चेचक (Smallpox) मानव इतिहास की सबसे घातक और संक्रामक बीमारियों में से एक रही है। सदियों तक इसने दुनिया भर में करोड़ों लोगों की जान ली और जो बच गए उन्हें जीवन भर के लिए गहरे निशान या अंधापन दे दिया। हालांकि, चिकित्सा विज्ञान की मदद से 1980 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आधिकारिक तौर पर इसके पूर्ण उन्मूलन (Eradication) की घोषणा कर दी थी। आज यह बीमारी प्राकृतिक रूप से अस्तित्व में नहीं है, लेकिन इसके बारे में जानना स्वास्थ्य इतिहास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चेचक क्या होता है? (What is Smallpox?)
चेचक एक अत्यंत संक्रामक रोग था जो वेरियोला वायरस (Variola Virus) के कारण होता था। यह 'ऑर्थोपॉक्सवायरस' (Orthopoxvirus) परिवार का हिस्सा है। यह मुख्य रूप से दो रूपों में पाया जाता था:
- वेरियोला मेजर (Variola Major): यह सबसे घातक रूप था, जिसमें मृत्यु दर लगभग 30% थी।
- वेरियोला माइनर (Variola Minor): यह कम गंभीर था, जिससे मृत्यु दर 1% से भी कम थी।
चेचक के लक्षण (Symptoms of Smallpox)
संक्रमण के बाद लक्षण दिखने में लगभग 10 से 14 दिन लगते थे। इसके लक्षणों को चरणों में विभाजित किया जा सकता है:
1. प्रारंभिक लक्षण (Early Symptoms)
- तेज बुखार (High Fever): अचानक बहुत तेज बुखार आना।
- शरीर में दर्द: कमर में तेज दर्द, सिरदर्द और मांसपेशियों में जकड़न।
- थकान और उल्टी: अत्यधिक कमजोरी महसूस होना।
2. चकत्ते निकलना (Rash Stage)
- बुखार के 2-3 दिन बाद मुँह और गले में छोटे लाल धब्बे दिखाई देते थे।
- इसके बाद चेहरे, हाथ और पैरों पर दाने निकलते थे, जो बाद में पूरे शरीर पर फैल जाते थे।
- ये दाने मवाद से भरी गांठों (Pustules) में बदल जाते थे जो छूने में सख्त होती थीं।
3. पपड़ी बनना (Scabbing)
- लगभग दूसरे सप्ताह के अंत तक, ये गांठें फटने लगती थीं और उन पर पपड़ी (Scab) जम जाती थी।
- पपड़ी गिरने के बाद त्वचा पर गहरे गड्ढे वाले निशान (Pocks) रह जाते थे।
चेचक के कारण और प्रसार (Causes and Transmission)
- वायरस का नाम: वेरियोला वायरस (Variola Virus)।
- फैलने का तरीका: यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हवा की बूंदों (खांसने या छींकने) के माध्यम से फैलता था।
- दूषित वस्तुएं: संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों, चादरों या घावों के तरल पदार्थ के संपर्क में आने से भी यह फैलता था।
कैसे पहचानें? (How to Identify/Diagnosis?)
ऐतिहासिक रूप से डॉक्टर इसके विशिष्ट दानों के पैटर्न (जो चेहरे और अंगों पर अधिक होते थे) से इसकी पहचान करते थे। प्रयोगशाला परीक्षणों में दानों के नमूने से 'वेरियोला डीएनए' की जांच की जाती थी।
इलाज (Treatment of Smallpox)
जब तक चेचक अस्तित्व में था, इसका कोई पक्का इलाज उपलब्ध नहीं था। उपचार केवल लक्षणों को प्रबंधित करने पर केंद्रित था:
- तरल पदार्थ (Fluids): डिहाइड्रेशन से बचने के लिए।
- दवाएं: बुखार और दर्द को कम करने के लिए।
- एंटी-वायरल: बाद के वर्षों में टेकोविरिमैट (Tecovirimat) जैसी कुछ एंटी-वायरल दवाएं विकसित की गईं, लेकिन इनका उपयोग व्यापक रूप से नहीं हो पाया क्योंकि बीमारी पहले ही खत्म हो चुकी थी।
टीकाकरण और उन्मूलन (Vaccination and Eradication)
चेचक का टीका दुनिया का सबसे पहला टीका था, जिसे 1796 में एडवर्ड जेनर (Edward Jenner) ने विकसित किया था।
- उन्मूलन अभियान: 1960 और 70 के दशक में वैश्विक स्तर पर सघन टीकाकरण अभियान चलाया गया।
- अंतिम मामला: चेचक का अंतिम प्राकृतिक मामला 1977 में सोमालिया में मिला था।
- भारत की स्थिति: भारत को 1975 में चेचक मुक्त घोषित किया गया था।
सावधानियाँ (Precautions)
चूंकि अब यह बीमारी खत्म हो चुकी है, इसलिए आम जनता के लिए किसी विशेष सावधानी की आवश्यकता नहीं है। इसके वायरस के नमूने केवल दुनिया की दो सुरक्षित प्रयोगशालाओं (अमेरिका और रूस में) में अनुसंधान के लिए रखे गए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या चेचक (Smallpox) और छोटी माता (Chickenpox) एक ही हैं?
नहीं, ये दोनों अलग-अलग वायरस से होते हैं। चेचक (Smallpox) बहुत अधिक घातक था, जबकि छोटी माता (Chickenpox) आमतौर पर कम गंभीर होती है और इसका वायरस (वेरिसेला-जोस्टर) अलग है।
2. क्या अब भी चेचक का टीका लगवाना जरूरी है?
नहीं, अब आम जनता के लिए चेचक का टीकाकरण बंद कर दिया गया है क्योंकि यह बीमारी दुनिया से खत्म हो चुकी है।
3. क्या चेचक वापस आ सकता है?
प्राकृतिक रूप से इसकी संभावना नहीं है, लेकिन प्रयोगशाला में रखे नमूनों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।
निष्कर्ष (Conclusion)
चेचक का उन्मूलन चिकित्सा विज्ञान की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि पूरी दुनिया एकजुट होकर प्रयास करे, तो सबसे भयानक बीमारियों को भी जड़ से मिटाया जा सकता है। आज की पीढ़ी के लिए यह केवल इतिहास का एक हिस्सा है, लेकिन यह टीकाकरण की शक्ति को समझने का एक बड़ा उदाहरण है।
क्या आप एडवर्ड जेनर के टीके के आविष्कार की कहानी या चेचक और छोटी माता (Chickenpox) के बीच के अंतर के बारे में और विस्तार से जानना चाहेंगे?