Khushveer Choudhary

Iliotibial Band Syndrome कारण, लक्षण, इलाज और बचाव के उपाय

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम (Iliotibial Band Syndrome या ITBS) एक आम मस्कुलोस्केलेटल समस्या है, जो विशेष रूप से धावकों (runners), साइकिल चालकों (cyclists) और ऐसे लोगों में होती है जो बार-बार घुटने की मोड़-खोल की गतिविधि करते हैं। यह स्थिति इलिओटिबियल बैंड (IT Band) में सूजन या जलन के कारण होती है। इलिओटिबियल बैंड एक मोटी फाइब्रस लटकन (fibrous band) होती है, जो कूल्हे (hip) से शुरू होकर घुटने के बाहरी हिस्से तक जाती है।

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम क्या होता है? (What is Iliotibial Band Syndrome)?

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम तब होता है जब इलिओटिबियल बैंड कूल्हे से घुटने तक के मार्ग में घिसाव (friction) या खिंचाव (tension) के कारण सूज जाता है। इससे घुटने के बाहरी हिस्से में दर्द और असुविधा होती है। यह आमतौर पर घुटने के बाहर की ओर होता है और चलते या दौड़ते समय दर्द अधिक महसूस होता है।

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम कारण (Causes)

  • अधिक उपयोग (Overuse): बार-बार दोड़ने, साइकिल चलाने या कूदने से
  • गलत चलने की मुद्रा (Improper gait or running technique): जिससे इलिओटिबियल बैंड पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है
  • असंतुलित मांसपेशियाँ (Muscle imbalances): कूल्हे और जांघ की मांसपेशियों का कमजोर होना
  • जूतों की समस्या (Improper footwear): जिनमें सपोर्ट की कमी हो
  • कठोर सतह पर व्यायाम (Running on hard or uneven surfaces)
  • अनुचित वार्म-अप और स्ट्रेचिंग की कमी

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Iliotibial Band Syndrome)

  • घुटने के बाहर या जांघ के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • दौड़ते या चलने के दौरान दर्द का बढ़ना
  • घुटने के बाहरी हिस्से में सूजन या जलन महसूस होना
  • दर्द जो शुरुआती हल्के दर्द से लेकर तेज दर्द तक हो सकता है
  • लंबी दूरी चलने के बाद दर्द में वृद्धि

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम कैसे पहचाने? (How to Diagnose Iliotibial Band Syndrome)

  • शारीरिक परीक्षण (Physical examination): डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट घुटने और कूल्हे की जांच करेंगे
  • पेन पॉइंट (Pain point): घुटने के बाहर दबाव डालने पर दर्द
  • गैरचलन (Range of motion) जांच: घुटने और कूल्हे की गति सीमित हो सकती है
  • इमेजिंग टेस्ट (Imaging tests): एक्स-रे, MRI या अल्ट्रासाउंड से सूजन या मांसपेशियों की चोट की पुष्टि हो सकती है

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम इलाज (Treatment)

  • आराम (Rest): दर्द कम होने तक व्यायाम और दौड़ना कम करें
  • बर्फ लगाना (Ice therapy): सूजन और दर्द कम करने के लिए 15-20 मिनट के लिए बर्फ का उपयोग करें
  • दर्द निवारक दवाएँ (Pain relievers): जैसे पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन
  • फिजियोथेरेपी (Physiotherapy): स्ट्रेचिंग, मांसपेशियों को मजबूत करने के व्यायाम
  • मसाज और कंडीशनल थेरेपी (Massage and conditioning): इलिओटिबियल बैंड को लचीला बनाने के लिए
  • सर्जरी (Surgery): बहुत ही गंभीर और लगातार दर्द की स्थिति में, लेकिन यह कम ही आवश्यक होता है

घरेलू उपाय (Home Remedies)

  • वार्म-अप और स्ट्रेचिंग: व्यायाम से पहले अच्छी तरह वार्म-अप और स्ट्रेचिंग करें
  • बर्फ से सेकाई: दिन में 3-4 बार 15 मिनट के लिए बर्फ लगाएं
  • आराम: भारी व्यायाम से बचें और पर्याप्त नींद लें
  • सही जूते पहनें: आरामदायक और सपोर्टिव जूते चुनें
  • हल्की मालिश: दर्द वाले क्षेत्र की हल्की मालिश करें

सावधानियाँ (Precautions)

  • व्यायाम करते समय सही तकनीक अपनाएं
  • अचानक व्यायाम की तीव्रता बढ़ाने से बचें
  • उचित जूते और गियर का उपयोग करें
  • किसी भी असामान्य दर्द पर तुरंत ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें
  • लगातार दर्द की स्थिति में खुद से दवा लेने से बचें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: क्या इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम में चलना सुरक्षित है?
उत्तर: हल्के दर्द के दौरान धीरे-धीरे चलना ठीक हो सकता है, लेकिन तेज दर्द हो तो आराम करना चाहिए।

प्रश्न 2: क्या यह समस्या केवल धावकों में ही होती है?
उत्तर: नहीं, यह किसी भी व्यक्ति को हो सकती है जो बार-बार घुटने की मोड़-खोल गतिविधि करता है।

प्रश्न 3: क्या योग से राहत मिल सकती है?
उत्तर: हाँ, योग की कुछ स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज इलिओटिबियल बैंड को लचीला और मजबूत बनाने में मदद करती हैं।

प्रश्न 4: कब डॉक्टर से दिखाना जरूरी होता है?
उत्तर: जब दर्द लगातार बना रहे, सूजन बढ़े या चलने में दिक्कत हो।

निष्कर्ष

इलिओटिबियल बैंड सिंड्रोम एक सामान्य लेकिन दर्दनाक समस्या है, जो सही देखभाल और सावधानी से आसानी से ठीक हो सकती है। समय रहते उचित उपचार, सही व्यायाम, और सावधानियों से इस समस्या को रोका और ठीक किया जा सकता है। यदि दर्द बना रहे तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से संपर्क करना आवश्यक है।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने