Khushveer Choudhary

Lassa Fever कारण, लक्षण, इलाज, रोकथाम और सावधानियाँ

लासा फीवर (Lassa Fever) एक वायरल रक्तस्रावी बुखार (Viral Hemorrhagic Fever) है, जो Lassa virus के कारण होता है।

यह वायरस Arenaviridae परिवार से संबंधित है और मुख्य रूप से संक्रमित चूहे (Mastomys natalensis) के संपर्क से मनुष्यों में फैलता है।
यह बीमारी पश्चिम अफ्रीका में अधिक सामान्य है, लेकिन अन्य देशों में भी संक्रमण के मामले देखे गए हैं, खासकर यात्रा के कारण।









लासा फीवर क्या है  (What is Lassa Fever)

लासा फीवर एक गंभीर संक्रमणजन्य रोग है जो बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, और कभी-कभी अंदरूनी रक्तस्राव (internal bleeding) का कारण बनता है।
यह एक ज़ूनोटिक रोग (zoonotic disease) है, यानी जो जानवरों से मनुष्यों में फैलता है।
संक्रमण अधिकतर दूषित भोजन, मूत्र या चूहे की बीट के संपर्क से होता है।

लासा फीवर कारण (Causes of Lassa Fever)

  1. Lassa virus:

    1. यह वायरस संक्रमित African soft-furred rat (Mastomys rat) के मूत्र या मल से फैलता है।
    1. मनुष्य दूषित वस्तुओं या खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने से संक्रमित हो सकता है।
  2. व्यक्ति से व्यक्ति संक्रमण (Human-to-Human Transmission):

    1. संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, पेशाब या शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क से।
    1. अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण की कमी होने पर स्वास्थ्यकर्मियों में भी फैल सकता है।

लासा फीवर लक्षण (Symptoms of Lassa Fever)

लासा फीवर के लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं, आमतौर पर संक्रमण के 6 से 21 दिन बाद दिखाई देते हैं।

प्रारंभिक लक्षण (Early Symptoms):

  • बुखार (Fever)
  • सिरदर्द (Headache)
  • गले में दर्द (Sore throat)
  • कमजोरी और थकान (Fatigue)
  • मांसपेशियों में दर्द (Muscle pain)
  • उल्टी या मतली (Nausea and vomiting)

गंभीर लक्षण (Severe Symptoms):

  • खून आना (Bleeding from gums, nose, or intestines)
  • पेट दर्द और दस्त
  • चेहरा सूजना (Facial swelling)
  • झटके (Seizures)
  • सांस लेने में कठिनाई (Breathing difficulty)
  • बहरेपन (Hearing loss)
  • कोमा या मृत्यु (Severe cases)

कैसे फैलता है (Mode of Transmission)

  • संक्रमित चूहे के मूत्र, मल या खून से दूषित खाद्य पदार्थ या वस्तुएँ खाने या छूने से।
  • संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के प्रत्यक्ष संपर्क से।
  • अस्पताल में उपयोग की गई असुरक्षित सुई या उपकरणों से।

जोखिम कारक (Risk Factors)

  • ग्रामीण या गरीब इलाकों में रहना जहाँ चूहे अधिक पाए जाते हैं।
  • संक्रमित व्यक्ति की देखभाल करना।
  • अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण उपायों की कमी।
  • दूषित भोजन या अनाज का सेवन।

जटिलताएँ (Complications)

  • बहरेपन (Hearing loss): लगभग 30% मामलों में।
  • गर्भवती महिलाओं में गर्भपात या मृत्यु।
  • शॉक (Shock) और बहु-अंग विफलता (Multiple organ failure)
  • मृत्यु दर: गंभीर मामलों में 15–20% तक।

निदान (Diagnosis of Lassa Fever)

  1. रक्त परीक्षण (Blood Test): वायरस या एंटीबॉडी की पहचान के लिए।
  2. PCR (Polymerase Chain Reaction): वायरस के RNA की पहचान के लिए।
  3. ELISA Test: एंटीबॉडी (IgM, IgG) और एंटीजन की जांच।
  4. वायरल कल्चर (Viral culture): विशेष प्रयोगशालाओं में।

लासा फीवर इलाज (Treatment of Lassa Fever)

लासा फीवर का कोई विशिष्ट टीका नहीं है, लेकिन शीघ्र उपचार से मृत्यु का खतरा कम किया जा सकता है।

  1. एंटीवायरल दवा:

    1. Ribavirin (रिबाविरिन) — संक्रमण के शुरुआती चरण में देने पर प्रभावी।
  2. सहायक उपचार (Supportive Care):

    1. तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना।
    2. ऑक्सीजन देना यदि साँस की दिक्कत हो।
    3. ब्लड ट्रांसफ्यूजन यदि खून की कमी हो।
    4. संक्रमण नियंत्रण के कड़े उपाय।

रोकथाम (Prevention of Lassa Fever)

1. चूहे से बचाव:

  • घर में चूहों को प्रवेश न करने दें।
  • खाना ढककर रखें।
  • घर और रसोई को स्वच्छ रखें।

2. व्यक्तिगत स्वच्छता:

  • हाथों को साबुन से बार-बार धोएँ।
  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।

3. अस्पताल में सावधानियाँ:

  • दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
  • सुई और उपकरणों का सुरक्षित निपटान करें।

4. सामुदायिक स्तर पर:

  • स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता फैलाना।
  • संक्रमण फैलने पर क्वारंटाइन और निगरानी।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: क्या लासा फीवर घातक है?
उत्तर: हाँ, यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है, खासकर गर्भवती महिलाओं में।

प्रश्न 2: क्या इसका टीका उपलब्ध है?
उत्तर: नहीं, वर्तमान में लासा फीवर के लिए कोई वैक्सीन नहीं है, लेकिन शोध जारी है।

प्रश्न 3: क्या यह व्यक्ति से व्यक्ति में फैल सकता है?
उत्तर: हाँ, संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से।

प्रश्न 4: क्या रिबाविरिन से यह ठीक हो सकता है?
उत्तर: शुरुआती चरण में रिबाविरिन प्रभावी साबित हो सकती है।

निष्कर्ष (Conclusion)

लासा फीवर एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य संक्रमण है।
साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाए रखना इसका सबसे प्रभावी बचाव है।
यदि किसी को बुखार, कमजोरी, या खून आने जैसे लक्षण हों, विशेषकर यदि वह संक्रमित क्षेत्र से आया हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।


एक टिप्पणी भेजें (0)
और नया पुराने