गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया (Gestational Thrombocytopenia) एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भावस्था के दौरान महिला के रक्त में प्लेटलेट्स (Platelets) की संख्या सामान्य से कम हो जाती है। प्लेटलेट्स रक्त का वह हिस्सा होते हैं जो खून को जमने में मदद करते हैं। यह समस्या गर्भावस्था के अंतिम चरण (अधिकतर तीसरी तिमाही) में देखने को मिलती है और आमतौर पर प्रसव के बाद अपने आप ठीक हो जाती है।
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया क्या होता है (What is Gestational Thrombocytopenia?)
जब गर्भावस्था के दौरान रक्त की मात्रा बढ़ती है, तो रक्त में प्लेटलेट्स का घनत्व कम हो जाता है। इसके कारण प्लेटलेट्स की संख्या घट जाती है। यह एक सामान्य शारीरिक परिवर्तन होता है और अधिकतर मामलों में यह माँ और शिशु के लिए हानिकारक नहीं होता।
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया के कारण (Causes of Gestational Thrombocytopenia)
- गर्भावस्था में रक्त की मात्रा बढ़ना (Hemodilution effect)
- प्लेटलेट्स का शरीर द्वारा तेजी से टूटना
- गर्भाशय और शिशु के विकास के लिए प्लेटलेट्स का अधिक उपयोग होना
- हार्मोनल बदलाव
- प्रतिरक्षा तंत्र (Immune system) की हल्की प्रतिक्रिया
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया के लक्षण (Symptoms of Gestational Thrombocytopenia)
अधिकतर मामलों में इसके कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कभी-कभी निम्न लक्षण देखे जा सकते हैं:
- शरीर पर नीले-नीले निशान (Bruising) जल्दी आना
- नकसीर (Nose bleeding)
- मसूड़ों से खून आना (Bleeding gums)
- अधिक थकान (Fatigue)
- घाव से खून रुकने में देर लगना
- त्वचा पर छोटे लाल धब्बे (Petechiae)
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया का इलाज (Treatment of Gestational Thrombocytopenia)
- यदि प्लेटलेट्स की संख्या 70,000 – 150,000 प्रति माइक्रोलिटर है तो सामान्यतः कोई विशेष इलाज की आवश्यकता नहीं होती।
- डॉक्टर नियमित रक्त परीक्षण (CBC Test) कराते रहते हैं।
- गंभीर मामलों में (प्लेटलेट्स < 70,000) दवाइयों या प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ सकती है।
- स्टेरॉयड या IVIG (Intravenous Immunoglobulin) का उपयोग कुछ स्थितियों में किया जा सकता है।
- सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर लगातार निगरानी करते हैं।
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया को कैसे पहचाने (How to Identify Gestational Thrombocytopenia?)
- सामान्य जांच के दौरान प्लेटलेट काउंट का कम होना
- ब्लीडिंग से संबंधित लक्षण
- नियमित CBC टेस्ट
- डॉक्टर द्वारा अन्य बीमारियों (जैसे ITP – Immune Thrombocytopenia, HELLP Syndrome, Preeclampsia) को बाहर करना
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया को रोकने के तरीके (Prevention of Gestational Thrombocytopenia)
हालाँकि इसे पूरी तरह रोकना संभव नहीं है क्योंकि यह प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन कुछ उपाय सहायक हो सकते हैं:
- संतुलित आहार लेना
- आयरन और फोलेट युक्त भोजन करना
- अत्यधिक दवाओं या हानिकारक रसायनों से बचना
- नियमित प्रेगनेंसी चेकअप कराना
- पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लेना
घरेलू उपाय (Home Remedies for Gestational Thrombocytopenia)
- अनार, चुकंदर और गाजर जैसे प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले फलों और सब्जियों का सेवन
- पपीते की पत्तियों का रस (सीमित मात्रा में, डॉक्टर की सलाह से)
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ और प्रोटीन युक्त भोजन
- विटामिन C और फोलिक एसिड युक्त आहार
- शरीर को हाइड्रेट रखना
सावधानियाँ (Precautions in Gestational Thrombocytopenia)
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें
- किसी भी चोट या गिरने से बचें
- ब्लीडिंग के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- प्रसव से पहले प्लेटलेट काउंट की जाँच अवश्य कराएँ
- यदि प्लेटलेट्स बहुत कम हों तो नॉर्मल डिलीवरी की बजाय डॉक्टर सीजेरियन का सुझाव दे सकते हैं
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. क्या गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया बच्चे के लिए खतरनाक है?
नहीं, यह सामान्य स्थिति है और प्रसव के बाद ठीक हो जाती है। बहुत कम मामलों में ही गंभीर असर होता है।
Q2. क्या यह समस्या हर गर्भवती महिला को होती है?
नहीं, यह केवल लगभग 5–10% महिलाओं में पाई जाती है।
Q3. क्या इसके लिए दवाइयाँ हमेशा जरूरी होती हैं?
नहीं, हल्के मामलों में कोई दवा नहीं दी जाती, केवल निगरानी की जाती है।
Q4. क्या यह प्रसव के बाद भी बनी रहती है?
नहीं, अधिकतर मामलों में प्रसव के बाद यह अपने आप सामान्य हो जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
गर्भावधि थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया (Gestational Thrombocytopenia) गर्भवती महिलाओं में प्लेटलेट्स की कमी से जुड़ी एक सामान्य और अक्सर हानिरहित स्थिति है। यह आमतौर पर गर्भावस्था के अंतिम चरण में दिखाई देती है और प्रसव के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। सही खानपान, नियमित जाँच और डॉक्टर की देखरेख से इसे सुरक्षित रूप से मैनेज किया जा सकता है।
