ओनिकोलीसिस (Onycholysis) एक आम नाखून की समस्या है जिसमें नाखून की प्लेट (Nail Plate) अपने बिस्तर (Nail Bed) से अलग हो जाती है। यह समस्या हाथों और पैरों दोनों में हो सकती है और अक्सर नाखून के किनारे से शुरू होती है।
ओनिकोलीसिस क्या होता है? (What is Onycholysis?)
ओनिकोलीसिस में नाखून की सफेद या पारदर्शी परत (White/Transparent Layer) नाखून के अंत से उठ जाती है। यह कभी-कभी दर्द रहित होती है, लेकिन संक्रमण (Infection) या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकती है।
ओनिकोलीसिस के कारण (Causes of Onycholysis)
ओनिकोलीसिस के कारण कई हो सकते हैं:
- सौम्य कारण (Mechanical Causes) – नाखून पर चोट (Trauma), लंबे समय तक नमी या रसायनों के संपर्क में रहना।
- संक्रमण (Infections) – फंगस (Fungal Infection) या बैक्टीरिया।
- चिकित्सीय कारण (Medical Causes) – थायरॉइड रोग (Thyroid Disorders), Psoriasis, या एलर्जी।
- औषधियों का प्रभाव (Drug-Induced) – कुछ एंटीबायोटिक या कीमोथेरापी दवाएँ।
- पोषण की कमी (Nutritional Deficiency) – आयरन (Iron) या विटामिन्स की कमी।
ओनिकोलीसिस के लक्षण (Symptoms of Onycholysis)
- नाखून के अंत या किनारे का सफेद या पीला रंग
- नाखून का बिस्तर से उठ जाना
- नाखून के नीचे गंदगी जमा होना
- कभी-कभी हल्का दर्द या जलन
- नाखून टूटने या कमजोर होने की समस्या
ओनिकोलीसिस कैसे पहचाने (How to Detect Onycholysis)
- नाखून के किनारे का सफेद या पीला उठाव
- नाखून पर किसी तरह की लालिमा, सूजन या छाले
- फंगल संक्रमण में पीले या भूरे धब्बे दिखाई दे सकते हैं
- डॉक्टर द्वारा नाखून की जांच और कभी-कभी माइक्रोबियल कल्चर
ओनिकोलीसिस का इलाज (Treatment of Onycholysis)
ओनिकोलीसिस का इलाज कारण पर निर्भर करता है:
- घरेलू और सावधानी उपाय (Home & Preventive Care)
- नाखून को सूखा और साफ रखें
- नाखून को काटते समय सीधे और हल्के तरीके से काटें
- रसायनों और लंबे समय तक पानी में रहने से बचें
- चिकित्सकीय इलाज (Medical Treatment)
- फंगल संक्रमण के लिए एंटिफंगल क्रीम या दवा
- बैक्टीरियल संक्रमण के लिए एंटीबायोटिक
- गंभीर मामलों में डॉक्टर नाखून को हटाने की सलाह दे सकते हैं
ओनिकोलीसिस से बचाव (Prevention of Onycholysis)
- नाखूनों को सूखा और साफ रखें
- लंबे समय तक नमी या पानी से बचें
- नाखूनों पर मजबूत रसायन जैसे कीटनाशक या हानिकारक क्लीनर का प्रयोग न करें
- संतुलित आहार और पर्याप्त विटामिन्स लें
सावधानियाँ (Precautions)
- नाखून को अलग होने पर जोर न डालें
- फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण से बचने के लिए नाखून ढक कर रखें
- डॉक्टर की सलाह के बिना दवा या क्रीम न लगाएँ
- यदि नाखून तेजी से पीला, सूजा या दर्द होने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या ओनिकोलीसिस खुद ठीक हो सकता है?
कुछ हल्के मामलों में नाखून का प्राकृतिक रूप से सुधार हो सकता है, लेकिन संक्रमण या गंभीर कारण के लिए इलाज जरूरी है।
2. क्या यह संक्रामक है?
स्वयं ओनिकोलीसिस संक्रामक नहीं है, लेकिन यदि इसमें फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण है तो हां, यह फैल सकता है।
3. नाखून कब सामान्य स्थिति में लौटता है?
नाखून की पूरी बढ़वार में 6-12 महीने लग सकते हैं।
4. क्या यह हाथों और पैरों दोनों में हो सकता है?
हाँ, यह दोनों जगह हो सकता है, लेकिन पैरों के नाखूनों में फंगल संक्रमण के कारण अधिक देखा जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
ओनिकोलीसिस एक आम लेकिन नजरअंदाज नहीं की जाने वाली समस्या है। समय पर पहचान और उचित देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। नाखून की सफाई, सूखापन, और संक्रमण से बचाव मुख्य उपाय हैं। यदि लक्षण बढ़ते हैं तो तुरंत विशेषज्ञ (Dermatologist) से संपर्क करना चाहिए।