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल।
  • नियमित रूप से डेंटिस्ट से चेकअप।
  • धूम्रपान और शराब से बचना।
  • दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना।

घरेलू उपाय (Home Remedies for Gingival Hyperplasia)

  • गर्म नमक पानी से गरारे करना।
  • एलोवेरा जेल (Aloe vera gel): मसूड़ों पर लगाने से सूजन कम होती है।
  • हल्दी (Turmeric paste): एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण से लाभकारी।
  • ग्रीन टी: संक्रमण और सूजन को कम करने में सहायक।
  • लौंग का तेल (Clove oil): मसूड़ों की सूजन और दर्द को कम करता है।

सावधानियाँ (Precautions)

  • बहुत सख्त ब्रश का उपयोग न करें।
  • शक्कर और जंक फूड का अधिक सेवन न करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें।
  • अगर मसूड़ों से बार-बार खून आए तो तुरंत दंत चिकित्सक से मिलें।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. क्या Gingival Hyperplasia खतरनाक है?
यह सीधे जानलेवा नहीं है, लेकिन यह संक्रमण, दाँत गिरने और अन्य रोगों का कारण बन सकता है।

Q2. क्या दवा बंद करने से मसूड़े सामान्य हो सकते हैं?
हाँ, कई बार दवा बदलने पर मसूड़ों की स्थिति सामान्य हो सकती है।

Q3. क्या इसका इलाज घर पर संभव है?
घरेलू उपाय केवल शुरुआती लक्षणों में सहायक होते हैं। गंभीर स्थिति में डेंटल उपचार जरूरी है।

Q4. क्या यह बीमारी बच्चों में भी हो सकती है?
हाँ, विशेषकर जेनेटिक कारण या दवाओं के दुष्प्रभाव से।

निष्कर्ष (Conclusion)

Gingival Hyperplasia (जिन्जाइवल हाइपरप्लासिया) एक ऐसी स्थिति है जिसमें मसूड़े असामान्य रूप से बढ़ जाते हैं और दाँतों को ढक लेते हैं। इसका मुख्य कारण दवाओं का सेवन, खराब मौखिक स्वच्छता, हार्मोनल परिवर्तन और अन्य रोग हो सकते हैं। समय पर निदान, नियमित दंत सफाई और आवश्यक होने पर सर्जिकल उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। सही देखभाल, संतुलित आहार और दंत चिकित्सक से समय-समय पर परामर्श लेना ही इसका सबसे अच्छा समाधान है।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने