आज के समय में मधुमेह (Diabetes) एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। लेकिन इससे पहले की अवस्था, जिसे इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस (Impaired Glucose Tolerance - IGT) कहते हैं, वह उतनी ही चिंता का विषय है। यह वह स्थिति होती है जब शरीर का ब्लड शुगर लेवल सामान्य से थोड़ा ज़्यादा होता है लेकिन इतना नहीं कि इसे डायबिटीज माना जाए। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थिति टाइप 2 मधुमेह (Type 2 Diabetes) में बदल सकती है।
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस क्या होता है ? (What is Impaired Glucose Tolerance?)
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस (IGT) एक प्री-डायबेटिक स्थिति (Pre-diabetic Condition) है, जिसमें शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता घट जाती है। इस वजह से भोजन के बाद ब्लड शुगर सामान्य से अधिक हो जाता है, लेकिन फास्टिंग ब्लड शुगर सामान्य के दायरे में रहता है।
इसका मतलब है कि शरीर में ग्लूकोज़ को प्रभावी रूप से उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे धीरे-धीरे ब्लड शुगर बढ़ने लगता है।
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस के कारण (Causes of Impaired Glucose Tolerance)
- अनियमित जीवनशैली
- शारीरिक गतिविधि की कमी (Sedentary lifestyle)
- अस्वस्थ आहार (Unhealthy diet)
- मोटापा (Obesity)
- पारिवारिक इतिहास (Family history of diabetes)
- उम्र बढ़ना (Advancing age)
- हार्मोनल असंतुलन
- धूम्रपान और शराब का सेवन
- नींद की कमी
- तनाव (Stress)
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस के लक्षण (Symptoms of Impaired Glucose Tolerance)
IGT अक्सर बिना किसी लक्षण के होती है, लेकिन कुछ मामलों में निम्नलिखित संकेत मिल सकते हैं:
- बार-बार प्यास लगना (Frequent thirst)
- थकान महसूस होना (Fatigue)
- धुंधली दृष्टि (Blurred vision)
- बार-बार पेशाब आना (Frequent urination)
- भूख अधिक लगना (Increased hunger)
- वजन बढ़ना या घटना (Weight gain or loss)
- संक्रमण बार-बार होना (Frequent infections)
- शरीर के घाव देर से भरना (Slow healing of wounds)
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस की पहचान कैसे करें? (How to Diagnose IGT)
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस का पता लगाने के लिए निम्नलिखित परीक्षण किए जाते हैं:
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ओरल ग्लूकोज़ टॉलरेंस टेस्ट (OGTT):
- फास्टिंग के बाद शुगर लेवल लिया जाता है
- फिर 75 ग्राम ग्लूकोज़ दिया जाता है
- 2 घंटे बाद ब्लड शुगर मापा जाता है
- यदि शुगर लेवल 140 से 199 mg/dL के बीच हो, तो यह IGT मानी जाती है।
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फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट (FBS)
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HbA1c टेस्ट (ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट)
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस का इलाज (Treatment of Impaired Glucose Tolerance)
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आहार सुधार (Diet Modification):
- कम शुगर और कम कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन लें
- फाइबर युक्त आहार जैसे हरी सब्ज़ियां, साबुत अनाज शामिल करें
- मीठे पेय और जंक फूड से बचें
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व्यायाम (Exercise):
- नियमित रूप से कम से कम 30 मिनट टहलना या व्यायाम करना
- योग और ध्यान भी सहायक होते हैं
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वजन नियंत्रित करना (Weight Management):
- 5-10% वजन कम करने से काफी लाभ मिलता है
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दवाइयाँ (Medicines):
- कुछ मामलों में डॉक्टर मेटफॉर्मिन (Metformin) जैसी दवा भी दे सकते हैं
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ब्लड शुगर की नियमित जांच (Monitoring Blood Sugar):
- समय-समय पर टेस्ट कराना आवश्यक है
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस को कैसे रोका जा सकता है? (How to Prevent IGT)
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें
- रोज़ाना व्यायाम करें
- वजन को नियंत्रण में रखें
- तनाव कम करें
- नींद पूरी लें (7–8 घंटे प्रतिदिन)
- शराब और धूम्रपान से दूरी बनाए रखें
- सालाना हेल्थ चेकअप कराएं, खासकर अगर डायबिटीज का पारिवारिक इतिहास हो
घरेलू उपाय (Home Remedies for Impaired Glucose Tolerance)
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मेथी दाना (Fenugreek Seeds):
- रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें
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करेला (Bitter Gourd):
- करेले का जूस ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मदद करता है
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आंवला (Indian Gooseberry):
- विटामिन C से भरपूर, यह पैंक्रियाज को मजबूत बनाता है
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दालचीनी (Cinnamon):
- इंसुलिन की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक
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गिलोय और एलोवेरा:
- ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में लाभकारी
सावधानियाँ (Precautions in Impaired Glucose Tolerance)
- नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करवाएं
- बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें
- हेल्दी स्नैकिंग करें, लंबे समय तक भूखे न रहें
- अत्यधिक मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ से बचें
- मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें
- डिहाइड्रेशन से बचें – पर्याप्त पानी पिएं
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on Impaired Glucose Tolerance)
प्रश्न 1: क्या इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है?
उत्तर: हां, जीवनशैली में बदलाव से इसे नियंत्रित किया जा सकता है और डायबिटीज में बदलने से रोका जा सकता है।
प्रश्न 2: IGT और टाइप 2 डायबिटीज में क्या अंतर है?
उत्तर: IGT एक पूर्व-डायबिटिक अवस्था है, जबकि टाइप 2 डायबिटीज एक क्रॉनिक रोग है जिसमें ब्लड शुगर बहुत अधिक होता है और इसके लक्षण और जटिलताएँ अधिक होती हैं।
प्रश्न 3: क्या IGT खतरनाक है?
उत्तर: यदि इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यह टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग, और अन्य गंभीर समस्याओं में बदल सकती है।
प्रश्न 4: क्या बच्चों में भी IGT हो सकता है?
उत्तर: हां, विशेषकर मोटापे से ग्रसित बच्चों में यह स्थिति देखी जा सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
इंपीयर्ड ग्लूकोज़ टॉलरेंस (Impaired Glucose Tolerance) एक गंभीर संकेत है कि आपके शरीर में ब्लड शुगर नियंत्रण की प्रक्रिया कमजोर हो रही है। यदि समय रहते उचित कदम न उठाए जाएं, तो यह डायबिटीज का रूप ले सकती है। लेकिन सही जीवनशैली, संतुलित आहार, व्यायाम और नियमित जांच से इस स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है