ग्लोमस ट्यूमर (Glomus Tumor) एक दुर्लभ, सौम्य (Benign) लेकिन दर्दनाक ट्यूमर है जो मुख्य रूप से ग्लोमस बॉडी (Glomus Body) से विकसित होता है। ग्लोमस बॉडी त्वचा के नीचे मौजूद एक संरचना है जो रक्त के तापमान और प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करती है। यह ट्यूमर अक्सर उंगली के नाखून (Subungual region), हाथ, पैर या कान (Ear) में विकसित होता है। यह कैंसरयुक्त (Malignant) नहीं होता, लेकिन इसकी वजह से तीव्र दर्द, संवेदनशीलता और असुविधा हो सकती है।
ग्लोमस ट्यूमर क्या होता है? (What is Glomus Tumor?)
ग्लोमस ट्यूमर एक प्रकार का वस्कुलर ट्यूमर (Vascular Tumor) है, जो ग्लोमस बॉडी की कोशिकाओं से उत्पन्न होता है। यह छोटा होता है लेकिन बहुत दर्दनाक हो सकता है। इसका आकार आमतौर पर कुछ मिलीमीटर से लेकर 1 सेमी तक होता है।
ग्लोमस ट्यूमर के कारण (Causes of Glomus Tumor)
ग्लोमस ट्यूमर के सटीक कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन माना जाता है कि यह निम्न कारणों से हो सकता है:
- ग्लोमस बॉडी की असामान्य वृद्धि – कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ना।
- आनुवंशिक कारण (Genetic Factors) – परिवार में यदि ऐसे ट्यूमर का इतिहास है।
- चोट या ट्रॉमा (Injury or Trauma) – उंगली या नाखून पर चोट लगने के बाद।
- वस्कुलर असामान्यताएँ (Vascular Abnormalities) – रक्त वाहिकाओं की गड़बड़ी।
ग्लोमस ट्यूमर के लक्षण (Symptoms of Glomus Tumor)
ग्लोमस ट्यूमर के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:
- तेज दर्द (Severe Pain) – विशेषकर उंगली के नाखून में।
- ठंड पर संवेदनशीलता (Sensitivity to Cold) – ठंडी चीज़ छूने पर दर्द बढ़ना।
- स्पर्श पर दर्द (Pain on Touch) – हल्का दबाव डालने पर भी तीव्र दर्द।
- नीला या लाल धब्बा (Bluish or Reddish Spot) – प्रभावित जगह पर त्वचा का रंग बदलना।
- नाखून में विकृति (Nail Deformity) – ट्यूमर नाखून के नीचे हो तो नाखून उठने या बदलने लगता है।
ग्लोमस ट्यूमर की पहचान कैसे करें? (How to Diagnose Glomus Tumor)
ग्लोमस ट्यूमर की पहचान करने के लिए निम्न जांचें की जाती हैं:
- शारीरिक परीक्षण (Physical Examination) – डॉक्टर प्रभावित स्थान की जांच करते हैं।
- इमेजिंग टेस्ट (Imaging Tests)
- एमआरआई स्कैन (MRI Scan) – ट्यूमर का आकार और स्थान पता लगाने के लिए।
- अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) – छोटे ट्यूमर को पहचानने के लिए।
- हिस्टोपैथोलॉजी टेस्ट (Histopathology Test) – सर्जरी के बाद ऊतक की जाँच।
ग्लोमस ट्यूमर का इलाज (Treatment of Glomus Tumor)
ग्लोमस ट्यूमर का एकमात्र प्रभावी इलाज सर्जिकल रिमूवल (Surgical Removal) है।
- सर्जरी (Surgery) – ट्यूमर को पूरी तरह हटाया जाता है, जिससे दर्द और समस्या समाप्त हो जाती है।
- लेज़र सर्जरी (Laser Surgery) – छोटे ट्यूमर में किया जा सकता है।
- दवाइयाँ (Medicines) – अस्थायी रूप से दर्द कम करने के लिए।
ग्लोमस ट्यूमर को कैसे रोके? (Prevention of Glomus Tumor)
ग्लोमस ट्यूमर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियाँ अपनाई जा सकती हैं:
- हाथ-पैर और नाखूनों को चोट से बचाना।
- बार-बार ठंडी जगहों पर उंगली का अत्यधिक इस्तेमाल न करना।
- यदि परिवार में इतिहास हो तो नियमित जांच करवाना।
घरेलू उपाय (Home Remedies for Glomus Tumor)
ग्लोमस ट्यूमर का स्थायी इलाज केवल सर्जरी है, लेकिन दर्द कम करने के लिए कुछ घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं:
- गर्म पानी में हाथ-पैर डुबोना (Warm Water Soak) – अस्थायी रूप से दर्द कम कर सकता है।
- हल्की मालिश (Gentle Massage) – रक्त प्रवाह सुधारने में सहायक।
- दर्द निवारक तेल (Pain Relief Oil) – प्रभावित जगह पर लगाने से थोड़ी राहत।
- ठंडी चीज़ों से बचाव (Avoid Cold Exposure) – क्योंकि इससे दर्द बढ़ सकता है।
सावधानियाँ (Precautions for Glomus Tumor)
- लगातार दर्द या असामान्य धब्बे को नज़रअंदाज़ न करें।
- नाखून या उंगली में परिवर्तन दिखे तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें।
- खुद से किसी भी तरह की सर्जरी या दबाव न डालें।
- दर्द के लिए केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on Glomus Tumor)
प्रश्न 1: क्या ग्लोमस ट्यूमर कैंसर है?
नहीं, यह कैंसर नहीं है। यह एक सौम्य (Benign) ट्यूमर है।
प्रश्न 2: क्या ग्लोमस ट्यूमर दोबारा हो सकता है?
हाँ, यदि सर्जरी में ट्यूमर पूरी तरह नहीं हटाया गया तो यह दोबारा हो सकता है।
प्रश्न 3: क्या ग्लोमस ट्यूमर का इलाज दवाइयों से हो सकता है?
नहीं, इसका स्थायी इलाज केवल सर्जरी है। दवाइयाँ सिर्फ दर्द कम कर सकती हैं।
प्रश्न 4: ग्लोमस ट्यूमर सबसे अधिक कहाँ होता है?
यह अधिकतर उंगली के नाखून के नीचे (Subungual Region) पाया जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
ग्लोमस ट्यूमर (Glomus Tumor) भले ही कैंसर न हो, लेकिन यह अत्यधिक दर्दनाक होता है और मरीज की जीवन गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है, लेकिन यदि उंगली या नाखून में लगातार दर्द और संवेदनशीलता महसूस हो तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर की गई सर्जरी से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो सकती है।
