Khushveer Choudhary

Sinusoidal Obstruction Syndrome कारण, लक्षण और उपचार

​साइनुसोइडल ऑब्सट्रक्शन सिंड्रोम (Sinusoidal Obstruction Syndrome - SOS) लिवर (यकृत) से जुड़ी एक गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा स्थिति है। इसमें लिवर के अंदर की छोटी रक्त वाहिकाएं (Sinusoids) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और अवरुद्ध हो जाती हैं। यह स्थिति मुख्य रूप से उन रोगियों में देखी जाती है जिनका कीमोथेरेपी (Chemotherapy) या स्टेम सेल प्रत्यारोपण (Stem Cell Transplant) हुआ हो।

​Sinusoidal Obstruction Syndrome क्या होता है? (What is Sinusoidal Obstruction Syndrome?)

​लिवर में 'साइनुसोइड्स' नामक छोटी नलिकाएं होती हैं जिनसे रक्त प्रवाहित होता है। SOS में, विषाक्त पदार्थों (Toxins) के कारण इन नलिकाओं की परत (Endothelial cells) नष्ट हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप सूजन आती है और रक्त का प्रवाह रुक जाता है, जिससे लिवर में दबाव बढ़ जाता है और लिवर की कोशिकाएं मरने लगती हैं।

​साइनुसोइडल ऑब्सट्रक्शन सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of SOS)

​इसके लक्षण आमतौर पर कीमोथेरेपी या प्रत्यारोपण के कुछ हफ्तों के भीतर दिखाई देते हैं:

  • पीलिया (Jaundice): त्वचा और आंखों का पीला होना (बिलीरुबिन का बढ़ना)।
  • पेट में सूजन (Ascites): पेट के अंदर तरल पदार्थ जमा होने के कारण पेट का फूलना।
  • लिवर का बढ़ना (Hepatomegaly): पसलियों के नीचे दाहिनी ओर दर्द और सूजन।
  • अचानक वजन बढ़ना (Sudden Weight Gain): शरीर में तरल प्रतिधारण (Fluid retention) के कारण।
  • पेशाब का रंग गहरा होना: लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने से।
  • भ्रम या सुस्ती: गंभीर मामलों में जब लिवर विषाक्त पदार्थों को साफ नहीं कर पाता।

​Sinusoidal Obstruction Syndrome के मुख्य कारण (Causes of SOS)

  • हेमटोपोइएटिक स्टेम सेल प्रत्यारोपण (HSCT): यह सबसे आम कारण है। प्रत्यारोपण से पहले दी जाने वाली भारी कीमोथेरेपी लिवर को नुकसान पहुँचा सकती है।
  • कीमोथेरेपी दवाएं: कुछ विशिष्ट दवाएं जैसे कि ऑक्सालीप्लेटिन (Oxaliplatin) या साइक्लोफॉस्फेमाईड (Cyclophosphamide)।
  • विषाक्त पौधे (Pyrrolizidine Alkaloids): कुछ हर्बल चाय या पौधों के सेवन से जिनमें यह विषैला तत्व होता है।
  • लिवर विकिरण (Radiation Therapy): लिवर पर दी गई रेडियोथेरेपी के कारण।

Sinusoidal Obstruction Syndrome ​कैसे पहचानें? (How to Identify/Diagnosis?)

​डॉक्टर 'सिएटल' या 'बाल्टीमोर' मापदंडों का उपयोग करके इसका निदान करते हैं:

  • रक्त परीक्षण (Blood Tests): बिलीरुबिन के स्तर और लिवर एंजाइम (LFT) की जांच।
  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): लिवर में रक्त के प्रवाह की दिशा और पेट में पानी (Ascites) की जांच करने के लिए।
  • लिवर बायोप्सी (Liver Biopsy): दुर्लभ मामलों में ऊतकों की सूक्ष्म जांच के लिए।
  • वजन की निगरानी: प्रतिदिन वजन बढ़ना SOS का शुरुआती संकेत हो सकता है।

Sinusoidal Obstruction Syndrome ​इलाज (Treatment of SOS)

​SOS एक मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है, इसलिए इसका उपचार अस्पताल में किया जाता है:

  • डिफाइब्रोटाइड (Defibrotide): यह SOS के इलाज के लिए स्वीकृत सबसे प्रभावी दवा है, जो रक्त वाहिकाओं की परत की रक्षा करती है और थक्के बनने से रोकती है।
  • तरल पदार्थ प्रबंधन (Fluid Management): शरीर में तरल और नमक के संतुलन को बनाए रखना।
  • मूत्रवर्धक दवाएं (Diuretics): पेट की सूजन और शरीर का पानी कम करने के लिए।
  • सपोर्टिव केयर: ऑक्सीजन थेरेपी या गुर्दे की डायलिसिस यदि अन्य अंग प्रभावित हो रहे हों।

​घरेलू उपाय और सावधानियाँ (Precautions and Home Care)

​चूंकि यह एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है, घरेलू उपाय केवल रोकथाम और रिकवरी में सहायक हो सकते हैं:

  • नमक का कम सेवन: सूजन कम करने के लिए आहार में नमक (Sodium) कम रखें।
  • नियमित वजन की जांच: यदि आप कीमोथेरेपी ले रहे हैं, तो रोज अपना वजन मापें।
  • अज्ञात जड़ी-बूटियों से बचें: बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी हर्बल सप्लीमेंट न लें।
  • शराब से दूरी: लिवर पर अतिरिक्त दबाव न डालें।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या SOS पूरी तरह ठीक हो सकता है?

हाँ, यदि समय पर पहचान हो जाए और डिफाइब्रोटाइड जैसी दवाएं शुरू कर दी जाएं, तो लिवर रिकवर कर सकता है।

2. यह प्रत्यारोपण के कितने समय बाद होता है?

आमतौर पर यह स्टेम सेल प्रत्यारोपण के पहले 21 से 30 दिनों के भीतर होता है।

3. क्या यह संक्रामक है?

नहीं, यह संक्रमण नहीं है। यह दवाइयों या विषाक्त पदार्थों के प्रति लिवर की एक प्रतिक्रिया है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​साइनुसोइडल ऑब्सट्रक्शन सिंड्रोम एक जटिल स्थिति है जो विशेष रूप से कैंसर के इलाज के दौरान उत्पन्न होती है। इसकी समय पर पहचान (Early detection) ही जीवन बचाने की कुंजी है। यदि कीमोथेरेपी के दौरान पेट में अचानक सूजन या पीलिया के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

​क्या आप स्टेम सेल प्रत्यारोपण के बाद लिवर की देखभाल के लिए विशेष आहार योजना (Diet Plan) के बारे में जानना चाहेंगे?

एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने