Khushveer Choudhary

Onychogryphosis नाखून की मोटाई, कारण, लक्षण और इलाज

 ओनायकोग्राइफोसिस (Onychogryphosis) एक नाखून (Nail) की स्थिति है जिसमें नाखून असामान्य रूप से मोटा, खुरदरा और वक्र (Curved) हो जाता है। इसे अक्सर “रैम हर्न नेल” (Ram’s Horn Nail) भी कहा जाता है क्योंकि इसका आकार भेड़ के सींग की तरह दिखाई देता है। यह समस्या मुख्यतः पैरों (Toenails) में होती है, लेकिन कभी-कभी हाथों (Fingernails) में भी दिखाई दे सकती है।

ओनायकोग्राइफोसिस क्या है? (What is Onychogryphosis?)

ओनायकोग्राइफोसिस में नाखून का आकार और बनावट बदल जाती है। नाखून मोटा हो जाता है, धीरे-धीरे वक्र हो जाता है, और कभी-कभी दर्द और संक्रमण का कारण बनता है। यह समस्या ज्यादातर उम्रदराज लोगों में, विशेषकर 60 वर्ष से ऊपर, पाई जाती है।

ओनायकोग्राइफोसिस के कारण (Causes of Onychogryphosis)

ओनायकोग्राइफोसिस के कारण कई हो सकते हैं:

  1. बुढ़ापा (Aging) – उम्र बढ़ने के साथ नाखून की वृद्धि असमान हो सकती है।
  2. नाखून की चोट (Trauma) – बार-बार चोट लगना या पैर में जूते का दबाव।
  3. Poor Circulation (रक्त संचार की कमी) – पैरों में रक्त प्रवाह कमजोर होना।
  4. नसों या रोगों से संबंधित कारण (Neurological or systemic causes) – डायबिटीज (Diabetes), पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease)।
  5. फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection) – नाखून की कवक संक्रमण से मोटापन और वक्रता।
  6. जन्मजात कारण (Congenital) – कुछ लोगों में जन्मजात रूप से नाखून मोटा या असमान हो सकता है।

ओनायकोग्राइफोसिस के लक्षण (Symptoms of Onychogryphosis)

  • नाखून का असामान्य मोटा और कठोर होना
  • नाखून का घुमावदार या रैम हर्न जैसा आकार
  • दर्द या दबाव महसूस होना
  • पैर में चलने या जूते पहनने में असुविधा
  • नाखून का पीला, भूरा या काला होना
  • फंगल संक्रमण के कारण खुजली या गंध

ओनायकोग्राइफोसिस कैसे पहचाने (How to Detect Onychogryphosis)

  • नाखून का मोटा और असामान्य रूप देख कर
  • पैरों या हाथों में दर्द या असुविधा
  • फंगल संक्रमण के लक्षण जैसे रंग बदलना, गंध या छाल
  • डॉक्टर द्वारा नाखून और आसपास के ऊतक की जांच

ओनायकोग्राइफोसिस का इलाज (Treatment of Onychogryphosis)

  1. नाखून कटाई और पेडीक्योर (Nail Trimming & Care) – मोटे नाखून को चिकित्सक सुरक्षित रूप से काटता है।
  2. औषधीय उपचार (Medications) – फंगल संक्रमण के लिए एंटीफंगल क्रीम या दवा।
  3. सर्जरी (Surgical Treatment) – गंभीर मामलों में नाखून निकालना या नाखून की ग्रोथ रोकने की सर्जरी।
  4. Proper Footwear (उपयुक्त जूते) – नाखून पर दबाव कम करने के लिए आरामदायक जूते।

ओनायकोग्राइफोसिस से बचाव (Prevention of Onychogryphosis)

  • नियमित रूप से नाखून काटें और साफ रखें
  • जूते सही आकार के पहनें, जो पैरों पर दबाव न डालें
  • फंगल संक्रमण से बचाव के लिए पैर और जूते साफ रखें
  • रक्त संचार और पैरों की देखभाल पर ध्यान दें, खासकर डायबिटीज में

घरेलू उपाय (Home Care & Remedies)

  • पैरों को गुनगुने पानी में भिगोकर नाखून को नरम करना
  • हल्के नाखून फ़ाइल या शेपिंग टूल का इस्तेमाल
  • एंटीफंगल तेल या क्रीम का नियमित प्रयोग
  • पैर की सफाई और सूखापन बनाए रखना

सावधानियाँ (Precautions)

  • नाखून खुद से अधिक काटने या तेज़ उपकरण इस्तेमाल न करें
  • डायबिटीज या रक्त संचार की समस्या वाले मरीज डॉक्टर की सलाह लें
  • नाखून में दर्द, लालिमा या सूजन होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

1. क्या ओनायकोग्राइफोसिस केवल पैरों में होता है?
मुख्य रूप से पैरों में होता है, लेकिन हाथों के नाखूनों में भी हो सकता है।

2. क्या ओनायकोग्राइफोसिस का इलाज संभव है?
हाँ, नाखून कटाई, दवा और कुछ मामलों में सर्जरी से इसे ठीक किया जा सकता है।

3. क्या यह समस्या केवल बुजुर्गों में होती है?
अधिकतर बुजुर्गों में होती है, लेकिन चोट, फंगल संक्रमण या जन्मजात कारणों से किसी भी उम्र में हो सकती है।

4. क्या इसे रोक सकते हैं?
साफ-सफाई, उपयुक्त जूते, और फंगल संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाकर कुछ हद तक रोक सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

ओनायकोग्राइफोसिस एक नाखून की समस्या है जो जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। समय पर पहचान और सही उपचार (चिकित्सक द्वारा नाखून देखभाल और दवा) से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। पैरों और नाखूनों की नियमित सफाई और उचित जूते पहनना इस समस्या के जोखिम को कम कर सकता है।


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