Khushveer Choudhary

Sleep Walking कारण, लक्षण, खतरे और बचाव के उपाय

​नींद में चलना (Sleep Walking) एक ऐसी स्थिति है जो देखने वाले के लिए जितनी अजीब हो सकती है, चलने वाले के लिए उतनी ही जोखिम भरी। यह नींद का एक विकार है जिसमें व्यक्ति सोते हुए ही बिस्तर से उठकर चलने लगता है या अन्य गतिविधियां करने लगता है। हालांकि यह बच्चों में अधिक आम है, लेकिन वयस्कों में भी यह समस्या देखी जा सकती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में सोम्नामबुलिज्म (Somnambulism) कहा जाता है।

​नींद में चलना क्या होता है? (What is Sleep Walking?)

​नींद में चलना एक प्रकार का पैरासोमनिया (Parasomnia) है। यह आमतौर पर गहरी नींद (Non-REM Sleep) के दौरान होता है, अक्सर सोने के एक या दो घंटे के भीतर। इस स्थिति में व्यक्ति का मस्तिष्क आंशिक रूप से जागृत होता है, जिससे वह शारीरिक गतिविधियां कर पाता है, लेकिन वह पूरी तरह होश में नहीं होता।

​नींद में चलने के लक्षण (Symptoms of Sleep Walking)

​नींद में चलने वाला व्यक्ति केवल चलता ही नहीं, बल्कि कई अन्य व्यवहार भी दिखा सकता है:

  • बिस्तर से उठकर घूमना: कमरे में या घर के बाहर टहलना।
  • आंखें खुली होना: व्यक्ति की आंखें खुली होती हैं लेकिन उनकी दृष्टि स्थिर या "कांच जैसी" (Glassy look) दिखाई देती है।
  • जवाब न देना: बातचीत करने की कोशिश करने पर व्यक्ति कोई प्रतिक्रिया नहीं देता या अस्पष्ट बोलता है।
  • उठने पर कुछ याद न रहना: सुबह जागने पर व्यक्ति को अपनी रात की गतिविधियों का कोई ज्ञान नहीं होता।
  • अजीब हरकतें करना: कपड़े पहनना, अलमारी खोलना या कभी-कभी पेशाब करने के लिए गलत जगह चुन लेना।
  • जगाने पर भ्रमित होना: यदि व्यक्ति को नींद में चलते समय जगाया जाए, तो वह बहुत उलझन (Confusion) में महसूस करता है।

​नींद में चलने के कारण (Causes of Sleep Walking)

​इसके पीछे कई शारीरिक, मानसिक और पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं:

  • नींद की कमी (Sleep Deprivation): पर्याप्त नींद न लेना इसका सबसे प्रमुख कारण है।
  • तनाव और चिंता (Stress and Anxiety): मानसिक परेशानी नींद के चक्र को बाधित करती है।
  • बुखार (Fever): बीमारी या बुखार के दौरान नींद में चलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
  • आनुवंशिकता (Genetics): यदि माता-पिता में से किसी को यह समस्या रही हो, तो बच्चों में इसकी संभावना बढ़ जाती है।
  • दवाएं (Medications): कुछ नींद की गोलियां या मानसिक रोगों की दवाएं।
  • अव्यवस्थित नींद का समय: सोने और जागने का कोई निश्चित समय न होना।
  • अन्य स्वास्थ्य स्थितियां: जैसे स्लीप एप्निया (Sleep Apnea), बेचैन पैर सिंड्रोम (Restless Legs Syndrome) या माइग्रेन।

​कैसे पहचानें? (How to Identify/Diagnosis?)

  • परिवार का अवलोकन: अक्सर घर के सदस्य ही इसकी पुष्टि करते हैं।
  • स्लीप डायरी: सोने के समय और व्यवहार का रिकॉर्ड रखना।
  • पॉलीसौम्नोग्राफी (Sleep Study): यदि समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर स्लीप लैब में रात भर की जांच की सलाह दे सकते हैं।

​खतरे और सावधानियाँ (Dangers and Precautions)

​नींद में चलने वाले व्यक्ति को चोट लगने का सबसे अधिक खतरा होता है। इसलिए सुरक्षा के लिए ये कदम उठाएं:

  • घर को सुरक्षित करें: खिड़कियों और दरवाजों को ठीक से बंद करें और उनमें अलार्म या मजबूत लॉक लगाएं।
  • फर्श साफ रखें: जमीन पर बिखरे खिलौने या तार हटा दें ताकि व्यक्ति फिसलकर न गिरे।
  • नुकीली चीजों को दूर रखें: चाकू, कांच की चीजें या हथियार व्यक्ति की पहुंच से दूर रखें।
  • सीढ़ियों पर गेट: यदि घर में सीढ़ियाँ हैं, तो सुरक्षा गेट (Safety Gates) लगाएं।
  • नीचे के कमरे में सुलाएं: यदि संभव हो, तो प्रभावित व्यक्ति को जमीन मंजिल (Ground Floor) पर सुलाएं।

​इलाज (Treatment of Sleep Walking)

​ज्यादातर बच्चों में यह समस्या उम्र के साथ अपने आप ठीक हो जाती है। वयस्कों के लिए उपचार इस प्रकार हो सकता है:

  • अंतर्निहित कारण का इलाज: यदि कारण स्लीप एप्निया या तनाव है, तो पहले उसका इलाज किया जाता है।
  • दवाएं: यदि चोट लगने का खतरा अधिक हो, तो डॉक्टर बेंजोडायजेपाइन (Benzodiazepines) जैसी दवाएं दे सकते हैं।
  • एन्टीसिपेटरी अवेकनिंग (Anticipatory Awakening): व्यक्ति को उस समय से 15-20 मिनट पहले जगा देना जब वह आमतौर पर चलना शुरू करता है।
  • सम्मोहन (Hypnosis) और थेरेपी: तनाव कम करने के लिए प्रभावी हो सकते हैं।

​जीवनशैली और घरेलू उपाय (Lifestyle Changes)

  • पर्याप्त नींद लें: रोजाना 7-9 घंटे की गहरी नींद सुनिश्चित करें।
  • सोने से पहले रिलैक्स करें: हल्का संगीत, किताब पढ़ना या गर्म पानी से नहाना सहायक होता है।
  • नशे से बचें: शराब और कैफीन का सेवन नींद के चक्र को खराब करता है।
  • नियमित व्यायाम: दिन में शारीरिक गतिविधि करें, लेकिन सोने के तुरंत पहले भारी व्यायाम न करें।

​अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या नींद में चलते व्यक्ति को जगाना खतरनाक है?

यह जानलेवा नहीं है, लेकिन जगाने पर व्यक्ति बहुत अधिक डर या भ्रमित हो सकता है। सबसे अच्छा तरीका है कि उसे धीरे से हाथ पकड़कर वापस बिस्तर तक ले जाएं।

2. क्या यह मानसिक बीमारी का संकेत है?

नहीं, यह आमतौर पर एक स्लीप डिसऑर्डर है। हालांकि, लंबे समय तक तनाव या चिंता इसका कारण बन सकती है।

3. क्या नींद में चलने वाला व्यक्ति हिंसक हो सकता है?

दुर्लभ मामलों में, यदि व्यक्ति को अचानक जगाया जाए या वह डरावना सपना देख रहा हो, तो वह अनजाने में धक्का दे सकता है या हिंसक प्रतिक्रिया दे सकता है।

​निष्कर्ष (Conclusion)

​नींद में चलना (Sleep Walking) एक डरावना अनुभव हो सकता है, लेकिन सही सुरक्षा उपायों और नियमित जीवनशैली के साथ इसे मैनेज किया जा सकता है। बच्चों में यह अक्सर विकास का एक हिस्सा होता है, लेकिन वयस्कों में इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यदि घटनाएं बार-बार हो रही हैं, तो स्लीप स्पेशलिस्ट से सलाह लेना उचित है।

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