Khushveer Choudhary

Trench Foot कारण, लक्षण, इलाज और बचाव के घरेलू उपाय

ट्रेंच फुट (Trench Foot), जिसे इमर्सन फुट सिंड्रोम (Immersion Foot Syndrome) भी कहा जाता है, एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति है जो तब होती है जब पैर लंबे समय तक ठंडी, गीली और गंदी स्थितियों में रह जाते हैं। यह समस्या विशेष रूप से सैनिकों में पहली बार प्रथम विश्व युद्ध के दौरान देखी गई थी, जब वे लंबे समय तक कीचड़ भरे ट्रेंचों में खड़े रहते थे, इसलिए इसका नाम "Trench Foot" पड़ा।

यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है और समय रहते इलाज न हो तो संक्रमण या ऊतक क्षति (tissue damage) का खतरा बढ़ सकता है।

ट्रेंच फुट क्या होता है? (What is Trench Foot?)

ट्रेंच फुट एक प्रकार की नॉन-फ्रीजिंग कोल्ड इंजरी (Non-Freezing Cold Injury) है, जो तब होती है जब पैर कई घंटों या दिनों तक गीले, ठंडे और संकुचित जूतों में फंसे रहते हैं। इसमें रक्त संचार बाधित हो जाता है, जिससे त्वचा और मांसपेशियों को नुकसान होता है।

ट्रेंच फुट के कारण (Causes of Trench Foot)

ट्रेंच फुट निम्नलिखित कारणों से हो सकता है:

  1. लंबे समय तक ठंडे और गीले जूते पहनना
  2. पानी में पैर डूबे रहना (6 से 12 घंटे या अधिक)
  3. तंग या नमी में रहने वाले मोजे और जूते
  4. अपर्याप्त स्वच्छता और सुखाने की प्रक्रिया की कमी
  5. अत्यधिक पसीना और पैरों की सफाई न करना
  6. खराब रक्त संचार या डायबिटीज जैसी स्थितियाँ

ट्रेंच फुट के लक्षण (Symptoms of Trench Foot)

  1. पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट
  2. त्वचा का सफेद, नीला या लाल रंग में बदलना
  3. त्वचा पर फफोले या छाले
  4. पैरों का अत्यधिक ठंडा महसूस होना
  5. सूजन और दर्द
  6. त्वचा का सख्त और चमकदार होना
  7. चलने में कठिनाई
  8. बदबू आना (संक्रमण की स्थिति में)

ट्रेंच फुट का इलाज (Treatment of Trench Foot)

ट्रेंच फुट का इलाज समय पर किया जाए तो गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है। इलाज के मुख्य उपाय:

  1. पैरों को सूखा और गर्म रखना
  2. गीले कपड़े और जूते तुरंत बदलना
  3. पैरों की धीरे-धीरे मालिश करना
  4. इन्फेक्शन की स्थिति में एंटीबायोटिक दवा देना
  5. सही रक्त संचार बनाए रखने के लिए पाँव ऊपर रखना
  6. फिजियोथेरेपी की सलाह लेना (यदि मांसपेशियों पर असर हो)
  7. अत्यधिक क्षति की स्थिति में सर्जरी या अंग कटवाने की नौबत आ सकती है (अत्यंत दुर्लभ)

ट्रेंच फुट से बचाव कैसे करें? (How to Prevent Trench Foot)

  1. हर 6–8 घंटे में मोजे बदलें
  2. वाटरप्रूफ और गर्म जूते पहनें
  3. पैरों को सूखा और साफ रखें
  4. प्रतिदिन पैरों की जांच करें
  5. अत्यधिक पसीना आने पर मोजे बार-बार बदलें
  6. पैरों की मालिश करें ताकि रक्त संचार बना रहे
  7. अगर गीले जूते पहनने की मजबूरी हो, तो जितनी जल्दी हो सके बदलें

घरेलू उपाय (Home Remedies for Trench Foot)

  1. सरसों के तेल की मालिश – रक्त संचार बढ़ाने के लिए
  2. गर्म पानी से पैरों की सिंकाई – परंतु 5–10 मिनट से ज्यादा नहीं
  3. नीम के पत्तों का पानी – संक्रमण को रोकने के लिए
  4. नारियल तेल और कपूर – त्वचा को नम बनाए बिना मॉइस्चराइज़ करता है
  5. अदरक की चाय का सेवन – शरीर में गर्माहट लाने के लिए

ट्रेंच फुट में सावधानियाँ (Precautions in Trench Foot)

  1. कभी भी गीले मोजे या जूते दोबारा न पहनें
  2. पैरों को न रगड़ें – इससे त्वचा और खराब हो सकती है
  3. यदि छाले या फफोले हों, तो खुद से न फोड़े
  4. ठंडे पानी में लंबे समय तक खड़े न रहें
  5. नियमित रूप से डॉक्टर से जांच कराएं (यदि लक्षण बने रहें)

ट्रेंच फुट को कैसे पहचाने? (How to Identify Trench Foot)

  • क्या आपने हाल ही में कई घंटे गीले जूते पहने हैं?
  • क्या आपके पैरों की त्वचा सफेद या नीली हो रही है?
  • क्या पैरों में लगातार सुन्नपन या झनझनाहट है?
  • क्या पैरों में फफोले या असामान्य सूजन है?

यदि इनमें से 2 या अधिक लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on Trench Foot)

प्रश्न 1: क्या ट्रेंच फुट सिर्फ सर्दी में होता है?
उत्तर: नहीं, यह ठंडे और गीले वातावरण में होता है, भले ही तापमान 0 डिग्री से ऊपर हो।

प्रश्न 2: क्या ट्रेंच फुट का इलाज घर पर किया जा सकता है?
उत्तर: शुरुआती अवस्था में घरेलू उपाय मदद कर सकते हैं, लेकिन संक्रमण या गंभीरता होने पर डॉक्टर से संपर्क जरूरी है।

प्रश्न 3: क्या ट्रेंच फुट से पैर काटने की नौबत आ सकती है?
उत्तर: हाँ, अगर समय पर इलाज न हो तो ऊतक मर सकते हैं और अंग कटवाना पड़ सकता है।

प्रश्न 4: क्या यह एक बार होने के बाद फिर से हो सकता है?
उत्तर: हाँ, अगर सावधानी न बरती जाए तो यह फिर से हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

ट्रेंच फुट (Trench Foot) एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली स्थिति है। यह मुख्य रूप से खराब स्वच्छता, गीले और ठंडे वातावरण में लंबे समय तक रहने के कारण होता है। समय पर पहचाना और इलाज किया जाए तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। खासतौर पर जो लोग सर्दी में बाहर काम करते हैं, या पर्वतीय इलाकों में रहते हैं, उन्हें इस स्थिति से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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