Khushveer Choudhary

Glossitis कारण, लक्षण, इलाज, बचाव और घरेलू उपाय

ग्लोसाइटिस (Glossitis) एक सामान्य लेकिन असहज करने वाली समस्या है, जिसमें जीभ (Tongue) में सूजन, लालिमा और दर्द हो जाता है। इस स्थिति में जीभ की सतह पर छोटे-छोटे उभार (Papillae) सपाट हो सकते हैं, जिससे जीभ चिकनी दिखने लगती है। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे पोषण की कमी, संक्रमण, या एलर्जी। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह खाने-पीने और बोलने में कठिनाई उत्पन्न कर सकती है।








ग्लोसाइटिस क्या होता है? (What is Glossitis):

ग्लोसाइटिस (Glossitis) जीभ की सूजन (Inflammation of tongue) को कहा जाता है। इसमें जीभ का रंग सामान्य से अधिक लाल हो जाता है और सतह चिकनी या दर्दनाक हो सकती है। कुछ मामलों में जीभ पर जलन (Burning sensation) और छाले भी हो सकते हैं।

ग्लोसाइटिस के कारण (Causes of Glossitis):

ग्लोसाइटिस कई कारणों से हो सकता है, जिनमें मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  1. पोषण की कमी (Nutritional Deficiency):

    1. विटामिन B12 की कमी
    2. आयरन (Iron) की कमी
    3. फोलिक एसिड की कमी
  2. संक्रमण (Infections):

    1. बैक्टीरियल संक्रमण
    1. वायरल संक्रमण
    1. फंगल संक्रमण (जैसे ओरल कैंडिडा)
  3. एलर्जी (Allergic Reactions):

    1. दवाइयों से एलर्जी
    1. खाद्य पदार्थों से एलर्जी
  4. अन्य कारण (Other Causes):

    1. धूम्रपान (Smoking) और शराब का सेवन
    2. मसालेदार और गरम भोजन
    3. हार्मोनल बदलाव
    4. मुंह की सफाई न रखना
    5. ऑटोइम्यून बीमारियाँ (जैसे स्जोग्रेन सिंड्रोम)

ग्लोसाइटिस के लक्षण (Symptoms of Glossitis):

ग्लोसाइटिस के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

  • जीभ का लाल और सूजा हुआ होना
  • जीभ की सतह का चिकना हो जाना
  • जीभ पर जलन या दर्द
  • स्वाद महसूस करने में कमी
  • खाने-पीने और बोलने में कठिनाई
  • जीभ पर दरारें (Cracks) होना
  • मुँह से बदबू आना

ग्लोसाइटिस का इलाज (Treatment of Glossitis):

ग्लोसाइटिस का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है:

  1. पोषण की कमी होने पर:

    1. विटामिन B12, आयरन और फोलिक एसिड की गोलियाँ या इंजेक्शन दिए जाते हैं।
  2. संक्रमण की स्थिति में:

    1. बैक्टीरियल संक्रमण में एंटीबायोटिक्स
    1. फंगल संक्रमण में एंटिफंगल दवाएँ
    1. वायरल संक्रमण में एंटीवायरल दवाएँ
  3. एलर्जी की वजह से:

    1. एंटीहिस्टामिनिक दवाएँ दी जाती हैं।
  4. अन्य सामान्य उपचार:

    1. दर्द और जलन कम करने के लिए पेनकिलर दवाइयाँ
    2. माउथवॉश और ओरल जैल का उपयोग

ग्लोसाइटिस को कैसे रोके? (Prevention of Glossitis):

  • संतुलित आहार लें जिसमें विटामिन और आयरन पर्याप्त मात्रा में हो।
  • धूम्रपान और शराब से बचें।
  • बहुत ज्यादा मसालेदार और गरम भोजन से परहेज़ करें।
  • मुँह की नियमित सफाई करें।
  • नियमित रूप से डेंटल चेकअप कराएँ।

ग्लोसाइटिस के घरेलू उपाय (Home Remedies for Glossitis):

  1. ठंडा पानी या बर्फ के टुकड़े: जलन और सूजन कम करने में मदद करते हैं।
  2. नमक पानी से कुल्ला: बैक्टीरिया को खत्म करने और दर्द कम करने के लिए।
  3. एलोवेरा जेल: जीभ की सतह पर लगाने से सूजन और जलन कम हो सकती है।
  4. शहद (Honey): इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो जीभ की सूजन कम करने में सहायक हैं।
  5. हल्दी वाला दूध: संक्रमण से राहत और उपचार में मदद करता है।

सावधानियाँ (Precautions):

  • जीभ में जलन होने पर गरम या मसालेदार खाना न खाएँ।
  • शराब और धूम्रपान से दूर रहें।
  • यदि समस्या 7–10 दिन से अधिक बनी रहती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।

ग्लोसाइटिस कैसे पहचाने? (How to Identify Glossitis):

  • यदि जीभ लाल, सूजी हुई और चिकनी दिखाई दे रही हो।
  • जीभ में जलन और दर्द लगातार हो।
  • स्वाद महसूस करने में परेशानी हो।
  • जीभ पर दरारें या छाले बने हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs):

प्रश्न 1: क्या ग्लोसाइटिस खतरनाक है?
उत्तर: यह सामान्य स्थिति में खतरनाक नहीं होता, लेकिन यदि यह लंबे समय तक बना रहे तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

प्रश्न 2: क्या ग्लोसाइटिस बच्चों में भी हो सकता है?
उत्तर: हाँ, यह बच्चों में भी हो सकता है, खासकर पोषण की कमी की वजह से।

प्रश्न 3: क्या घरेलू उपाय से ग्लोसाइटिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?
उत्तर: हल्के मामलों में घरेलू उपाय काफी मददगार होते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में डॉक्टर की सलाह आवश्यक है।

प्रश्न 4: क्या ग्लोसाइटिस संक्रामक (Infectious) है?
उत्तर: यह केवल तभी फैल सकता है जब यह किसी संक्रमण (फंगल/बैक्टीरियल) की वजह से हो।

निष्कर्ष (Conclusion):

ग्लोसाइटिस (Glossitis) जीभ की सूजन से जुड़ी एक सामान्य समस्या है, जो पोषण की कमी, संक्रमण या अन्य कारणों से हो सकती है। इसका सही समय पर इलाज और घरेलू देखभाल से आसानी से उपचार किया जा सकता है। यदि लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना सबसे बेहतर विकल्प है।


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